-आदेश कुमार गुप्त
संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में खेले जा रहे आईसीसी टी-20 विश्व कप 2021 में बुधवार को अबु धाबी में भारत और अफ़ग़ानिस्तान आमने सामने थे. भारत इस मैच में करो या मरो वाली हालत के साथ-साथ, अगर-मगर, किंतु-परंतु और कुछ उलटफेर होने वाली संभावनाओं के साथ मैदान में उतरा.
अगर-मगर ऐसे कि वह अफ़ग़ानिस्तान को बड़े अंतर से हरा दे, फ़िर उम्मीद करे कि अगले मुक़ाबले में अफ़ग़ानिस्तान, न्यूज़ीलैंड को हरा दे. यही नहीं, भारत अपने नामीबिया और स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ होने वाले मैच को भी एकतरफ़ा जीते, और वह भी 140-160 रनों के विशाल अंतर से, और स्कॉटलैंड भी न्यूज़ीलैंड को हरा दे.
क्रिकेट में आँकड़े बदलते रहते हैं. साल 2017 में हुई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी इस बात की गवाह है जब पाकिस्तान तमाम समीकरणों को सही साबित करता हुआ चैंपियन बनने में कामयाब रहा. वह भी फ़ाइनल में भारत को हराकर.
ख़ैर तब जो हुआ सो हुआ, लेकिन इस बार तमाम समीकरणों का भारत के अनुरूप होना दूर की कौड़ी लगता है. अपनी इस हालत के लिए भारत ख़ुद ज़िम्मेदार है क्योंकि वह पहले पाकिस्तान से दस और उसके बाद न्यूज़ीलैंड से आठ विकेट से हारा.
दूसरी तरफ़ अफ़ग़ानिस्तान दो जीत और एक हार के साथ भारत के ख़िलाफ़ मैदान में उतरा. अफ़ग़ानिस्तान ने स्कॉटलैंड को 130 रनों के बड़े अंतर से, और नामीबिया को 62 रन से हराया. वह पाकिस्तान से कड़े संघर्ष के बाद पाँच विकेट से हारा.
अफ़ग़ानिस्तान से मुक़ाबले से पहले भारत प्वाइंट टेबल में लगातार दो हार के बाद नामीबिया के भी बाद पाँचवें स्थान पर था.
उसके खाते में कोई अंक नहीं था और रन रेट -1.609, जो नामीबिया से भी ख़राब था. नामीबिया के खाते में तीन मैचों में दो हार, एक जीत, दो अंक और रन रेट -1.600 था.
अफ़ग़ानिस्तान पर जीत
अंततः भारत ने अफ़ग़ानिस्तान से टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी का न्यौता पाकर केएल राहुल के 69 और रोहित शर्मा के 74 रन की मदद से निर्धारित 20 ओवर में दो विकेट खोकर 210 रन बनाए.
इसके जवाब में जीत के लिए 211 रनों की तलाश में अफ़ग़ानिस्तान की टीम सात विकेट खोकर 144 रन ही बना सकी और उसे 66 रनों से करारी मात मिली.
दरअसल 210 रन जैसे विशाल स्कोर के दबाव में अफ़ग़ानिस्तान की पारी शुरुआत में ही लड़खड़ा गई. उसके सलामी बल्लेबाज़ मोहम्मद शहज़ाद तीसरे ओवर में ही बिना कोई रन बनाए मोहम्मद शमी की गेंद पर आर अश्विन के हाथों कैच हो गए.
तब अफ़ग़ानिस्तान का स्कोर 13 रन था. इसके बाद इसी स्कोर पर दूसरे छोर पर खेल रहे हज़रतुल्लाह ज़ज़ाई भी जसप्रीत बुमराह की गेंद पर शार्दूल ठाकुर को कैच दे बैठे. उन्होंने 13 रन बनाए.
इसके बाद मैदान में उतरे रहमनुल्लाह गुरबाज़ ने केवल दस गेंदों पर एक चौके और दो छक्के की मदद से 19 रन बनाकर मैच में रोमांच की लहर पैदा कि लेकिन वह भी आउट होकर चलते बने.
उन्हें रविंद्र जडेजा की गेंद पर हार्दिक पांडया ने लपका. 48 रन तक अफ़ग़ानिस्तान के तीन विकेट गिर चुके थे. इसके बाद आर अश्विन ने गुलबदीन नाएब का शिकार किया. गुलबदीन ने तीन चौके सहित 18 रन बनाए. वह आर अश्विन की गेंद पर एलबीडब्लू हुए.
दस ओवर के बाद अफ़ग़ानिस्तान का स्कोर चार विकेट खोकर 61 रन था, यानि उसका टॉप ऑर्डर उड़ चुका था. तब नजीबुल्लाह नौ और मोहम्मद नबी एक रन बनाकर क्रीज़ पर थे.
इसके बाद अफ़ग़ानिस्तान को पाँचवाँ झटका तब लगा जब आर अश्विन ने नजीबुल्लाह को भी बोल्ड कर दिया. उन्होंने 11 रन बनाए. अफ़ग़ानिस्तान ने अपनी पारी के सौ रन 17वें ओवर में पूरे किए जो जसप्रीत बुमराह कर रहे थे. उनके इस ओवर में कप्तान मोहम्मद नबी ने दो चौके लगाए.
आख़िरी तीन ओवर में अफ़ग़ानिस्तान को जीत के लिए 102 रन बनाने थे. नए ओवर की शुरुआत शार्दुल ठाकुर ने की. उनकी गेंद पर लॉन्ग ऑफ़ पर फ़ील्डिंग कर रहे ईशान किशन ने नबी का एक आसान सा कैच छोड़ दिया. इसके बाद अगली ही गेंद पर मोहम्मद नबी ने पहले तो छक्का और फिर चौका लगाकर हार के अंतर को कम किया. शार्दूल ठाकुर के इस ओवर में 16 रन बने.
मोहम्मद नबी इससे पहले कि और ख़तरनाक साबित होते अगले ही ओवर में मोहम्मद शमी ने उन्हें रविंद्र जडेजा के हाथों लपकाया. नबी ने 32 गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से 35 रन बनाए.
अब अफ़ग़ानिस्तान का स्कोर छह विकेट खोकर 127 रन था. नबी और करीम के बीच छठे विकेट के लिए 57 रनों की बेहद महत्वपूर्ण साझेदारी हुई. इस साझेदारी ने भारत के विशाल अंतर से मैच जीतने के मंसूबों पर पानी फेर दिया. नए बल्लेबाज़ राशिद खान को भी शमी ने पहली ही गेंद पर हार्दिक पांडया के हाथों कैच कराया.
आख़िरकार अफ़ग़ानिस्तान ने पूरे बीस ओवर खेलकर सात विकेट पर 144 रन बनाए और उसे 66 रन से हार का सामना करना पड़ा.
भारत ने इस मैच में अपने छह गेंदबाज़ों का इस्तेमाल किया. मोहम्मद शमी ने 32 रन देकर तीन, जसप्रीत बुमराह ने 25 रन देकर एक और रविंद्र जडेजा ने 19 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया. आर अश्विन ने भी 14 रन देकर दो विकेट लिए.
भारत की ज़ोरदार शुरुआत
इस मैच में अफ़ग़ानिस्तान के कप्तान मोहम्मद नबी ने टॉस जीता और पहले भारत को बल्लेबाज़ी करने की दावत दी. इस दावत का पूरा लुत्फ़ उठाते हुए भारत की सलामी जोड़ी केएल राहुल और रोहित शर्मा ने भारत को शानदार शुरुआत दी.
दस ओवर के बाद भारत का स्कोर बिना किसी नुक़सान के 85 रन था. तब रोहित शर्मा 32 गेंदों पर 44 और केएल राहुल केवल 29 गेंदों पर 44 रन बनाकर खेल रहे थे. अफ़ग़ानिस्तान के शर्फुदीन अशरफ़ दो ओवर में 25 और नवीन उल हक़ भी दो ओवर में 24 रन ख़र्च कर चुके थे.
आख़िरकार रोहित शर्मा ने नवीन उल हक़ की गेंद पर ही चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया. इसी ओवर में उन्होंने स्क्वायर लेग पर छक्का लगाकर भारत को सौ रन के पार भी पहुँचाया. रोहित शर्मा ने आख़िरी गेंद को भी चार रन के लिए बाउंड्री लाइन के बाहर भेजा.
11 ओवर के बाद भारत का स्कोर बिना किसी नुक़सान के 107 रन था. अगला ओवर लेकर गुलबदीन नाएब आए जिनकी पहली ही गेंद पर चौका लगाकर दूसरे छोर पर खेल रहे केएल राहुल ने भी टी-20 विश्व कप में अपना पहला अर्धशतक बनाने में नायाब कामयाबी हासिल की.
टी-20 अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में केएल राहुल और रोहित शर्मा के बीच यह चौथी शतकीय साझेदारी रही.
रोहित और राहुल ने जोड़े 140 रन
अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ रोहित शर्मा और केएल राहुल ने पहले विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी की. इस स्कोर पर रोहित शर्मा करीम जन्नत की गेंद पर लॉन्ग ऑफ़ पर छक्का लगाने की कोशिश में कप्तान मोहम्मद नबी के हाथों में कैच दे बैठे. रोहित शर्मा ने 47 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और तीन छक्के की मदद से धुँआधार 74 रन बनाए.
केएल राहुल और रोहित शर्मा के बीच हुई 140 रन की साझेदारी टी-20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी साझेदारी रही. इससे पहले साल 2007 में दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी-20 विश्व कप में वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ डरबन में 136 रनों की साझेदारी की थी.
अभी रोहित शर्मा ने डग आउट में जाकर अपने पैड भी नहीं खोले होंगे कि केवल सात रन बाद यानी 147 रन के स्कोर पर केएल राहुल गुलबदीन नाएब की गेंद पर बोल्ड हो गए. राहुल ने 48 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के के सहारे 69 रन बनाए.
राहुल द्रविड़ के हेड कोच बनने की ख़बर आई
अभी भारत अपनी पारी का 18वां ओवर खेल रहा था कि एक समाचार बिजली की तरह आया कि भारत के पूर्व कप्तान और मिस्टर वॉल के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर राहुल द्रविड़ को बीसीसीआई ने आधिकारिक रूप से भारतीय क्रिकेट टीम का हैड कोच नियुक्त कर दिया है. राहुल द्रविड़ टी-20 विश्व कप के बाद वर्तमान हैड कोच रवि शास्त्री की जगह लेंगे.
पांड्या और पंत ने की चौके छक्कों की बौछार
इस टी-20 विश्व कप में अपनी ख़राब फ़िटनेस और फ़ॉर्म को लेकर आलोचनाओं के घेरे में रहे हार्दिक पांडया ने नवीन उल हक़ के ओवर में दो ज़ोरदार छक्के लगाकर अपने बल्ले पर छाई मायूसी की धूल को दूर किया, जबकि इससे पहले उन्होंने हमीद हसन के ओवर में तीन चौके जड़े.
दूसरी तरफ़ ऋषभ पंत ने भी गुलबदीन की गेंदों पर क्रीज़ पर पहुँचते ही दो ज़ोरदार छक्के लगाए. अंत में हार्दिक पांडया 13 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के की मदद से 35 और ऋषभ पंत भी 13 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्को की मदद से 27 रन बनाकर नाबाद रहे.
भारत ने निर्धारित 20 ओवर खेलकर दो विकेट खोकर 210 रन बनाए. यह इस विश्व कप में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सर्वोच्च रहा. इससे पहले अफ़ग़ानिस्तान ने स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ चार विकेट खोकर 190 रन बनाए थे.
अफ़ग़ानिस्तान की गेंदबाज़ी
अफ़ग़ानिस्तान के सात गेंदबाज़ों ने भारत के ख़िलाफ़ गेंदबाज़ी की लेकिन कामयाबी सिर्फ़ गुलबदीन और करीम जनत को मिली. गुलबदीन ने 39 और करीम जनत ने केवल सात रन देकर एक एक विकेट अपने नाम किया.
स्टार गेंदबाज़ राशिद खान ने 36 रन ख़र्च किए लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. नवीन उल हक़ सबसे महँगे गेंदबाज़ साबित हुए. उन्होंने बिना किसी विकेट के 59 रन दिए.
भारत ने किए टीम में दो परिवर्तन
भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ दो परिवर्तन करते हुए ईशान किशन की जगह सूर्यकुमार यादव और मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की जगह आर अश्विन को टीम में जगह दी. आर अश्विन ने अपना पिछला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबला साल 2017 में सबीना पार्क, वेस्टइंडीज़ में खेला था.
अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ अर्धशतकीय पारी खेलने के बाद भारत के सलामी बल्लेबाज़ केएल राहुल ने कहा कि "मैच से पहले उनकी रोहित शर्मा से कुछ ख़ास बातचीत नहीं हुई क्योंकि वह लम्बे समय से उनके साथ खेल रहे हैं. वह और रोहित शर्मा जानते हैं कि उनसे क्या अपेक्षा की जाती है और दोनों के बीच विकेट के बीच दौड़ शानदार है, वह मुझे अपना स्वभाविक खेल खेलने देते हैं और वह ख़ुद बहुत बड़े बल्लेबाज़ हैं."
वहीं रोहित शर्मा ने कहा कि दो मैचों में नाकाम होने के बाद वह शानदार शुरुआत देना चाहते थे क्योंकि हम जानते थे कि इस मैच में जीत के साथ बेहतर रन रेट की भी ज़रूरत थी. केएल राहुल ने भी शानदार बल्लेबाज़ी की.
दूसरी तरफ़ अफ़ग़ानिस्तान के कप्तान नबी ने कहा कि बाद में ओस पड़ने के कारण उन्होंने पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया.
अश्विन से ख़ुश कोहली
जीत के बाद भारत के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि जब शुरू के बल्लेबाज़ अच्छी शुरुआत देते हैं तो फ़िर बाद में रन बनाना आसान हो जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि वह आर अश्विन की गेंदबाज़ी से सबसे अधिक ख़ुश हैं. बाकि बचे दो मैचों में रन रेट को लेकर विराट ने कहा कि टीम मीटिंग में इसे लेकर चर्चा हुई और उनकी टीम उसके लिए पूरी कोशिश करेगी.
अफ़ग़ानिस्तान पर भारत की जीत को लेकर पूर्व आलराउंडर और चयनकर्ता रहे मदन लाल ने कहा कि बहुत बेहतरीन टीम होने के बावजूद भारत संघर्ष कर रहा है. केएल राहुल और रोहित शर्मा ने दिखा दिया है कि वह बहुत बेहतरीन बल्लेबाज़ है. अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ भारत ने जो 210 रन बनाए वह टी-20 में बहुत बड़ा स्कोर है और 66 रन की बड़ी जीत बताती हैं कि गेंदबाज़ों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया.
मदन लाल कहते हैं कि भारत को इतनी दिक़्क़त इसलिए हो रही है क्योंकि उसने पहले तो पाकिस्तान और उसके बाद न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ बहुत ही ख़राब खेल दिखाया. अब उम्मीद करनी चाहिए कि वह नामीबिया और स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ भी ऐसे ही खेले.
वो कहते हैं कि न्यूज़ीलैंड का पलड़ा अफ़ग़ानिस्तान से बहुत भारी है और वह उससे हारने वाली टीम नहीं लग रही इसलिए भारत की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं.
मदन लाल भारतीय गेंदबाज़ों से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है क्योंकि उन्हें अफ़ग़ानिस्तान को कुछ रन बनाने का मौक़ा दे दिया जो भारत के लिए ही मुसीबत बनेगा.
अब भारत के लिए आगे क्या
अफ़ग़ानिस्तान पर जीत के बावजूद भारत ग्रुप 2 में तीन मैचों में एक जीत और दो हार के बाद 0.073 के रन रेट के साथ चौथे स्थान पर है.
पाकिस्तान ने लगातार चार जीत के साथ सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली है. अफ़ग़ानिस्तान अभी भी चार मैचों में दो जीत और दो हार के बावजूद चार अंक और 1.481 की रन रेट के साथ दूसरे स्थान पर है.
न्यूज़ीलैंड तीन मैचों में दो जीत और एक हार के बाद चार अंकों सहित 0.816 के रन रेट के साथ तीसरे स्थान पर है.
अब भारतीय पक्ष में गणित यह है कि अगर अफ़ग़ानिस्तान न्यूज़ीलैंड को हरा दे तो उसके छह अंक होंगे. इसके बाद न्यूज़ीलैंड अपना आखिरी मैच जीत जाता है तो उसके भी छह अंक ही होंगे. फिर भारतीय टीम भी दोनों मैच जीत जाती है तो उसके भी छह अंक हो जाएंगे. बस यही भारत के लिए एक संभावना है.
लेकिन इसके बावजूद भारत को बहुत बड़े अंतर से दोनों मैच जीतने होंगे ताकि नेट रन रेट बाकी दोनों टीमों से बेहतर हो. तो फिलहाल करिए 7 नवंबर, दिन रविवार का कीजिए इंतज़ार और साथ ही यह उम्मीद भी अफ़ग़ानिस्तान से न्यूज़ीलैंड हार जाए. (bbc.com)