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रायपुर, 24 मई। आज शाम दिल्ली में देश भर के आदिवासी समाज का समागम आयोजित किया गया है। इसमें समाज के केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे। कल रायपुर आए केंद्रीय जनजाति राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया है कि जनजाति समाज की भावना और मांगों के अनुरूप ही केंद्र सरकार डी-लिस्टिंग (Delisting) पर निर्णय लेगी।उन्होंने डी-लिस्टिंग और धर्मांतरण को लेकर कहा कि जनजाति समाज के मन में धर्मांतरित लोगों के खिलाफ भारी आक्रोश है। समाज का मानना है कि जो लोग दूसरे धर्म अपना चुके हैं, उन्हें आदिवासी आरक्षण और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिलना चाहिए।आरक्षण खत्म करने की उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि जो लोग मतांतरित हो गए हैं, उन्हें मिलने वाला आरक्षण समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र धर्म और संस्कृति के संरक्षण का कार्य हो रहा है और सरकार आदिवासियों की पारंपरिक बोली, भाषा और संस्कृति के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में आयोजित 'जनजाति समागम महागर्जना रैली' के दौरान जनजाति समुदाय की इन गंभीर चिंताओं को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
वे, रोजगार मेले में शामिल होने आए हुए थे।


