बस्तर

मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की विभिन्न कार्यों की समीक्षा
16-Oct-2020 10:43 PM 30
मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के  जरिए की विभिन्न कार्यों की समीक्षा

आदिवासियों पर दर्ज प्रकरणों व राजनीतिक प्रकरणों का शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

जगदलपुर, 16 अक्टूबर। मुख्य सचिव  आरपी मंडल ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा संचालित महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा करते हुए आदिवासियों पर दर्ज मामले एवं राजनीतिक प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों को दिए।

उन्होंने सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित की जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में आईजी पी सुंदरराज, मुख्य वन संरक्षक  मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर  रजत बंसल, पुलिस अधीक्षक  दीपक झा, वन मंडलाधिकारी  स्टायलो मंडावी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  इंद्रजीत चंद्रवाल, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान नोवल कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। उन्होंने मौजूदा समय को संक्रमण के प्रसार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए पूरे समय मुस्तैद रहकर पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने को कहा। इसके अंतर्गत उन्होंने सभी लोगों को मास्क का उपयोग, सामाजिक दूरी तथा हाथों की नियमित सफाई के लिए निरंतर प्रेरित करने को कहा। उन्होंने सभी सार्वजनिक स्थानों में इन नियमों का पालन अनिवार्य तौर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दशहरा एवं दीपावली त्यौहार के समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई।

मुख्य सचिव ने गोधन न्याय योजना के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी गोठानों में अनिवार्य रुप से वर्मी और नाडेप टांका निर्माण के निर्देश दिए। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य की पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए नवम्बर के पहले सप्ताह तक धान का उठाव सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने समय-सीमा में धान का उठाव नहीं करने वाले मिलर्स पर कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी हेतु चबुतरों का निर्माण अनिवार्य रूप से करने के निर्देश देते हुए इस कार्य को विशेष प्राथमिकता देने को कहा। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के कार्यों की समीक्षा की तथा वन अधिकार पत्र प्राप्त हितग्राहियों को 200 दिन का रोजगार मनरेगा कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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