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खनिज सचिव की दो टूक, अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 अप्रैल। प्रदेश में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई के लिए सरकार ने निर्देश दिए है। यह कहा गया कि सीएम के निर्देशों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही अब सीधे कलेक्टरों की जिम्मेदारी तय करेगी।
खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने रेत आपूर्ति करने वाले 11 प्रमुख जिलों के कलेक्टरों की वर्चुअल बैठक लेकर दो टूक कहा कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती से अमल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रोन सर्वे या केंद्रीय उड़नदस्ता की जांच में यदि किसी जिले में अवैध उत्खनन पाया जाता है तो संबंधित कलेक्टर और खनिज अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रदेश में रेत की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी न हो और स्वीकृत खदानों से क्षमता के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को उचित दर पर रेत उपलब्ध हो सके। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत देने के आदेशों का कड़ाई से पालन करने पर भी जोर दिया गया, ताकि इसकी आड़ में अवैध गतिविधियां न पनपें।
खनिज सचिव ने नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा में बेहतर प्रगति पर संतोष जताया, जबकि धमतरी, बिलासपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लंबित खदानों की नीलामी तेज करने और पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
साथ ही, अवैध खनन वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन कर सतत कार्रवाई, शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर तत्काल संज्ञान लेने और साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए गए।


