महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 8 मई। पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम मैमरा में एक गर्भवती नवविवाहिता की मौत के मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। यह घटना 16 अप्रैल की बताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार, मृतका सरिता पटेल की शादी को एक वर्ष से कम समय हुआ था। उनका कहना है कि घटना के बाद शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मामले की जानकारी बाद में दी गई।
मृतका के पिता रूपलाल पटेल ने बताया कि उन्हें सूचना मिलने पर वे रिश्तेदारों के साथ मैमरा पहुंचे। उनका कहना है कि बाद में पता चला कि सरिता की मृत्यु हो चुकी थी और शव पिथौरा में रखा गया था। उन्होंने कहा कि परिवार को बताया गया कि सरिता ने फांसी लगाई थी।
मृतका के मामा गजानंद पटेल ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि सभी काम इतनी जल्दीबाजी में किया गया कि किसी को भी कुछ सोचने समझने का मौका ही नहीं मिला। तुलाराम ने अपने गांव वालों और समाज वालों को भी सरिता की मौत की खबर नहीं दी। इसलिए मायके वालों को संदेह हुआ। इसके बाद आस पड़ोस के ग्रामीणों से पता करने पर जानकारी मिली कि एक लडक़ी ने सरिता को फ ांसी पर झूलते देखा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पति-पत्नी के बीच विवाद की जानकारी आसपास के लोगों से मिली थी। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि मामले में पुलिस को आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पांडेय ने कहा कि परिवार की ओर से तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। उन्होंने कहा कि यदि उस समय पुलिस को सूचना दी जाती या शव को दफनाया जाता, तो जांच में अधिक सहायता मिल सकती थी। उनके अनुसार, मामले की जांच जारी है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी संभावित साक्ष्य और तथ्यों की जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


