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छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 1 नवंबर। राज्य के बहुचर्चित रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज रिश्वत कांड में फंसे पांच आरोपियों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। इन पर आरोप है कि नेशनल मेडिकल कमीशन के निरीक्षकों को कॉलेज के पक्ष में अनुकूल रिपोर्ट देने के लिए रिश्वत दी गई थी। इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने बताया कि इस केस में 18 हजार से अधिक पन्नों की चार्जशीट और 129 गवाह हैं, ऐसे में मुकदमे के जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ देव और हर्षवर्धन परगनिहा ने पैरवी की। उन्होंने कहा कि गीतांजलि यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार मयूर रावल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है।
सीबीआई ने रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च के एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर अतुल तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अतीन कुंडू, और एनएमसी के तीन अधिकारियों डॉ. अशोक डी. शेल्के, डॉ. मंजप्पा, और चित्रा मदनहल्ली को गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि कॉलेज को मान्यता दिलाने के लिए रिश्वत लेकर अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई।


