बस्तर

नीट में प्रयास जगदलपुर के 37 विद्यार्थियों ने पाई सफलता
18-Oct-2020 9:24 PM 18
नीट में प्रयास जगदलपुर के 37 विद्यार्थियों ने पाई सफलता

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 18 अक्टूबर। नीट परीक्षा में इस वर्ष जगदलपुर में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय के 37 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। इनमें 26 नियमित और 11 ड्रॉपर बैच के विद्यार्थी हैं।

उल्लेखनीय है कि जगदलपुर के पास धुरगुड़ा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा इंजीनियरिंग और चिकित्सा की प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रवेश के लिए आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट और एआईईईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग दी जा रही है। यहां नवमीं से लेकर बारहवीं तक नियमित कक्षाएं भी संचालित की जाती हैं।  इस वर्ष यहाँ पहली बार उन बच्चों को भी पुन: अवसर दिया, जो पिछली बार बहुत ही कम अंकों से चूक गए थे। आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष 63 नियमित विद्यार्थियों में से 26 और ड्रॉपर बेच के 12 में 11 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है।

अस्पताल में चिकित्सकों के अभाव ने किया प्रेरित

नारायणपुर जिले के ताड़ोपाल के हेमन्त ने गांव के अस्पताल में चिकित्सक के अभाव को देखकर खुद डॉक्टर बनने की ठानी और अपने दूसरे प्रयास में सफलता प्राप्त कर लिया। पिता चैनसिंह लघु सीमांत किसान हैं और माँ गृहणी। हेमंत की सफलता से माता-पिता के साथ-साथ भाई-बहनों और पूरे गांव में खुशी है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की  प्रयास आवासीय  विद्यालय  गरीब  जरूरतमंद तथा होनहार विद्यार्थियों को सही दिशा  प्रदान कर उनका उनका  तकदीर सुधारने  में अत्यंत कारगर साबित  हो रही है।इस योजना के अंतर्गत मिले उच्च स्तरीय अध्ययन अध्यापन की सुविधा, परिवेश और  प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिले प्रशिक्षण के कारण अनेक होनहारों  के सपनों को  पंख मिल रहा है।

जगदलपुर विकास खण्ड के कुम्हरावंड ग्राम पंचायत के पल्लीगांव में रहने वाले शिक्षक लखन कश्यप के पुत्र लुप्तेश्वर ने भी इस बार नीट की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पूरे घर में खुशियां भर दी हैं। लुप्तेश्वर की इच्छा बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का उपचार कर राहत पहुंचाना है।

गुप्तेश्वर ने अपनी इस सफलता  का  श्रेय प्रयास आवासीय विद्यालय एवं इस योजना को दिया है। उन्होंने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के कारण ही वे इस लक्ष्य को प्राप्त कर सके। गुप्तेश्वर चिकित्सक बनकर गरीबों एवम जरुरतमंदों की सेवा करना चाहतें है। उन्होंने कहा कि  प्रयास विद्यालय में मिले बेहतरीन शिक्षा-दीक्षा और  प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए  प्रशिक्षण के कारण आज उनके जैसे अनेक विद्यार्थियों का जीवन संवरने वाला है।

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