बेमेतरा

परमात्मा की छत्रछाया में रहने से दु:ख, बीमारी, भय का अनुभव नहीं होगा - ब्रह्माकुमारी पूनम
04-Nov-2025 3:59 PM
परमात्मा की छत्रछाया में रहने से दु:ख, बीमारी,  भय का अनुभव नहीं होगा - ब्रह्माकुमारी पूनम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 4 नवंबर। तनावमुक्ति विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने मंडी प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय अलविदा तनाव नि:शुल्क शिविर के छठवें दिन कहा कि ये आत्म तृप्ति और संपन्नता का अनुभव कराती है। इस मेडिटेशन में कोई प्रतिमा, गुरु, शरीर, कैंडल, सूर्य आदि की आवश्यकता नहीं है। यहां सर्वोच्च शक्ति ज्योर्तिबिंदु परमात्मा से डायरेक्ट कनेक्ट होते हैं। यहां कोई विशेष आसन में नहीं बैठना होता है, न आंखें बंद करने की आवश्यकता है। यहां तो मन बुद्धि के आसन पर बैठते हैं। लिख-लिख कर भी परमात्मा को याद किया जा सकता है। उन्होंने मेडिटेशन के तीन स्टेप बताए। कार्यक्रम का प्रारंभअतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि योगेश तिवारी, अध्यक्ष, छग रजककार विकास बोर्ड प्रहलाद रजक, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद बेमेतरा विजय सिन्हा व भाजपा जिलाध्यक्ष अजय साहू सहित कई जनप्रतिनिधि व समाजसेवी उपस्थित रहे। प्रवचन के अंत में ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

 

दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल ने कहा कि आज के इस तनाव युक्त जीवन और भागदौड़ की जिंदगी में अपना परिवार अपना जीवन सब कुछ भूल गए हैं और सिर्फ और सिर्फ भाग रहे हैं। शरीर को नुक़सान पहुंचा रहे हैं। टेंशन ले रहे हैं। ऐसे समय मे ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय योग ध्यान के माध्यम से मनुष्य जीवन को शांति पहुंचाने का काम कर रहा है। उन्होंने लोगों से मेडिटेशन करने की अपील भी की।

योगेश तिवारी ने कहा कि आज के समय में मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ी आवश्यकता ‘मानसिक शांति’ की है। ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा जो सेवा कार्य किए जा रहे हैं, वे समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले हैं। ‘ओम शांति’ सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि आत्मशक्ति और जीवन की स्थिरता का प्रतीक है। इस शिविर में जुडक़र लोग एक नई अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं।


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