राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : सत्तारूढ़ कांग्रेस में जोरदार किचकिच
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : सत्तारूढ़ कांग्रेस में जोरदार किचकिच
06-Dec-2019

सत्तारूढ़ कांग्रेस में जोरदार किचकिच

काफी किचकिच के बाद रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग नगर निगम के वार्ड प्रत्याशियों की कांग्रेस की सूची नामांकन दाखिले के आखिरी दिन जारी हो सकी। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, सीएम भूपेश बघेल और अन्य नेताओं के साथ तडक़े 5 बजे तक बैठक करते रहे। पुनिया के दिल्ली उडऩे के बाद तीनों नगर निगम के वार्ड प्रत्याशियों की सूची जारी की गईं। सुनते हैं कि बिलासपुर में सर्वाधिक विवाद हुआ है। चर्चा है कि जिन नामों पर सहमति बनी थी, उनमें से कई नाम बदलकर सूची जारी कर दी गई।

बिलासपुर में अटल श्रीवास्तव और विधायक शैलेष पाण्डेय अपने-अपने समर्थकों को ज्यादा से ज्यादा टिकट दिलाने के लिए प्रयास करते रहे। मगर सूची में हेर-फेर होने से अटल के कई लोग टिकट पा गए। सूची जारी होने के बाद इसको लेकर कानाफूसी शुरू हो गई है। इस पूरे मामले को लेकर पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम पर उंगलियां उठ रही है और समिति के एक-दो सदस्य इसको लेकर काफी खफा हैं। इसको लेकर पार्टी के भीतर घमासान होने के संकेत हैं और मामला दिल्ली दरबार तक ले जाने की तैयारी चल रही है। यह साफ है कि मोहन मरकाम को पहली बार पार्टी के भीतर मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

सरोज की एकतरफा चली

तेजतर्रार सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय व वैशाली नगर के विधायक विद्यारतन भसीन की तिकड़ी ने राज्यसभा सदस्य सरोज पाण्डेय के खिलाफ लड़ाई लड़ी और गड़बड़ी का आरोप लगाकर संगठन चुनाव रूकवाने में सफल रहे। मगर निकाय चुनाव के टिकट वितरण में उन्हें बुरी तरह शिकस्त खानी पड़ी। दुर्ग नगर निगम में तो सरोज की एकतरफा चली।

सुनते हैं कि दुर्ग नगर निगम के एक वार्ड से प्रेमप्रकाश-विजय बघेल, दिवंगत पूर्व मंत्री हेमचंद यादव के पुत्र को प्रत्याशी बनाना चाहते थे। चुनाव समिति के कई सदस्य भी इसके पक्ष में थे, लेकिन सरोज की सूची में नाम नहीं होने के कारण उन्हें टिकट नहीं मिल पाई। जिन निकायों में सरोज हस्तक्षेप करना चाहती थी, वहां उन्हें पूरा मौका मिला। यह सब देखकर माना जाने लगा है कि संगठन में भी सरोज का दबदबा रहेगा।

rajpathjanpath@gmail.com

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