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‘गोल्ड’ पर वेदांता समेत कई कंपनियों की नजर
07-Nov-2025 4:51 PM
‘गोल्ड’ पर वेदांता समेत कई कंपनियों की नजर

4 सिल्वर-आयरन ओर खदान के लिए प्री बिड मीटिंग, 19 को नीलामी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 7 नवंबर। प्रदेश के एक गोल्ड, और सिल्वर समेत कुल 5 खदानों की नीलामी में नामी गिरामी कंपनियां रूचि ले रही हैं। गुरुवार को प्री बिड मीटिंग में आधा दर्जन कंपनियों ने हिस्सा लिया। खदानों की आन लाइन नीलामी 19 तारीख को होगी।

खनिज संचालनालय ने नीलामी से आन लाइन प्री-बिड मीटिंग रखी थी। इसमें वेदांता, कार्तिकेय एक्सप्लोरेशन नागपुर के अलावा जिन्दल समूह,  कोल इंडिया, एनएमडीसी और एनएमडीसी सहित अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि थे।

बताया गया कि कंपनियों ने विशेषकर गोल्ड मांइस को लेकर पूछताछ की है। वेंदाता, और कुछ और कंपनियों ने गोल्ड मांइस पर  विशेष दिलचस्पी दिखाई है। वेदांता, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सोनाखान के बागमहरा गोल्ड मांइस के पूर्वेक्षण कर रही है। कुछ महीने पहले वेदांता ने उक्त छत्तीसगढ़ की पहली गोल्ड मांइस को हासिल किया था। यही नहीं,एक सिल्वर, कॉपर, बेस मेटल्स के अलावा दो लाइम स्टोन व एक आयरन ओर  माइंस की नीलामी के लिए ऑफर बुलाए गए हैं। केन्द्र सरकार की एजेंसी एमएमटीसी के माध्यम से नीलामी होगी। वर्तमान में महासमुंद जिले के करणखोल-रचपालपुर इलाके में गोल्ड की पुष्टि होने के बाद खनिज साधन संचानालय ने नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गोल्ड माइंस की करीब डेढ़ सौ हेक्टेयर क्षेत्र चिन्हित की गई है। चयनित कंपनियों को कंपोजिट लाइसेंस दिए जाएंगे। यानी कंपनियों प्रास्पेटिंग के बाद माइनिंग लीज के लिए अलग से लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी।

 

बलरामपुर जिले के धुलांगी में करीब डेढ़ सौ हेक्टेयर क्षेत्र में बेस मेटल्स और एसोसिएट मिनरल्स (सिल्वर और कापर) की पुष्टि होने के बाद आफर बुलाए गए हैं। इससे परे खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गोपालटोला में करीब 1217 हेक्टेयर क्षेत्र में आयरनओर माइंस के लिए भी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा कबीरधाम इलाके के भीकुरिया-छंटा  में लाइम स्टोन, और जगमड़वा-हनाईबांध में लाइम स्टोन ब्लॉक के लिए भी ऑफर बुलाए गए हैं। दोनों खदान क्रमश: 399 और 304 हेक्टेयर की हैं।

इसमें वेदांता, जिंदल सहित कई अन्य कंपनियों ने रूचि दिखाई है। 17 नवंबर तक टेंडर जमा किए जा सकते हैं, और फिर 19 तारीख को टेंडर ओपन किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक लाइम स्टोन की माइंस के लिए प्रदेश की सभी सीमेंट कंपनियां रूचि दिखा रही हैं। इनमें अडानी, अल्ट्राटेक, और श्री सीमेंट भी हैं। इसी तरह आयरनओर की खदान पर भी प्रदेश की ही प्रमुख स्टील कंपनियां की नजर है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस नीलामी से आने वाले समय में सैकड़ों करोड़ रुपये तक राजस्व की प्राप्ति हो सकती है।


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