रायपुर

श्रीचंद या राधाकिशन कोअध्यक्ष का प्रत्याशी बना सकती है व्यापारी एकता पैनल?
26-Oct-2020 5:51 PM 180
श्रीचंद या राधाकिशन कोअध्यक्ष का प्रत्याशी बना सकती है व्यापारी एकता पैनल?

जातिगत रंग भी ले सकता है चेंबर चुनाव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 26 अक्टूबर। चेंबर चुनाव को लेकर गहमा-गहमी तेज हो गई है। रोज नए समीकरण बन रहे हैं। इस कड़ी में व्यापारी एकता पैनल से पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी या उनके भाई राधाकिशन सुंदरानी चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।

हालांकि सुंदरानी ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि वे चुनाव लडऩे के इच्छुक नहीं है। उन्होंने कहा कि उन पर भाजपा जिला अध्यक्ष होने के नाते काफी जिम्मेदारी है। यद्यपि व्यापारियों का उन पर अध्यक्ष का चुनाव लडऩे के लिए काफी दबाव है। सुंदरानी ने कहा कि व्यापारी एकता पैनल जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी, उसे जिताने के लिए वे व्यक्तिगत तौर पर हर मतदाता तक जाएंगे।

कुछ लोग श्रीचंद के चुनाव नहीं लडऩे की दशा में उनके भाई राधाकिशन सुंदरानी के अध्यक्ष प्रत्याशी होने की चर्चा भी है। इस पर श्रीचंद ने कहा कि उनका भाई बालिग है। पिछले 10 साल से चेंबर में सक्रिय है। यदि वह एकता पैनल से चुनाव लडऩे के लिए आवेदन देता है, तो उसके नाम का भी विचार किया जाएगा। राधाकिशन सुंदरानी वर्तमान में चेंबर के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। व्यापारी एकता पैनल ने 5 नवंबर तक चुनाव लडऩे के लिए दावेदारों से नाम मांगे हैं। नाम आने के बाद प्रत्याशी तय करने के लिए पैनल की पंच कमेटी की बैठक होगी। एकता पैनल से ललित जैसिंघ, राजेंद्र जग्गी, चंदर विधानी, लालचंद गुलवानी, राजेश वासवानी और योगेश अग्रवाल के नाम भी अध्यक्ष पद के दावेदार के रूप में चर्चा में है।

दूसरी तरफ, जय व्यापार पैनल के बैनर तले चेंबर के पूर्व अध्यक्ष अमर परवानी के चुनाव मैदान में उतरने से इस बार मुकाबला दिलचस्प हो गया है। परवानी के समर्थन में कई बड़े नेता खुलकर आ गए हैं। इन सबके बावजूद चेंबर का चुनाव जातिगत रंग भी लेता दिख रहा है। कुछ व्यापारी नेताओं ने फेसबुक-वाट्सअप के जरिए इस पर चिंता भी जताई है। चेंबर में कुल सदस्य संख्या 16726 हैं। इनमें सबसे ज्यादा सिंधी समाज के व्यापारी 4106, जैन 2386, अग्रवाल 3014, मुस्लिम 500, माहेश्वरी 484, पंजाबी-सिक्ख 1183 और 734 गुजराती समाज के हैं।  कुछ व्यापारी नेताओं का मानना है कि यदि सिंधी समाज से अध्यक्ष के ज्यादा प्रत्याशी हुए, तो इसका फायदा गैर सिंधी उम्मीदवार को मिल सकता है। मगर चेंबर के पदाधिकारी इससे इंकार करते हैं। उनका कहना है कि पिछले चुनाव में प्रगति पैनल के अमर गिदवानी अकेले सिंधी प्रत्याशी थे, मगर वे दो हजार वोट नहीं बटोर सकें। यूएन अग्रवाल की अगुवाई वाले व्यापारी विकास पैनल के पंच कमेटी की जल्द बैठक होने वाली है, जिसमें प्रत्याशियों को लेकर विचार किया जाएगा। बहरहाल,  अगले कुछ दिनों में प्रत्याशियों को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

भाजपा-कांग्रेस की भी नजर

व्यापारियों के इस सबसे बड़े संगठन के चुनाव पर कांग्रेस-भाजपा नेताओं की भी नजर है। दोनों ही दलों के नेता अपना समर्थित प्रत्याशी उतारने पर जोर दे रहे हैं। कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने तो पिछले दिन कुछ व्यापारी नेताओं के साथ बैठक भी की है।

हालांकि कांग्रेस के कई नेता मानते हैं कि चेंबर के चुनाव से पार्टी को अलग रहना चाहिए। भाजपा के भी नेताओं का कुछ इसी तरह का विचार है। वैसे भी  श्रीचंद सुंदरानी जैसे कई प्रभावशाली नेता भाजपा के हैं। फिर भी चुनाव की घोषणा के बाद दोनों दलों का रूख सामने आ सकता है।

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