दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 9 मार्च। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उक्त बातें अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सतनाम भवन कसारीडीह में आयोजित महिला दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने व्यक्त की। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर अलका बाघमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास समिति की प्रभारी शशि साहू उपस्थित रहीं।
श्री यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही महिलाओं को विशेष सम्मान दिया जाता रहा है। हमारी सनातन परंपरा में भी भगवानों के साथ माता का नाम पहले लिया जाता है, जो समाज में नारी के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि यह योजना बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। इस योजना के तहत बच्चियों के नाम से बैंक खाता खोला जाता है, जिसमें नियमित बचत की जाती है। जब बच्ची 18 वर्ष की आयु पूर्ण करती है, तब उसे इस बचत का लाभ मिलता है।
इस योजना के तहत 0 से 5 वर्ष तक की बच्चियों के नाम से खाता खोलकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नारी दुर्गावती योजना भी प्रारंभ की गई है। इस
योजना के अंतर्गत बेटियों को उनके जन्म के समय ही जोड़ा जाएगा और 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उनके भविष्य को मजबूत आधार मिल सके।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये की राशि सीधे जमा की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी संचालन, बच्चों की देखभाल और परिवार तथा समाज के विकास में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि महिलाओं की भूमिका हर क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज, संस्कृति और परंपरा में महिलाओं को सदैव सम्मान दिया गया है, जो दुनिया के कई अन्य देशों में देखने को नहीं मिलता।
इस दौरान महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं से उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायता मिली है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया और विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों को चेक भी वितरित किए गए। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी आर.के. जाम्बुलकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय साहू सहित विभागीय अधिकारी, पार्षद व जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।


