राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : टैक्स चोरी और आयकर छापे
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : टैक्स चोरी और आयकर छापे
Date : 20-Feb-2020

टैक्स चोरी और आयकर छापे

टैक्स चोरी के खिलाफ आयकर विभाग का अभियान चल रहा है। प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक कारोबारियों के प्रतिष्ठानों में आयकर जांच चल रही है। देशभर में मंदी का माहौल हैं, ऐसे में कारोबारी आयकर जांच से काफी दिक्कत महसूस करते दिख रहे हैं। पिछले दिनों कैट के एक कार्यक्रम में एक व्यापारी नेता ने तो मुख्य आयकर आयुक्त से गुजारिश भी कर दी थी कि छत्तीसगढ़ से आयकर का लक्ष्य कम रखा जाए, ताकि व्यापारियों पर आयकर का प्रेशर कम रहे। 

आयकर आयुक्त ने साफ तौर पर बता दिया कि आयकर का लक्ष्य कम नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह खुलासा कर व्यापारियों की बोलती बंद कर दी, कि किसी भी कारोबारी को जानबूझकर परेशान नहीं किया जा रहा है, बल्कि आयकर विभाग के पास पूरा डेटा है कि कई व्यापारी आयकर चोरी कर रहे हैं। ऐसे 962 कारोबारी चिन्हित भी किए गए हैं, केवल उन्हीं के यहां जांच-पड़ताल हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कई कारोबारियों ने जांच में आयकर चोरी की बात मानी थी और इसको पटाने का भी वादा किया था, लेकिन वे सरेंडर राशि जमा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब टैक्स प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी हो चुकी है। ऐसे में किसी को बेवजह परेशान नहीं करने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

कुछ एसपी बदलेंगे...
प्रदेश के कुछ आईपीएस अफसरों को जल्द ही इधर से उधर किया जा सकता है। इस पर सीएम के अमरीका प्रवास से लौटने के बाद फैसला हो सकता है। फेरबदल की स्थिति बलौदाबाजार एसपी नीतू कमल की वजह से बनी है। नीथू कमल की सीबीआई में पोस्टिंग हो चुकी है। वे सीबीआई में एसपी बनकर जा रही हैं। सीएम के लौटने के बाद उन्हें रिलीव किया जा सकता है। इसके अलावा कवर्धा एसपी लाल उमेद सिंह को भी दो साल से अधिक हो चुके हैं। वे एकमात्र एसपी हैं जिनकी पोस्टिंग पिछली सरकार में हुई थी, और उन्हें बदला नहीं गया है। ऐसे में उनका भी तबादला संभव है। रायपुर एएसपी प्रफुल्ल ठाकुर सहित कुछ नाम है, जिन्हें एसपी बनाया जा सकता है। 

हिचकियों का भयानक राज...
अभी शादियों के एक सैलाब में छत्तीसगढ़ के छोटे-बड़े शहरों में जिस भयानक स्तर तक लाऊडस्पीकर बजे हैं, उनसे लोगों का जीना हराम हो गया है। कई लोग अपने घर के भीतर किसी ऐसे कमरे में सोने लगे हैं जहां आवाज का हमला कुछ कम रहे, लेकिन हर किसी को तो इतने बड़े घर नसीब होते नहीं हैं। चारों तरफ शादियों के ढोल-धमाके, लाऊडस्पीकर, और फिर रही-सही कसर धार्मिक शोरगुल पूरी कर देता है। ऐसे में जब आसपास से बिगड़ैल पैसे वाले भारी-भरकम बुलेट-मोटरसाइकिल का सायलेंसर फाड़कर निकलते हैं, तो लोग खूब गालियां देते हैं। 

एक दिलचस्प कहानी अभी सोशल मीडिया पर तैर रही है। एक परिवार में अचानक कुछ सदस्यों को हिचकियां आने लगती हैं, और बढ़ते-बढ़ते नौबत इतनी बुरी हो जाती है कि उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ता है। डॉक्टर कई किस्म की जांच करवाता है, और उसमें कोई सुराग न निकलने पर वह मरीजों के साथ आए हुए नौजवान से पूछता है- क्या आपके घर में अभी-अभी किसी ने बुलेट खरीदी है? 

डॉक्टर के सवाल से हैरान नौजवान कहता है कि हां ली तो है, लेकिन उससे हिचकियों का क्या लेना-देना? 

डॉक्टर फिर पूछता है कि क्या बुलेट का सायलेंसर बदलकर जोरों की आवाज वाला सायलेंसर लगवाया है? 

और अधिक हैरान होते हुए नौजवान कहता है कि हां लगवाया तो है, लेकिन उससे घरवालों की हिचकियों का क्या लेना-देना?

डॉक्टर अपनी अक्ल के तजुर्बे से कहता है- तुम मोटरसाइकिल का शोर मचाते हुए जितनी जगह घूमते हो, वहां के लोग तुम्हारे घर के लोगों को याद करते हुए गालियां देते हैं, और उसी की वजह से तुम्हारे घर के लोगों को इतनी हिचकियां आ रही हैं। 

अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऐसे हजारों लोग घूम रहे हैं, जो दूसरों का जीना हराम कर रहे हैं, और लाखों लोगों की बद्द्ुआओं का असर उनके परिवार पर तो होगा ही होगा, आज नहीं हुआ है तो कल की गारंटी है। इसलिए शोर वाला सायलेंसर लगाते हुए अपने परिवार के उन लोगों का ख्याल रखें जिन्हें लोग आमतौर पर गालियां दे सकते हैं, आपकी वजह से। कम लिखे को अधिक समझें, और अपने परिवार पर मेहरबानी रखें।
(rajpathjanpath@gmail.com)

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