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शिक्षा के प्रति बदलती अवधारणाओं, मूल्यांकन सुधारों और विकास पर अभिभावक-जागरूकता
09-Feb-2026 3:02 PM
शिक्षा के प्रति बदलती अवधारणाओं, मूल्यांकन सुधारों और विकास पर अभिभावक-जागरूकता

जेपी इंटरनेशनल में सीबीएसई क्षमता निर्माण

कांकेर, 9 फरवरी।  जेपी इंटरनेशनल स्कूल, कांकेर के प्राचार्य ने बताया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के उत्कृष्टता केंद्र, भुवनेश्वर के मार्गदर्शन में आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम ने शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य में विद्यालय और अभिभावकों की साझेदारी को केंद्र में रखकर सार्थक विमर्श का अवसर प्रदान किया।

प्राचार्य ने बताया कि कार्यक्रम का विषय था — अभिभावकों को शिक्षा के बारे में शिक्षित करना। इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों को शिक्षा की बदलती अवधारणाओं, मूल्यांकन सुधारों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनकी निर्णायक भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में नगमा खातून (सीबीएसई आईसी/टीजीटी), डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, मैनपुर, गरियाबंद तथा बी. हेमलता (स्नातकोत्तर शिक्षक-अंग्रेज़ी), ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल, रायपुर उपस्थित रहीं।

 

प्राचार्य ने बताया कि  दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव, उदाहरणों और व्यावहारिक दृष्टिकोण के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि आधुनिक शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन कौशल, मूल्यबोध, भावनात्मक संतुलन और व्यवहारिक समझ का विकास भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है। जेपी इंटरनेशनल स्कूल, कांकेर के शिक्षकों के साथ-साथ पैराडाइज स्कूल, कांकेर के शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों के बीच विचारों के आदान-प्रदान ने कार्यक्रम को अधिक समृद्ध और संवादात्मक बनाया।

प्राचार्य ने बताया कि साझा अनुभवों ने यह संदेश दिया कि जब विद्यालय एक-दूसरे से सीखते हैं, तो शिक्षा की गुणवत्ता स्वत: बेहतर होती है। आज शिक्षा का लक्ष्य केवल परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, संवेदनशील और आत्मनिर्भर नागरिक बनाना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभव है, जब अभिभावक शिक्षा की वास्तविक प्रक्रिया को समझें और विद्यालय के साथ समन्वित भूमिका निभाएँ।


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