बस्तर

संभाग मुख्यालय में बन रहे पेक्षागृह हो सत्यजीत भट्टाचार्य के नाम, उठी मांग
27-Sep-2020 9:14 PM 2
 संभाग मुख्यालय में बन रहे पेक्षागृह हो सत्यजीत भट्टाचार्य के नाम, उठी मांग

जगदलपुर, 27 सितम्बर। रंगमंच व रंगकर्मियों के लिए पूरा जीवन न्योछावर करने वाले सत्यजीत भट्टाचार्य आज जीवन के रंगमंच को अलविदा कह कर ईश्वर की शरण में चले गए। मगर उनकी यादें आज भी सह रंगकर्मियों के जेहन में है और कभी नहीं भुलाया जा सकने वाले बापी दा की यादों को जिंदा रखना चाहते हैं। यही कारण है कि अब धरमपुरा स्थित पीजी कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन पेक्षागृह को बापी दा के नाम करने की मांग उठ रही है। इस हेतु बस्तर के रंगकर्मी जल्द ही सांसद दीपक, क्षेत्रीय विधायक रेखचन्द जैन तथा भूपेश सरकार से मांग करेंगे।

शहर के रंगकर्मियों ने कहा है कि बापी दा ने अपना सर्वस्व जीवन रंगकर्म को न्योछावर कर दिया। उन्होंने नये कलाकारों को आगे बढऩे का मौका दिया। साथ ही बस्तर को देश भर में पहचान दिलाई। ऐसे महान रंगकर्मी को युगों-युगों तक याद रखे जाने की आवश्यकता है। बापी दा उन कलाकारों के लिए प्रेरणा रहे हैं, जो इस आधुनिक समय में थिएटर को चुनते थे। उनके लिए थिएटर में प्लेटफार्म तलाशने का काम बापी दा किया करते थे। बापी दा के अथक प्रयास से ही धरमपुरा में प्रेक्षागृह को मंजूरी मिली और अब उसका काम भी युद्धस्तर पर जारी है। स्वर्गीय सत्यजीत भट्टाचार्य प्रेक्षागृह के लेआउट तथा डिजाइन में भी अपना योगदान दे चुके हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने पेक्षागृह को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनवाना चाहते थे। उनका सपना था कि संभाग मुख्यालय में एक बेहतर और सर्वसुविधायुक्त पेक्षागृह बने, उनका सपना साकार भी हुआ पर वे पेक्षागृह को उद्धघाटित होता नहीं देख पाये और जीवन चक्र के रंगमंच को छोड़कर ईश्वर की शरण में चले गए। 

बस्तर के रंगकर्मी जीएस मनमोहन, खुर्शीद खान, निर्मल सिंह राजपूत, राजेश श्रीवास्तव,सुबीर नंदी,अफजल अली,कैलाश चौहान,राजेश त्रिपार्ठी, सुधीर शर्मा, समीर सेन,केतन महानंदी, प्रशांत दास, हेमंत सिंह, शयमल सिंह, महेंद्र महापात्र, भूमिका निषाद, तनुश्री मोहन्ती, श्रीनिवास नायडू, राजेश मोहंती, काके, उत्तम डे तथा समस्त अभियान के सदस्यों ने निर्माणाधीन पेक्षागृह का नाम स्व. सत्यजीत भट्टाचार्य उर्फ बापी दा के नाम करने की मांग की है।

 

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