महासमुन्द
3-4 दिनों के भीतर 10 मामले अस्पताल पहुंचेे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 8 मई। महासमुंद जिले में डॉग बाइट के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। आवारा कुत्ते राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं।
अभी हाल में 3-4 दिनों के भीतर आवारा कुत्तों ने पिथौरा, जामपाली, बरेकेल और जंधोरा में 10 लोगों को घायल किया है। इसमें दो साल की बच्ची भूमि भी शामिल है। वह अपने घर के बाहर सहेलियों के साथ खेल रही थी। तभी गली से कुत्तों का झुंड आ गया और बच्ची के पैर को पकड़ लिया। इससे बच्ची रोने लगी। बाकी बच्चों ने भागकर जान बचाई। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास लोग डंडा लेकर दौड़े और कुत्तों को भगाया। सीएचसी पिथौरा में ले जाकर बच्ची को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाया गया।
जिला अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच 3486 लोग कुत्तों के काटने के बाद उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, पिथौरा क्षेत्र से सबसे अधिक 927 मामले सामने आए हैं। हाल के दिनों में पिथौरा क्षेत्र के जामपाली, बरेकेल और जंभोरा गांवों से भी डॉग बाइट के कई मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें दो वर्षीय बच्ची भूमि साहू भी शामिल है, जिसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा ले जाया गया, जहां उसे एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया।
जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. बसंत महेश्वरी ने बताया कि हर महीने औसतन 580 से अधिक लोग डॉग बाइट की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध है।
डॉ. महेश्वरी के अनुसार, गर्मी, पानी की कमी, भूख और लगातार धूप में रहने जैसी परिस्थितियों के कारण कुत्तों के व्यवहार में आक्रामकता बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के दौरान मादा कुत्तों का व्यवहार अधिक सतर्क हो सकता है। बीमारी, दर्द या खतरा महसूस होने की स्थिति में भी कुत्तों द्वारा हमला किए जाने की संभावना रहती है।
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं अंजना नायडू ने बताया कि प्रजनन काल और मौसम संबंधी परिस्थितियों के दौरान कुत्तों के व्यवहार में बदलाव देखा जाता है।
डॉक्टरों की मानें तो जिले में कुत्तों के हमले से जुड़े आंकड़े काफ ी गंभीर हैं। एक साल से लावारिस कुत्तों को इंजेक्शन लगाना और उन्हें बधियाकरण का काम बंद है। लोग कुत्तों से परेशान हैं और अकेले चलने से घबराते हैं। आवारा कुत्तों को पकडऩे की दिशा में भी नगर पालिका से कोई उम्मीद नहीं दिख रहा है।


