सामान्य ज्ञान

दुनिया के दस बड़े मंदिर
30-Jul-2021 11:59 AM (98)
दुनिया के दस बड़े मंदिर

* अंकोरवाट मंदिर: कंबोडिया में स्थित अंकोरवाट मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है। इसका निर्माण 12वी सदी में सूर्यवर्मन द्वितीय के लिए कराया गया था। यह 8 लाख 20 हजार वर्ग मीटर में फैला है। 
* श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, श्रीरंगम: तमिलनाडु स्थित श्रीरंगनाथ स्वामी मंदिर को वैसे तो इसके क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा मंदिर कहा जाता है। इसका क्षेत्रफल 6 लाख 31 हजार वर्ग मीटर में फैला है। लेकिन क्योंकि मंदिर में स्थित 7 क्रांकीट की दीवारों में से सिर्फ चार का उपयोग मंदिर के लिए किया जाता है। बाकी की दीवारों का उपयोग प्राइवेट कॉर्मशयल के लिए किया जाता है। 
* अक्षरधाम मंदिर: दिल्ली में स्थित अक्षरधाम मंदिर को दिल्ली अक्षरधाम या स्वामीनारायण मंदिर भी कहा जाता है। इसका क्षेत्रफल 2 लाख 40 हजार वर्ग मीटर है। इसके निर्माण कार्य में हिंदू धर्म-संस्कृति को दर्शाते हुए शानदार स्थापत्य कला का प्रयोग किया गया है। 
* नटराज मंदिर: तमिलनाडु के चिदंबरम स्थित थिल्लई नटराज मंदिर भगवान शिव को समर्पित मंदिर है। इसका क्षेत्रफल 1 लाख 6 हजार वर्ग मीटर है। 
* अन्नामलाईयार मंदिर: तमिलनाडु स्थित अन्नामलाईयार मंदिर भगवान शिव का मंदिर है। इसके चारो तरफ चार टावर और चार पत्थर की दीवारें हैं, जिससे यह एक किले की तरह दिखता है। इसका क्षेत्रफल 1 लाख 1 हजार 171 वर्ग मीटर है। 
* एकम्बरेश्वर मंदिर: कांचीपुरम स्थित यह मंदिर भी भगवान शिव को समर्पित है। इसका क्षेत्रफल 92, हजार 860 वर्ग मीटर है। 
* जम्बूकेश्वर मंदिर: तमिलनाडु के त्रिचुरापल्ली स्थित जम्बूकेश्वर मंदिर भी भगवान शिव को समर्पित मंदिर है। इसका निर्माण 1800 साल पहले कोचेंगा चोल ने कराया था। 
* मीनाक्षी अम्मन मंदिर: तमिलनाडु के मदुरई में स्थित मीनाक्षी मंदिर एक ऐतिहसिक मंदिर है। यह मंदिर भी भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें यहां सुंदरेश्वर या सुंदर भगवान के नाम से जाता है और माता पार्वती को मीनाक्षी के नाम से जाना जाता है। इसका क्षेत्रफल 70 हजार 50 वर्ग मीटर है। 
* वैथीसरन कोली मंदिर: तमिलनाडु स्थित भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर का क्षेत्रफल है 60 हजार 780 वर्ग मीटर है। यहां भगवान शिव की पूजा वैथीसरन या औषधि के भगवान के रूप में की जाती है। 
* त्यागराज मंदिर: तमिलनाडु के तिरुवर स्थित इस मंदिर में भगवान शिव के रूप सोमसकंदा की पूजा की जाती है। इसका क्षेत्रफल 55 हजार 80 वर्ग मीटर है। 
 

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