सरगुजा

धर्मान्तरित जनजातियों को दिए जाने वाले आरक्षण को समाप्त करने की मांग
29-Oct-2020 9:19 PM 30
 धर्मान्तरित जनजातियों को दिए जाने वाले आरक्षण को समाप्त करने की मांग

  बाबा कार्तिक उरांव की जयंती पर ज्ञापन सौंपा  

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

अम्बिकापुर, 29 अक्टूबर। बाबा कार्तिक उराँव की जयंती पर जनजाति सुरक्षा मंच एवं जनजाति गौरव समाज, जिला सरगुजा के संयुक्त तत्वावधान में आज अम्बिकापुर में कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें धर्मान्तरित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची से हटाकर उन्हें दिए जाने वाले आरक्षण को समाप्त करने की माँग की गई।

धर्मान्तरित जनजातियों को आरक्षण सुविधाएँ दिए जाने के विरुद्ध तत्कालीन बिहार (वर्तमान झारखंड ) के जनजातीय नेता एवं लोकसभा सदस्य केंद्रीय मंत्री बाबा कार्तिक उरांव द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को 1970 में एक आवेदन दिया गया था, इस बात को आज 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। जनजाति समाज की अवस्था को देखकर उन्हें जो पीड़ा हुई उसे व्यक्त करने हेतु उनके द्वारा 20 वर्ष की काली रात पुस्तिका भी लिखी गई थी। उस आवेदन को ना लोकसभा के पटल पर रखा गया था, ना ही उसको खारिज किया गया था, बल्कि उसको ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। 235 लोकसभा सदस्यों के अधोहस्ताक्षर से युक्त उस आवेदन के संबंध में आज बाबा कार्तिक उरांव जी के जन्म दिवस के अवसर पर कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया।

 ज्ञापन सौंपने वालों में जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक बिहारीलाल तिर्की, बंशीधर उराँव, मानकेश्वर भगत, बागर साय, देवनाथ सिंह, रज्जु राम, अंकुश सिंह, बिहारी सिंह, बलराम भगत, अंकित कुमार तिर्की, कमलेश टोप्पो, सुमेश्वर सिंह, सचिन भगत, पावन पूर्णाहुति भगत, सोनिया मुंडा, राम बिहारी सिंह, सरोज, श्रीमती आशा बैरागी, विकास भगत, शिवम बरवा, श्रीमती पार्वती भगत, नेहा सिंह, शिवपाल राम, देवलाल सिंह पैंकरा, ठाकुर दयाल पैंकरा, दिनेश नागेश, श्रीमती नीतू बैराग आदि उपस्थित थे।

अन्य पोस्ट

Comments