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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 3 मार्च। छत्तीसगढ़ के तीन लाख से ज्यादा सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ते (डीए) के भुगतान के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार को चार हफ्तों के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का कहना है कि वर्ष 2017 से महंगाई भत्ते की राशि लंबित है। इस मुद्दे को लेकर फेडरेशन ने पिछले हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई।
याचिका में कहा गया है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका बकाया डीए और डीआर (महंगाई राहत) नहीं मिला है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने अदालत को बताया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को कर्मचारियों और पेंशनरों का वैधानिक अधिकार माना है। साथ ही इनके भुगतान का निर्देश भी दिया है।
इसी निर्णय के आधार पर राज्य में भी लंबित भुगतान की मांग उठाई गई है। याचिका में कहा गया है कि जब यह अधिकार कानूनी रूप से मान्य है, तो भुगतान में देरी उचित नहीं है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करे।


