दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 11 मई। संत निरंकारी मंडल ब्रांच दुर्ग भिलाई की बाल संगत द्वारा बाल समागम का आयोजन संत निरंकारी सत्संग भवन सेक्टर 8 भिलाई में किया गया। निरंकारी बाल समागम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से आध्यात्मिक मूल्यों का सुंदर संदेश दिया। गीत, नृत्य एवं नाटक की प्रस्तुतियों के जरिए बच्चों ने विनम्रता, समर्पण, शुकराना, सहनशीलता एवं सद्भावना जैसे मानवीय गुणों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
समागम में बच्चों ने बताया कि यदि बचपन से ही संस्कारों एवं आध्यात्मिकता का समावेश जीवन में हो, तो समाज में प्रेम, भाईचारा और मानवता की भावना और अधिक मजबूत होती है। विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि जीवन में नम्रता और सहनशीलता अपनाकर ही सच्ची खुशियों एवं शांति को प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित संत महात्माओं एवं अभिभावकों ने बच्चों की प्रतिभा और उनके आत्मविश्वास की सराहना की।
ब्रांच संयोजक सतपाल सैनी ने कहा कि बच्चे हमारा भविष्य है इन बच्चों को बचपन से ही मानवीय गुणों से भरपूर सेवा,मानवता की सीख देंगे तो ही ये बच्चे मानवता व देश हित मे अपना अमूल्य योगदान प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रायपुर से आई बहन रिया जसवानी ने कहा बाल संगत बच्चों के आध्यात्मिक भविष्य के लिए जरूरी है साथ ही एक श्रेष्ठ मानव जो मानवीय गुणों से सम्पन्न होगा वो शिक्षा इस बाल संगत से ही संभव है। समागम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, प्रेम एवं उत्साह से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से पंजाबी गीत, छत्तीसगढ़ संस्कृति को दर्शाता नृत्य,सिंधी भाषा का सहारा लेते हुए गीत व नृत्य, उडिय़ा नृत्य द्वारा अनेकता में एकता का संदेश दिया। बाल समागम में दुर्ग भिलाई के बच्चों के अलावा जामुल,उरला,चीचा, अहिवारा व आसपास के बच्चों ने भाग लिया। यह जानकारी मीडिया प्रभारी शंकर सचदेव ने दी।


