बस्तर

हवाई यात्रा अनुबंधित कम्पनी द्वारा 15 दिनों में स्थानीय बेरोजगारों से रिक्त पदों की भर्ती प्रारंभ नहीं हुई तो होगा आंदोलन-मुक्तिमोर्चा
28-Sep-2020 8:43 PM 5
 हवाई यात्रा अनुबंधित कम्पनी द्वारा 15 दिनों में स्थानीय बेरोजगारों से रिक्त पदों की भर्ती प्रारंभ नहीं हुई तो होगा आंदोलन-मुक्तिमोर्चा

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

जगदलपुर, 28 सितंबर। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संभागीय सयोजक नवनीत चांद ने बयान जारी करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों के साथ मिलकर राज्य के छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोडऩे की योजनाओं के तहत 2016 में आरसीएस योजना को प्रारम्भ किया गया है  जिसका उद्देश्य 'उड़ सके देश का हर नागरिक रखाÓ गया है ।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत केंद्र व राज्य सरकारों के द्वारा संयुक्त रूप से राज्य के अंदर छोटे शहरों में एयरपोर्ट के माध्यम से देश के बड़े एयरपोर्ट को जोडऩे की मुहिम चलाई गई है। जिसके तहत देश का हर नागरिक कम लागत  में अपने घर पहुंच सके, जिसके तहत उड्डयन मंत्रालय द्वारा 5 कम्पनियों को इस योजना में शामिल कर देश के 128 नए स्थानीय छोटे शहरों के रूटों में हवाई यात्रा प्रारम्भ करने की इजाजत दी  गई है। वहीं कम्पनियों के द्वारा यात्रा में खाली सीटों के नुकसान भरपाई योजनाओं के तहत सरकारों के द्वारा करने की बात उल्लेखित है। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा संचालित इस योजना का एक बड़ा उद्देश्य स्थानीय स्तर पर व्यापार व रोजगार के अवसर उत्पन्न करने का भी है।

इसी तारतम्य में बस्तर संभाग के एक मात्र एयरपोर्ट को बस्तर के अधिकार राशि डीएमएफ योजनाओं के तहत उड्डयन मंत्रालय के नियमों व शर्तों के आधार पर तैयार किया गया है । इस योजनाओं के तहत एयर उड़ीसा ने कुछ उड़ाने भरी और बन्द हो गई अब सरकारी कम्पनी एयर इंडिया ने विगत 21 सितंबर से बस्तर से उड़ाने भरनी प्रारम्भ कर दी है। विदित हो कि इन कम्पनियों का अनुबंध राज्य सरकारों से विगत 6 माह पूर्व किया जा चुका है। फिर इन कम्पनियों द्वारा योजना के मूल सार शर्त स्थानीय स्तर पर रोजगार देने हेतु अपनी प्रतिबद्धता जाहिर नहीं है।

आगे कहा कि वर्तमान में जो कर्मी एयरपोर्ट में कम्पनी की सेवाएं दे रहे हैं। वे सब बस्तर के बाहर से लाकर नियुक्त किये गए हैं। जिसका विरोध कई माह से बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा किया जा रहा है। इस संबंध में मुक्तिमोर्चा द्वारा कम्पनी को मेल कर शर्तों को पूरा करने की मांग भी की गई है।

वहीं स्थानीय प्रशासन को भी मांगों से अवगत करवाया गया है पर आज तक केंद्र सरकार व राज्य सरकार व बस्तर प्रशासन द्वारा संचालित कम्पनी से अनुबंधित शर्तों के तहत स्थानीय स्तर पर बेरोजगारों की भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ हेतु कोई पहल नहीं किया गया है। जो बस्तर के अधिकार व हितों के खिलाफ है। जिसका समस्त बस्तरवासी विरोध करते हैं। यदि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रशासन ने पहल कर कम्पनी से स्थानीय स्तर पर बेरोजगारों की भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं करवाई तो बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा आन्दोलन करने हेतु बाध्य होगा।

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