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बैठक में मामला सुलझा
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
जगदलपुर, 24 मई। बस्तर प्रखंड के ग्राम पंचायत मोहलई में एक मतातंरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों की बैठक के बाद सुलझा लिया गया। अंतत: परिवार द्वारा मृतका का अंतिम संस्कार ईसाई कब्रिस्तान ले जाकर किया गया।
मोहलई निवासी फूलमनी बघेल की मृत्यु के बाद परिजन ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसे लेकर ग्राम के माहरा समाज के मुक्तिधाम के उपयोग पर कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। इसके बाद गांव में बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि मुक्तिधाम का उपयोग लंबे समय से स्थानीय परंपराओं के अनुसार किया जाता रहा है और उसी व्यवस्था को बनाए रखा जाना चाहिए।
बजरंग दल विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने कहा कि हमारी पारंपरिक मान्यताओं, संस्कृति और स्थानीय संसाधनों पर किसी भी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
माहरा समाज के पदाधिकारी घनश्याम नाग ने कहा कि सामाजिक समरसता और हमारी परंपराएं सर्वोपरि हैं। समाज के मुक्तिधाम का उपयोग तय सामाजिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के लिए ही हो सकता है।
विहिप बस्तर प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद पारंपरिक संस्कारों और संसाधनों पर अधिकार समाप्त हो जाता है। सनातन संस्कृति और जनजातीय परंपराओं की रक्षा के लिए विहिप समाज के साथ खड़ी है।
बैठक के बाद मृतका के परिजनों ने शव को ईसाई कब्रिस्तान ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
इस दौरान ग्राम सभापति श्याम सुंदर बघेल, उपसरपंच सनत बघेल सहित अन्य ग्रामीण और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


