महासमुन्द

पुलिस आरक्षक भर्ती को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
21-Dec-2025 7:52 PM
पुलिस आरक्षक भर्ती को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर जांच और परीक्षा निरस्त करने की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बागबाहरा, 21 दिसंबर। पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2023-24 को लेकर कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा के नेतृत्व में कुछ अभ्यर्थियों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से दिया गया।

कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने बताया कि बागबाहरा विकासखंड के कुछ अभ्यर्थियों—बोधन नायक, पंकज साहू, कुलेश्वर, मुकेश दीवान, चेतक कुमार, किशन कुमार, लुकेश्वर दीवान सहित अन्य ने लिखित एवं शारीरिक परीक्षा में शामिल होने के बाद परिणामों को लेकर आपत्ति जताई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही और परिणामों को लेकर कई विसंगतियां सामने आई हैं।

अभ्यर्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार नारायणपुर जिले में 34 अभ्यर्थियों का पंजीयन एक ही आईडी से दिखाया गया। राजनांदगांव में कम अंक प्राप्त करने वाले कुछ अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जबकि अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची में रखे गए। बालोद जिले की एक अभ्यर्थी के शारीरिक दक्षता परीक्षा के अंक दो अलग-अलग वर्गों की प्रतीक्षा सूची में भिन्न दर्शाए गए।

 139 अंक प्राप्त करने वाले एक अभ्यर्थी के चयन होने और 152 अंक पाने वाले अभ्यर्थी के प्रतीक्षा सूची में होने का दावा किया गया। भर्ती प्रक्रिया में वर्ष 2007 और 2013 के भर्ती नियमों का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया।

 अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि जिस निजी कंपनी को पूर्व में राजनांदगांव प्रकरण में शारीरिक परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के चलते ब्लैकलिस्ट किया गया था, उसी को पुन: टेंडर दिए जाने की बात सामने आई है।  शारीरिक दक्षता परीक्षा में लंबी कूद, ऊंची कूद, 100 मीटर और 800 मीटर दौड़ के अलग-अलग अंक सार्वजनिक नहीं किए गए। एक चयनित अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा में कम अंक मिलने के बावजूद चयनित किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने कहा कि अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर उन्होंने राज्यपाल से पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा को निरस्त करने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

प्रशासन या भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभाग की ओर से इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


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