अंतरराष्ट्रीय
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने कहा है कि अमेरिका की इस्फ़हान में हुई कार्रवाई का मक़सद "ईरान से यूरेनियम चुराना" भी हो सकता है.
जबकि अमेरिका ने इस्फ़हान के दक्षिण में हुई कार्रवाई को अपने लापता एयरमैन को बचाने का मिशन बताया था. यह एयरमैन ईरानी आसमान में निशाना बने दूसरे एफ़-15 लड़ाकू विमान का क्रू मेंबर था.
सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पेंटागन ने इस कार्रवाई को "अपनी जीत" बताया था. वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग और जानकारों ने अंदेशा जताया कि इतनी बड़ी कार्रवाई का मक़सद इस्फ़हान से 200 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ट्रांसफ़र करना था.
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बग़ाई ने भी कहा कि इस्फ़हान के दक्षिण हुए अमेरिकी ऑपरेशन का मक़सद ईरान से 'यूरेनियम चुराना' हो सकता है और इस संभावना को अनदेखा नहीं किया जा सकता.
हालांकि, व्हाइट हाउस और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इन क़यासों पर कोई जवाब नहीं दिया है.
दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि अमेरिका को इस मिशन में काफ़ी नुक़सान का सामना करना पड़ा है. (bbc.com/hindi)


