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लगातार संक्रमितों का आंकड़ा हजार पार कर रहा, 1214 नये मरीज मिले, 45 की मौत
19-Apr-2021 10:15 AM
लगातार संक्रमितों का आंकड़ा हजार पार कर रहा, 1214 नये मरीज मिले, 45 की मौत

नये ऑक्सीजन बेड बढ़ाने के लिये कई स्तर पर तैयारी, प्रवासी मजदूर लौट रहे, गांवों में केस बढ़े

बिलासपुर, 19 अप्रैल। बीते 24 घंटे के दौरान जिले में 1214 नए कोरोना मरीज मिले हैं। इस दौरान 45 मरीजों की मौत हो गई। संक्रमितों और मौतों की संख्या मामूली कम हुई है पर आंकड़ा हजार से पार जा रहा है।

इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज बड़ी संख्या में हैं। तखतपुर नगर और ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर 80 नए संक्रमित मिले । अकेले तखतपुर नगर में ही 40 मरीजों के मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। कोटा में 44, रतनपुर में 24 सिलपहरी में 11 तथा नगर निगम सीमा के  में सिरगिट्टी में रविवार को 33 संक्रमित मरीज मिले हैं। शहर के हेमू नगर में 22, सरकंडा में 21, सिंधी कॉलोनी में 11, भारतीय नगर कोनी लिंक रोड यमुनानगर आदि में भी मरीज मिले हैं। बरतोरी में 6 तथा विनोबा नगर में 10 संक्रमित मिले हैं। मृतकों में मोपका का एक 103 वर्षीय वृद्ध भी शामिल है। कश्यप कॉलोनी के एक ही परिवार के पांच लोग संक्रमित पाये गये हैं। साथ ही सेंट्रल जेल के एक सजायाफ्ता कैदी ने भी कोरोना से जान गंवाई है। 45 मृतकों में 30 बिलासपुर जिले के तथा 15 अन्य जिलों से हैं। संभागीय कोविड अस्पताल में 3 तथा शेष की निजी अस्पतालों में मौत हुई।

जिले में 18 अप्रैल तक 36500 नए कोरोना संक्रमितों का पता चल चुका है। इस समय यहां पर एक्टिव मरीजों की संख्या 8000 से अधिक है, जो रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव के बाद चौथी बड़ी संख्या है।

मुक्तिधाम में जगह कम, अरपा किनारे शवदाह

मृतकों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण जिला प्रशासन ने दाह संस्कार के लिये टोकन सिस्टम की व्यवस्था कर रखी है लेकिन इससे स्थिति सुधरी नहीं। मुक्तिधाम सरकंडा में घंटों इंतजार करने के बाद लोग शवों को तोरवा में अरपा नदी के किनारे स्थित शवदाह गृह ले जा रहे थे। पर वहां भी जगह नहीं थी, तब नदी के किनारे खुले में शवों का दाह संस्कार किया गया। महापौर रामशरण यादव ने रेलवे महाप्रबंधक से बात कर यहां पर 10 शवदाह शेड बनाने के लिये राशि देने की मांग की है।

बेड बढ़ाने कई स्तर पर तैयारी

संभागीय कोविड अस्पताल में कल हुए ऑक्सीजन लीकेज को सुधार लिया गया। यहां पर फिलहाल 100 बेड हैं, जल्द ही 80 बेड और तैयार किये जाने की बात सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन ने कही है। उन्होंने कहा कि यहां पर एक और ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। जो नये बेड तैयार होंगे उन सभी को ऑक्सीजन बेड के रूप में तैयार करने का प्रयास है। कोविड अस्पताल में नये मरीजों की कतार लगी हुई है। कई मरीजों का एम्बुलेंस में ही उपचार कराया गया है। जिन मरीजों की हालत सुधर रही है, उन्हें बेड खाली कर होम आइसोलेशन पर भेजा जा रहा है। ऐसे 12 मरीजों को रविवार को रिलीव कर नये मरीजों को भर्ती कराया गया।

रमतला स्थित कोविड केयर सेंटर में भी सुविधायें बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विधायक शैलेष पांडे इस सेंटर का निरीक्षण किया। यहां 100 बिस्तर हैं और करीब 40 खाली भी हैं, पर ऑक्सीजन बेड 10 ही हैं। पांडे ने यहां के सभी 100 बिस्तरों में ऑक्सीजन की सुविधा देने के लिये स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने रेलवे को पत्र लिखकर आइसोलेशन व इलाज के लिये तैयार किये गये कोच में व्यवस्था शुरू करने का कहा है। रेलवे ने इसके लिये उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने की बात कही है।

इस समय निजी और सरकारी अस्पतालों में मिलाकर कुल मिलाकर 1063 बिस्तरों की व्यवस्था है जबकि प्रतिदिन नए संक्रमितों की संख्या ही इससे अधिक है। हालांकि इनमें से अनेक लोग होम आइसोलेशन पर रहकर इलाज करा रहे हैं।  यहां तक कि अनेक वीआईपी मरीजों को भी बिस्तरों की व्यवस्था करने में भारी दिक्कत जा रही है। कुछ निजी अस्पतालों ने अपने गेट पर ताला भी जड़ दिया है जहां पर हर समय 8-10 मरीज बेड खाली होने की प्रतीक्षा में खड़े हुए हैं।

रतनपुर महामाया मंदिर ट्रस्ट ने जिला प्रशासन को प्रस्ताव दिया है कि वह लखनी देवी मंदिर परिसर में कोविड अस्पताल स्थापित करने के लिए तैयार हैं। इनके आठ कमरों को इसके लिए दिया जा सकता है। मंदिर प्रबंधन ऑक्सीजन सिलेंडर, पलंग, वेंटिलेटर और संक्रमितों के लिए भोजन की व्यवस्था करेगा, पर उन्होंने प्रशासन डॉक्टर और अन्य स्टाफ दे। इस सेंटर के बन जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे मरीजों के इलाज में काफी सुविधा हो जायेगी।

प्रवासी मजदूर न बनें खतरा

ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नये संक्रमित सामने आने के पीछे प्रवासी मजदूरों का लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से लौटना बताया जा रहा है। इन मजदूरों को बीते साल सामुदायिक भवनों, शाला भवनों में क्वारांटीन किया गया था लेकिन इस बार ऐसा करने के लिये कोई बजट जिला प्रशासन के पास नहीं आया है। जिला पंचायत सीईओ हैरिश एस के अनुसार पंचायत सचिवों से कहा गया है कि वे बाहर से लौटे मजदूरों की सूची बनाये व उन्हें कम से कम घर पर ही एक सप्ताह क्वारांटीन पर रखें। ज्ञात हो कि रेलवे स्टेशन से उतरकर ये मरीज सीधे अपने घर गांव जा रहे हैं। स्टेशन पर बहुत कम यात्रियों का एंटीजन टेस्ट हो रहा है। अधिकांश का कोई टेस्ट नहीं हो रहा है।

टीकाकरण की गति धीमी पड़ी

लॉकडाउन के बीच जिले में टीकाकरण की रफ्तार भी धीमी हो रही है। केवल 3809 लोगों ने रविवार को टीकाकरण कराया। हर दिन 22000 लोगों को टीका लगवाने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन यह कल 18% ही रहा। 45 से 60 साल के बीच वाले 3216 लोगों ने और 60 वर्ष से अधिक उम्र के 805 लोगों ने टीका लगवाया। टीकाकरण के लिए शासन ने सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से भी लोगों को प्रोत्साहित करने की अपील की है।  कुछ सामाजिक भवनों में भी टीकाकरण केंद्र गये हैं लेकिन अभी उन्हें लेकर उत्साह नहीं दिखाई दे रहा है।


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