राजनीति

बिहार में फिर हो सकता है चुनाव
21-Dec-2020 8:19 PM (111)

पटना, 21 दिसंबर | विपक्षी दलों के महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता विधानसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा के लिए सोमवार को एक साथ बैठे। इस दौरान राजद के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में 2021 में फिर से चुनाव हो सकता है, जिसके लिए हमें तैयार रहना होगा। तेजस्वी ने भाजपा और जदयू के गठबंधन को मजबूरी का गठबंधन बताते हुए कहा कि, "यह गठबंधन कभी भी टूट सकता है और चुनाव हो सकता है। इसके लिए हमें तैयार रहना होगा।"

बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए यादव ने कहा, "हमे सभी वर्गो का वोट मिला है। कुछ सीटों पर भितरघात के चलते हम हारे। एक-एक सीट पर चार-चार प्रत्याशी खड़े हो गए। व्यक्तिगत लाभ के लिए कुछ लोगों ने भितरघात किया। पार्टी हित नहीं देखा। जिन सीटों पर हम जीत सकते थे वहां भी निराशा हाथ लगी। सामने के शत्रु से तो लड़ा जा सकता है, लेकिन भीतर के शत्रु से नहीं, इसलिए अगली लड़ाई के लिए सभी तैयार रहें। एकजुट रहें।"

तेजस्वी ने पार्टी की पुरानी परंपरा में भी बदलाव के संकेत देते हुए कहा कि अब पार्टी परंपरा में बदलाव की जरूरत है। पुरानी परंपरा से पार्टी का भला नहीं होगा।

राजद के एक नेता ने बताया कि बैठक में किसान आंदोलन को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में कहा गया है कि सभी को सड़कों पर उतरना होगा।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह समेत सभी राजद विधायक, हालिया चुनाव में हारे प्रत्याशी एवं पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

सूत्रों के मुताबिक राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी हार के कारण बताए। उन्होंने मतदान केंद्रों पर पोलिंग एजेंटों को समय पर नहीं पहुंचने को हार का कारण बताया।

उल्लेखनीय है कि इस बैठक के पहले तेजस्वी यादव रांची गए थे और अपने पिताजी और पार्टी के प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी।  (आईएएनएस)

पीएम मोदी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता मोतीलाल वोरा के निधन पर शोक जताया
21-Dec-2020 7:33 PM (152)

नई दिल्ली, 21 दिसम्बर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा, "मोतीलाल वोरा जी कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में थे, जिन्हें दशकों लंबे राजनीतिक जीवन में व्यापक प्रशासनिक और सांगठनिक अनुभव था। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिजनों और शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।"

वोरा का अपना जन्मदिन मनाने के एक दिन बाद ही 93 साल की उम्र में निधन हो गया।

वोरा ने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस पार्षद के रूप में शुरू किया था। इसके बाद वह अपने राजनीतिक जीवन के दौरान मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल और कांग्रेस कोषाध्यक्ष बने। इस साल मार्च में उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हुआ था।  (आईएएनएस)

ओडिशा भाजपा ने बच्ची को न्याय दिलाने निकाली पदयात्रा
20-Dec-2020 10:23 PM (197)

भाजपा की ओडिशा इकाई ने रविवार को इस साल जुलाई में नयागढ़ जिले में पांच साल की एक लड़की की हत्या मामले में न्याय पाने की मांग को लेकर पांच दिवसीय 'पदयात्रा' या पैदल मार्च शुरू किया।
भुवनेश्वर, 20 दिसंबर 
। मार्च भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर से शुरू किया गया है और मार्च 24 दिसंबर को लड़की के पैतृक गांव जादूपुर में समाप्त होगा।

भाजपा मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने और आरोपी को बचाने के आरोप में मंत्री अरुण कुमार साहू के इस्तीफे की मांग कर रही है।

महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनाथी श्रीनिवासन ने कहा, "राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) पहले ही संकेत दे चुका है कि मामले में राज्य की जांच उचित नहीं थी। हम सीबीआई जांच की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती, हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।"

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि एनसीपीसीआर ने हत्या की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की सिफारिश की थी, क्योंकि यह कथित रूप से पाया गया था कि पुलिस जांच में गंभीर खामियां थीं।

सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने मार्च पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी अनावश्यक रूप से इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।

बीजद सांसद पिनाकी मिश्रा ने कहा, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। लेकिन, विपक्ष को इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। सभी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की अगुवाई वाली सरकार ने हाथरस के अपराध को कैसे संभाला। उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।"

शीतकालीन सत्र के दौरान नाबालिग लड़की के माता-पिता ने विधानसभा के सामने आत्मदाह का प्रयास करने के बाद नाबालिग लड़की की मौत का मामला एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि साहू उनकी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को बचा रहे थे।

राज्य ने घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है।  (आईएएनस)

आंदोलनकारी 33 किसानों की मौत पर प्रधानमंत्री चुप क्यों
20-Dec-2020 9:55 PM (152)

नई दिल्ली, 20 दिसंबर | कांग्रेस ने रविवार को 26 नवंबर से ही दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे किसानों में से 33 की मौत के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'चुप्पी' पर सवाल उठाए। अखिल भारतीय किसान सभा ने रविवार को आंदोलनकारी 33 किसानों की मौत पर 'श्रद्धांजलि दिवस' मनाया। इन किसानों की मौत दुर्घटनाओं, बीमारी या ठंड के कारण हुई। ये किसान तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "आंदोलन कर रहे 33 किसानों की मौत हो गई। मगर इस पर मोदी ने एक भी शब्द क्यों नहीं बोला? हमारे प्रधानमंत्री 'मौन' (चुप) क्यों हैं? हमारे अन्नदाता दिल्ली की सीमाओं पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सबसे ठंड समय में धरने पर बैठे हैं, लेकिन हमारे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पास उनके लिए समय नहीं है, लेकिन उनके पास पश्चिम बंगाल जाने, रोड शो करने का समय है।"

उन्होंने कहा, "अत्यधिक ठंड और बीमारियों के कारण 33 किसानों की मौत हो गई है। उनकी मौत के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है..। इस समय घर के अंदर भी बैठे लोग भी ठंड से ठिठुर रहे हैं, हमें हीटर की जरूरत पड़ रही है और हमारे अन्नदाता बाहर सड़कों पर ठिठुर रहे हैं।"

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "वे कहते हैं कि प्रधानमंत्री एक ऐसा आदमी है जो इस देश से प्यार करता है, जो अपने लोगों को प्यार करता है। अगर ऐसा है तो बड़े दिल वाला आदमी उन किसानोंसे मिलने तो जा सकता है और उन्हें और उनके परिवारों को सांत्वना तो दे ही सकता है। जरा सोचिए कि किसानों के परिवार और बच्चे इन दिनों किस हाल में हैं। कहां है मोदी की हमदर्दी?

यहां संसद भवन के पास गुरुद्वारा रकाबगंज में हुए प्रधानमंत्री के दौरे पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेता शमा ने कहा, "किसी गुरुद्वारे या मंदिर में जाना हमेशा अच्छी बात होती है.. हम सभी भारतीय बहुत आध्यात्मिक लोग हैं और मैं 9वें सिखगुरु गुरु तेग बहादुर को प्रणाम करने के लिए प्रधानमंत्री की वहां की यात्रा की सराहना करती हूं।"

उन्होंने कहा, "सिर्फ धार्मिक स्थलों पर जाने के बजाय, जिसे हम समझते हैं, अच्छी बात है, मोदी को विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिलने भी जाना चाहिए और उनकी बात सुननी चाहिए। वह इन किसानों को न्याय दें और इन काले कानूनों को निरस्त करें।

शमा ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों, विपक्षी दलों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श से नए कृषि कानूनों को फिर से अधिनियमित करे।"

हाथरस मामले की ओर इशारा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की निर्दयता पूरी तरह दिख रही है।

उन्होंने कहा, "एक तरफ लाखों किसान न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और दूसरी ओर यूपी में स्वतंत्र भारत के 73 साल के इतिहास में हुई सबसे वीभत्स सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना पर पर्दा डाला जा रहा है।"

शमा ने आगे कहा, हाथरस मामले में सीबीआई की चार्जशीट में इस बात की पुष्टि हुई है कि युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या की गई, लेकिन मोदी, अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ खामोश हैं।  (आईएएनएस)

अमित शाह ने कहा- जेपी नड्डा पर हमला, लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चोट; पढ़ें प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 खास बातें
20-Dec-2020 9:45 PM (115)

दो दिवसीय बंगाल दौरे के खात्मे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है. पढ़ें प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें.

कोलकाता, 20 दिसंबर | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 की तैयारियों के मद्देनजर दो दिवसीय बंगाल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. अमित शाह ने बंगाल की जनता से राज्य को सोनार बांग्ला बनाने का वादा करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे. अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता विकास के लिए परिवर्तन करेगी.

शाह ने पिछले दिनों भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का हक है. लेकिन पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष के काफिले पर हुआ हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है. शाह ने कहा कि ऐसे हमलों का जवाब भाजपा कार्यकर्ता चुनाव के नतीजों से देंगे. शाह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी के भाजपा को बाहरी कहने पर भी निशाना साधा.

प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें :-

1. अमित शाह ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का हक है. हम शासन में होते हैं तो यही कोशिश रहती है कि सभी राजनीतिक दल अपनी बात कह सकें. लेकिन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हुआ हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है.
2. अमित शाह ने कहा कि टीएमसी को हमारे कार्यकर्ता हिंसा से नहीं बल्कि आने वाले चुनावों के नतीजों से जवाब देंगे. भाजपा अध्यक्ष पर हुए हमले के बाद राज्य की मुखिया की ओर से जैसी प्रतिक्रिया आनी चाहिए थी वह नहीं आई.
3. अमित शाह ने कहा कि ममता सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है यहां पर मोदी सरकार ने गरीबों के लिए अनाज भेजा लेकिन सत्ता में बैठे लोग उसे भी खा गए. ममता बनर्जी की सरकार गरीबों को उनका हक नहीं दे रही है.
4. अमित शाह ने कहा कि मैं आज इस प्रेस वार्ता के माध्यम से तृणमूल कांग्रेस के सभी नेताओं को बताना चाहता हूं कि आप गलतफहमी में मत रहिए कि इस प्रकार के हमले से भाजपा की गति, भाजपा का कार्यकर्ता रुकेगा या भाजपा अपने कदम पीछे लेगी.
5. अमित शाह ने कहा कि जितना इस प्रकार की हिंसा का वातावरण बनाएंगे उतना ही भाजपा और मजबूती के साथ बंगाल में अपने आप को मजबूत करने का परिश्रम करेगी.
6. अमित शाह ने कहा कि बंगाल को आगे ले जाने के लिए बीजेपी ही विकल्प है. आजादी के बाद से इतने सालों में बंगाल की स्थिति लगातार खराब होती गई है. मेरा बंगाल के लोगों से कहना है कि एक बार वह हमें मौका दें हम बंगाल को एक बार फिर से सोनार बांग्ला बनाएंगे.
7. अमित शाह ने कहा कि ममता सरकार में औद्योगिक उत्पादन घटा, सूबे में बिजली और सड़क की हालत खराब है. पिछले 70 साल में बंगाल की औद्योगिक दर 30 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत हो गई है.
8. अमित शाह ने कहा कि बंगाल में राजनीति का अपराधीकरण किया गया है. मां, माटी, मानुष का नारा कहीं दूर तक नहीं दिखता है. ममता दीदी की सरकार जाने वाली है.
9. अमित शाह ने कहा कि किसी को भी बाहरी कहना मुद्दे से भटकाने की कोशिश है. हम बंगाल की जनता से अच्छे शासन का वादा करते हैं. बंगाल को उसी की माटी का मुख्यमंत्री दिया जाएगा.
10. अमित शाह ने कहा कि सीएए के नियम बनना बाकी है. जब कोरोना की वैक्सीन लगने की शुरुआत होगी इसके बाद जब सीएए, एनआरसी को लेकर कोई बात होगी तो जानकारी दी जाएगी.  (hindi.news18.com/news)

ईडी ने फारूक अब्दुल्ला की 6 संपत्तियां जब्त की
19-Dec-2020 10:38 PM (111)

नई दिल्ली / श्रीनगर, 19 दिसंबर | पूर्व केंद्रीय मंत्री और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को एक बड़ा झटका देते हुए, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को जे एंड के क्रिकेट एसोसिएशन मामले में 11.86 करोड़ रुपये मूल्य की छह संपत्तियां जब्त की है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। ईडी के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "हमने अब्दुल्ला की छह संपत्तियों को जब्त किया है। इसमें तीन आवासीय भवन हैं, जबकि दो प्लॉट शामिल हैं।"

उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता की संपत्तियां धनशोधन रोकथाम अधिनियम(पीएमएलए) के तहत जब्त की गई है।

ईडी ने अब्दुल्ला से उनके जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहते आय से अधिक संपत्ति मामले में दो बार पूछताछ भी की है।  (आईएएनएस)

सुवेंदु दुनिया की सबसे भ्रष्ट पार्टी में शामिल
19-Dec-2020 10:28 PM (129)

कोलकाता, 19 दिसंबर | सुवेंदु अधिकारी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी ने भगवा ब्रिगेड को 'दुनिया की सबसे भ्रष्ट पार्टी' कहा।

बनर्जी ने कालीघाट में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मीडियाकर्मियों से कहा, "सुवेंदु अधिकारी सबसे बड़ी भ्रष्ट पार्टी में शामिल हो गए हैं। उनकी व्यक्तिगत संपत्ति कई गुना बढ़ गई है।"

उन्होंने कहा कि अमित शाह की कोई नहीं सुनता है। तृणमूल सांसद ने कहा, "वह नहीं जानते कि बंगाल में क्या चल रहा है। यह दुनिया की सबसे भ्रष्ट पार्टी है और अमित शाह की अपील को राज्य के लोग स्वीकार नहीं करते .. भाजपा विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। 2021 के राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा 50 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।"  (आईएएनएस)

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसवाईएल मुद्दे पर की भूख हड़ताल
19-Dec-2020 10:25 PM (123)

गुरुग्राम, 19 दिसम्बर | सैकड़ों भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के माध्यम से पंजाब से हरियाणा में पानी के हिस्से की मांग के समर्थन में एक दिवसीय भूख हड़ताल की। इस भूख हड़ताल में गुरुग्राम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक सुधीर सिंगला, पटौदी से विधायक सत्य प्रकाश और सोहना से विधायक संजय सिंह राठौर, नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) मेयर मधु आजाद और कई पार्षद शामिल रहे।

उपवास राजीव चौक के पास पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए एक तंबू के नीचे आयोजित किया गया, जिसमें कुछ किसान और अधिवक्ता भी शामिल हुए।

सिंगला ने कहा, "आज हम गुरुग्राम में केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन को काउंटर करने के लिए एक दिन के उपवास और धरने का अवलोकन कर रहे हैं।"

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह पंजाब और हरियाणा के पानी के हिस्से के तौर पर एसवाईएल नहर के निर्माण की मांग करने के लिए भी इस हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

इस सवाल पर कि क्या भाजपा पंजाब के किसानों के खिलाफ एसवाईएल नहर के मुद्दे पर राज्य के किसानों को भड़काने की कोशिश कर रही है, सत्य प्रकाश ने कहा, "2016 में सुप्रीम कोर्ट ने एसवाईएल नहर मुद्दे पर हरियाणा के पक्ष में एक आदेश पारित किया था, लेकिन इसे पंजाब ने नहीं माना। उन्होंने शीर्ष अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया। इसलिए हम पंजाब सरकार पर मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए दबाव डाल रहे हैं।"

भूख हड़ताल में भाग लेने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि एसवाईएल नहर के पानी पर हरियाणा का भी अधिकार है।

भाजपा जिलाध्यक्ष गार्गी कक्कड़ ने कहा कि पार्टी एसवाईएल मुद्दे पर राजनीति नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राज्य की लंबे समय से लंबित मांग है और किसानों की इस सबसे बड़ी मांग को पूरा करने में कांग्रेस पार्टी विफल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों के लिए लड़ रही है, लेकिन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अभी भी किसानों को कोई भुगतान या मदद नहीं कर रही है।  (आईएएनएस)

तेजस्वी ने लालू से की मुलाकात, दो मंत्रियों को राजद प्रमुख से नहीं मिलने दिया गया
19-Dec-2020 7:34 PM (94)

रांची, 19 दिसंबर | राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के जेल मैनुअल के उल्लंघन पर झारखंड उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद जेल प्रशासन भी सख्त हो गया है। शनिवार को झारखंड के दो मंत्रियों को लालू प्रसाद से मिलने नहीं दिया गया। दोनों राजद सुप्रीमो के छोटे बेटे तेजस्वी यादव के साथ राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में लालू प्रसाद से मिलने पहुंचे थे। दो मंत्री राजद के सत्यानंद भोक्ता और कांग्रेस के बादल हैं। केवल तेजस्वी यादव को अपने पिता से मिलने की अनुमति दी गई।

झारखंड के श्रम मंत्री रहे भोक्ता ने कहा, "हम सांसद हैं और इसलिए हमने जेल मैनुअल का पालन किया और लालू प्रसाद से नहीं मिले।"

जेल मैनुअल के उल्लंघन को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने रांची प्रशासन से पूछा कि किसके आदेश पर लालू प्रसाद को भुगतान वार्ड से रिम्स निदेशक के बंगले में स्थानांतरित किया गया था।

तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद पहली बार रिम्स के वार्ड में अपने पिता से मुलाकात की। समझा जाता है कि दोनों ने चुनाव परिणाम पर चर्चा की।

लालू प्रसाद को चार चारा घोटाला मामलों में दोषी ठहराया गया है और वे 14 साल तक की जेल की सजा काट रहे हैं।  (आईएएनएस)

राशन कार्ड धारकों को 2,500 रुपये पोंगल का तोहफा
19-Dec-2020 7:29 PM (102)

चेन्नई, 19 दिसंबर | 2021 में अपने ईदपड्डी निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू करने के तुरंत बाद, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने शनिवार को चावल लेने के लिए पात्र सभी राशन कार्ड धारकों को पोंगल त्योहार के लिए 2,500 रुपये नकद देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नकद प्रोत्साहन 4 जनवरी, 2021 से वितरित किया जाएगा, ताकि लोग पोंगल फसल उत्सव मना सकें।

हाल ही में, राज्य सरकार ने राशन कार्ड धारकों को चीनी खरीदने के लिए पात्र घोषित किया था जो चावल के कार्ड पर स्विच कर सकते हैं।

पलानीस्वामी के अनुसार, पोंगल पैकेज से 2.6 करोड़ चावल कार्ड धारकों को लाभ होगा और पोंगल त्योहार से पहले उन्हें वितरित किया जाएगा। पोंगल त्योहार 14 जनवरी को पड़ता है।

पिछले साल, नकद प्रोत्साहन 1,000 रुपये था और अब इसे 1,500 रुपये बढ़ा दिया गया है।

राशन कार्ड धारकों को 2,500 रुपये नकद के अलावा एक किलो चावल, चीनी और एक पूरा गन्ना भी मुफ्त दिया जाएगा।  (आईएएनएस)

वैक्सीन की सुरक्षित स्टोरेज व कोल्ड चेन की फुलप्रूफ व्यवस्था हो
19-Dec-2020 7:22 PM (90)

लखनऊ, 19 दिसंबर | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कोरोना वैक्सीन की सुरक्षित स्टोरेज और कोल्ड चेन के संबंध में फूलप्रूफ व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिया कि कोरोना वैक्सीन कंटर में वैक्सीन लगने के बाद संबंधित व्यक्ति के कुछ समय रुकने की भी व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही वैक्सीन सेंटर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 वैक्सीन के सुरक्षित स्टोरेज के साथ इसकी कोल्ड चेन को बराकरार रखने की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन के स्टोरेज सेंटर में सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कोरोना वैक्सीनेशन कार्य को ध्यान में रखते हुए बायोमेडिकल वेस्ट के समुचित निस्तारण की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में कोविड-19 का टीकाकरण कार्य निर्धारित टाइम लाइन के अनुसार संपन्न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में वैक्सीनेटर्स की उपलब्धता जरूरी है। अब जनपद स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। उन्होंने वैक्सीन लगाने के लिए वैक्सीनेटर्स को तैयार करने का कार्य पूरी तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

योगी ने कहा कि कोरोना वैक्सीन की मानकों के अनुरूप स्टोरेज के लिए आइसलैंड रेफ्रिजरेटर और डीपफ्रीजर भारत सरकार उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 2.5 लाख लीटर वैक्सीन की भंडारण क्षमता सृजित हो गई है। वैक्सीनेशन कार्य के लिए छह करोड़ सिरिंज की जरूरत होगी। अब तक 4.5 करोड़ सिरिंज का आवंटन कर दिया गया है। एक वैक्सीनेशन टीम हर रोज सौ लोगों का टीकाकरण करेगी।

उन्होंने कहा कि हर टीम के साथ एक सिपाही तथा एक होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिस व्यक्ति को टीका लगाया जाएगा, उसके फोन पर टीका लगाने का समय, स्थान व दिनांक सूचित किया जाएगा। कोरोना टीकाकरण के बाद संबंधित व्यक्ति को वैक्सीनेशन सेंटर पर 30 मिनट रुकना होगा। प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की स्टोरेज के लिए 35,000 केंद्र स्थापित होंगे।  (आईएएनएस)

एमपी यूथ कांग्रेस-विक्रांत भूरिया राजनीति में बदलाव का चेहरा
19-Dec-2020 11:59 AM (81)

विक्रांत भूरिया को पूरे प्रदेश से वोट मिले, इसने कई नेताओं के भरम और कांग्रेस के क्षेत्रवाद के भरम को तोड़ा, इस चुनाव ने साबित किया कि युवा पीढ़ी हंगामे नहीं पढ़े-लिखे सौम्य चेहरों को आगे लाना चाहती है 

पंकज मुकाती की विशेष रिपोर्ट
विक्रांत भूरिया। पेशे से चिकित्सक। मध्यप्रदेश कांग्रेस का नया युवा चेहरा। विक्रांत युवा कांग्रेस का चुनाव जीते। अध्यक्ष बने। बड़ी जीत हासिल की। विक्रांत को 40850 वोट मिले। संजय यादव को 20430 वोट मिले। यानी विक्रांत ने 20420 वोट ज्यादा हासिल किये। कुल 9 उम्मीदवार इस दौड़ में शामिल थे। मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस के वे पहले आदिवासी अध्यक्ष हैं। उनके पिता कांतिलाल भूरिया जरूर मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं। 

विक्रांत ने जब इस चुनाव का परचा दाखिल किया, तब वे कमजोर माने गए। जमे जमाये चेहरों ने ‘दम नहीं’ का माहौल बनाया। पर विक्रांत चुपचाप सक्रिय रहे। मालवा-निमाड़ के युवा नेताओं को उन्होंने अपने पक्ष में किया। मालवा-निमाड़ ही नहीं पूरे प्रदेश से उन्हें वोट मिले। 40850 वोट उनके प्रदेश स्तर के समर्थन की गवाही है। दूसरे पक्ष ने उन्हें जितना कमजोर माना वे उतने ही मजबूत बनकर उभरे। उनकी सौम्यता और सरलता को युवाओं ने स्वीकारा। 

विक्रांत भूरिया पेशे से चिकित्सक हैं, वे डेली कॉलेज से पढ़े। वे युवा कांग्रेस और कांग्रेस दोनों में बदलाव और सोच के संकेत के तौर पर भी उभरे हैं। विक्रांत की जीत ने ये साबित किया कि कांग्रेस में अब नई पीढ़ी पढ़े-लिखे  सरल चेहरों में निवेश करना चाहती है। कांग्रेस की राजनीति में शोर-शराबा और सोशल मीडिया पर भड़ास वाले प्रायोजित पोस्ट को भी ये एक संकेत है कि दिखावे और हंगामे वाली नेतागीरी अब नहीं चल सकेगी। 

विक्रांत भूरिया की जीत से कांग्रेस के कई मिथक टूटे। कई नेताओं के भरम भी बिखरे। यूथ कांग्रेस अब तक एक जेबी संगठन ही रहा। इसमें अपने चेहते को जीताकर खुद शासन करने का रिवाज रहा। ये रिवाज यदि विक्रांत थोड़ा भी बदल पाए तो उनका जितना वाकई बदलाव साबित होगा। निश्चित ही उन्हें अपने समर्थकों के साथ-साथ कार्यकारिणी को भी साधना और साथ लेकर चलना होगा। वे चलेंगे भी इसकी उम्मीद  की जा सकती है। पिछले अध्यक्ष के कार्यकाल से उन्हें बहुत कुछ न करने का सबक जरूर लेना चाहिए। 

पिछले अध्यक्ष कुणाल चौधरी पूरे चार साल अध्यक्ष रहे। पर किसी को उनकी कार्यकारिणी के दूसरे सदस्यों के नाम याद नहीं। कुणाल चौधरी निश्चित ही प्रदेश 
कांग्रेस के ऊर्जावान नेताओं में से एक हैं। वे भविष्य के नेता है, बनेंगे भी। पर युवा कांग्रेस का अध्यक्ष रहते उन्होंने कई गलतियां की। वे खुद को प्रदेश का नेता बनाने के बजाय एक समूह के नेता बनकर रह गए। 

कुणाल चौधरी ने ढेरों आयोजन भी किये, पर उनमे नए लोगों को नहीं जोड़ा। उनके कार्यकाल में संगठन सिर्फ कुछ लोगों तक ही सीमित रहा। विक्रांत भूरिया के लिए चौधरी एक क्या नहीं करना की किताब साबित हो सकते हैं। 

विक्रांत भूरिया मध्यप्रदेश के सबसे वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया के बेटे हैं। उनके पिता प्रदेश और केंद दोनों में मंत्री रहे। मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। 
बावजूद इसके राजनीतिक लोग यदि ये कह रहे थे कि- विक्रांत को जानता कौन है ? ये न जानना बेहद अच्छा है। इसने ये साबित किया कि विक्रांत उन नेता पुत्रों से अलग हैं, जो अक्सर पिता के नाम पर किसी को धमकाने, कही ट्रांसफर करवाने तो किसी की गाड़ी को टक्कर मारने के लिए चर्चित रहते हैं। इससे ये भी साबित होता है कि विक्रांत ने कभी भी पिता के नाम की ढाल का उपयोग नहीं किया। इस चुनावी समर को भी उनकी अपनी ही जीत मानना चाहिए। 

बहुत संभव है, यदि विक्रांत ने खुद को पूर्व मंत्री के बेटे के तौर पर प्रचारित किया होता वे चुनाव हार जाते क्योंकि लोगों को लगता कि परदे के पीछे से कांतिलाल भूरिया और उनका समूह ही सत्ता चलाएगा। ऐसे में बदलाव की कोई गुंजाईश नहीं दिखती। विक्रांत प्रदेश के उन गिने चुने नेताओं में से एक साबित हो सकते हैं, जिन्होंने अपने पिता से ज्यादा बेहतर पहचान अपने व्यवहार से बनाई।

 अपने पिता की छाया से बाहर निकलकर अपनी पहचान की मिसाल बन रहे हैं दिग्विजय सिंह के बेट-जयवर्धन सिंह। जयवर्धन प्रदेश के जिस भी इलाके में जाते हैं-लोग उन्हें एक सरल और मिलनसार नेता के तौर पर याद रखते हैं। जयवर्धन सिंह को तमाम ऐसे लोग भी पसंद करते हैं, जो उनके पिता को बिलकुल भी पसंद नहीं करते ये किसी भी नेता के लिए एक बड़ी जीत होती है कि वो अपनी पहचान बनाये। इसी तरह पूर्व मंत्री महेश जोशी के बेटे पिंटू जोशी भी अपने परिवार से अलग अपनी छवि गढ़ रहे हैं, वे भी खुद की कहानी लिख रहे हैं। विक्रांत में भी ये खूबी है, पर उन्हें पद हासिल करने के बाद भी इसे बनाये रखना होगा। ये सबसे बड़ी चुनौती होती है कि पद के बोझ में आदमी खुद को न बदले। 

इलायची - युवा कांग्रेस में पहले भी बहुत उम्मीदों भरे चेहरे आये, अपनी जगह भी बनाई। जिसमें मुकेश नायक, मिनाक्षी नटराजन, मृणाल पंत, जेवियर मेडा, जैसे नाम है। पर ये सब जितनी तेजी से आगे आये उतनी ही तेज रफ़्तार से गुम हो गए। आखिर ऐसा क्यों है ? इसकी कहानी सबको ध्यान में रखना चाहिए। 

"99.9%" चाहते हैं कि राहुल गांधी ही कांग्रेस अध्यक्ष बने
18-Dec-2020 10:51 PM (152)

लोकसभा चुनाव में हार के बाद से कांग्रेस की हार का सिलसिला जारी है.  इसने कर्नाटक और मध्य प्रदेश को विद्रोह के बाद से सत्ता खो दी है और विद्रोह के लगातार खतरों के चलते राजस्थान में पार्टी संघर्ष कर रही है.  

नई दिल्ली, 18 दिसम्बर | कांग्रेस जल्द ही एक नए प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी और "99.9 प्रतिशत" नेता चाहते हैं कि राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष के रूप में वापसी करें, पार्टी के शीर्ष प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा. रणदीप सुरजेवाला ने कहा, कल (शनिवार) से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया के तहत सोनिया गांधी अगले 10 दिनों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें करेंगी. गांधी परिवार के नेता इस दौरान उन 23 "असंतुष्टों नेताओं से मिलेंगे जिन्होंने अगस्त में एक पत्र लिखकर संगठनात्मक बदलाव लाने की मांग की थी.

सुरजेवाला ने कहा, “पार्टी जल्द ही एक नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करने की प्रक्रिया शुरू करेगी. कांग्रेस का एक चुनावी कॉलेज, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी सदस्य चुनेंगे कि कौन सबसे अच्छा अनुकूल है. "

उन्होंने कहा, "मेरे समेत 99.9% लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष चुना जाए." अंतिम निर्णय उनका है.  राहुल गांधी, जिन्होंने 2017 में सोनिया गांधी से कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था, लेकिन पिछले साल पार्टी के लोकसभा चुनाव में हार के बाद पद छोड़ दिया था, 2014 में सत्ता खोने के बाद से यह दूसरी हार थी.

राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में नाटकीय दृश्यों में एक के बाद एक नेता ने उन्हें माने की कोशिश की लेकिन असफल रहे. हफ्तों तक सीमित रहने के बाद, सोनिया गांधी - जिन्होंने 19 साल तक कांग्रेस का नेतृत्व किया - अंतरिम प्रमुख के रूप में वापसी करने के लिए सहमत हुईं. 

राहुल गांधी ने एक लंबे इस्तीफे पत्र में जोर दिया कि एक गैर-गांधी को 135 साल पुराने संगठन का नेतृत्व करना चाहिए जो ज्यादातर नेहरू-गांधी परिवार के सदस्यों द्वारा चलाया गया है. सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अपनी वापसी से इंकार कर दिया है. 

गैर-गांधी का चुनाव कांग्रेस में एक खराब नेतृत्व की वजह बनता है; गुटों और घुसपैठ के बावजूद, गांधी परिवार हमेशा संगठन के लिए एक एकीकृत कारक रहा है. हालांकि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर शीर्ष पद पर राहुल गांधी की वापसी की मांग की है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि उनके रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि, राहुल गांधी अभी भी सभी फैसले लेते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमलों में पार्टी का चेहरा हैं. 

लोकसभा चुनाव में हार के बाद से कांग्रेस की हार का सिलसिला जारी है.  इसने कर्नाटक और मध्य प्रदेश को विद्रोह के बाद से सत्ता खो दी है और विद्रोह के लगातार खतरों के चलते राजस्थान में पार्टी संघर्ष कर रही है. कांग्रेस ने बिहार चुनाव में सबसे खराब प्रदर्शन किया और केरल और राजस्थान जैसे राज्यों में स्थानीय निकाय चुनावों में अपने वोटों को डुबाते हुए देखा.  राहुल गांधी की भी कुछ सहयोगियों द्वारा आलोचना की गई है, और वरिष्ठ नेताओं ने बिना नाम लिए एक "सक्रिय और दृश्यमान नेतृत्व" का आह्वान किया है.

लेकिन समीकरण में उनके बिना, पार्टी को अपने अगले प्रमुख पर एक कठिन निर्णय का सामना करना पड़ता है. सूत्रों का कहना है कि पार्टी का तंत्र उनके नियंत्रण में है और उनके अनुमोदन से बड़े फैसले लिए जाते हैं. नेताओं के एक वर्ग के लिए, सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अभी भी पार्टी का नेतृत्व करने के लिए "स्वाभाविक पसंद" हैं. 74 वर्षीय सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया है कि वह केवल एक प्लेसहोल्डर हैं. (khabar.ndtv.com/news)

हिमाचल के मुख्यमंत्री ने मोदी को राज्य दिवस समारोह के लिए आमंत्रित किया
18-Dec-2020 7:34 PM (118)

नई दिल्ली, 18 दिसंबर | हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें अगले साल 25 जनवरी को राज्य को पूर्ण दर्जा मिलने के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। राज्य द्वारा एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राज्य सरकार के तीन साल के सफल समापन के लिए मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए, मोदी ने समारोह में शामिल होने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को शिमला जिले में 111-मेगावाट की सवरा कुड्डू हाइड्रो पावर परियोजना के उद्घाटन के लिए भी आमंत्रित किया है, जो 1,796 करोड़ रुपये के खर्च से पूरा हुआ है।

उन्होंने कहा कि 210-मेगावाट लुहरी स्टेज- वन परियोजना और 66 मेगावाट धौला सिद्ध परियोजना, 2,497 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश के साथ, निष्पादन के लिए तैयार है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस परियोजना का शिलान्यास करने का अनुरोध किया।  (आईएएनएस)

बीजेपी का दावा- पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले अल्पमत में होगी ममता सरकार
18-Dec-2020 7:29 PM (125)

नवनीत मिश्र
नई दिल्ली, 18 दिसंबर
| पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस में इस्तीफे की झड़ी लग जाने पर भाजपा ने दावा किया है कि 2021 का विधानसभा चुनाव आते-आते ममता बनर्जी सरकार अल्पमत में आ जाएगी। भाजपा के मुताबिक, ममता बनर्जी और उनकी पार्टी का भविष्य अंधकारमय देखकर ही पार्टी नेताओं में भगदड़ मची है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में दो सौ से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाने के लिए भाजपा 'मिशन बंगाल' में जुटी है। तैयारियों को धार देने के लिए गृहमंत्री अमित शाह एक बार फिर शनिवार से बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच चुके हैं। काबिलेगौर है कि गृहमंत्री अमित शाह के पिछले से लेकर इस दूसरे दौरे के एक महीने के बीच ममता बनर्जी के करीबी चार विधायकों- मिहिर गोस्वामी, सुवेंदु अधिकारी, जितेंद्र तिवारी, शीलभद्र दत्त के इस्तीफे हो चुके हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और दार्जिलिंग से सांसद राजू बिष्ट ने आईएएनएस से चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी की सरकार अल्पमत में आ जाएगी। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी की पार्टी डूबता जहाज बन चुकी है। बंगाल में अगली सरकार भाजपा की बननी तय है। तृणमूल कांग्रेस के कई बागी नेता भाजपा में आने को तैयार हैं। जनवरी तक कई विधायक इस्तीफा देंगे। चुनाव आते-आते ममता बनर्जी सरकार अल्पमत में आ जाएगी।"

भाजपा सांसद ने कहा कि, "कोरोना प्रबंधन में ममता बनर्जी सरकार बुरी तरह फेल हुई। पहले कोरोना से बचाव के लिए सही से राज्य में जरूरी इंतजाम नहीं हुए और जब केंद्र सरकार ने मुफ्त राशन की व्यवस्था कर जनता को राहत देने की कोशिश की तो राज्य में सत्ताधारी लोगों ने लूटखसोट मचा दी। जनता को न राशन मिला और न ही अन्य जरूरी सुविधाएं। जिससे राज्य में ममता बनर्जी का ग्राफ तेजी से गिरने से ही उनकी पार्टी के नेताओं में खलबली मची है।"

भाजपा के पाश्चिम बंगाल प्रदेश उपाध्यक्ष रितेश तिवारी ने आईएएनएस से कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य में दो सौ से ज्यादा सीटों के जीतने की भविष्यवाणी की है। उन्होंने बंगाल की जनता में भाजपा को लेकर उत्साह और जमीनी रिपोर्ट के आधार पर यह आंकड़ा बताया है। गृहमंत्री अमित शाह के हर दौरे के दौरान सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस मुखिया ममता बनर्जी बेचैन हो उठती हैं। ममता बनर्जी के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं। यही वजह है कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं में इस्तीफे की झड़ी लग गई है।

पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। वर्ष 2016 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने 219 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत से लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। कांग्रेस को तब 23,लेफ्ट को 19 और भाजपा को 16 सीटें हासिल हुई थीं। अगले साल 2021 में अप्रैल से मई के बीच चुनाव होने की संभावना है। भाजपा ने दो सौ से ज्यादा सीटें जीतने का टारगेट तय किया है। गृहमंत्री अमित शाह 19 दिसंबर से पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर पार्टी के लिए माहौल बनाएंगे। इससे पहले वह पांच नवंबर को भी दो दिनों के दौरे पर गए थे। पार्टी नेताओं के मुताबिक चुनाव तक हर महीने गृहमंत्री अमित शाह बंगाल का दौरा करते रहेंगे।  (आईएएनएस)

सोनिया गांधी आखिरकार कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात के लिए हुईं राजी
17-Dec-2020 10:49 PM (183)

नई दिल्ली, 17 दिसंबर | कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक बदलाव को लेकर पत्र लिखने वाले23 असंतुष्ट नेताओं का समूह आखिरकार सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकता है. सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बैठक के आयोजन में अहम भूमिका निभाई है.

23 नेताओं ने पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन सभी बैठक में नहीं होंगे. 5 या 6 नेताओं के एक मुख्य समूह द्वारा व्यापक चिंताओं का प्रतिनिधित्व करने की संभावना है, ऐसा माना जाता है. सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक शनिवार को होगी, सुलह की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. यह स्पष्ट नहीं है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद रहेंगे या नहीं. लेकिन कांग्रेस का दावा है कि यह केवल सोनिया गांधी और असंतुष्ट नेताओं के बीच की बैठक नहीं है; अन्य जो पत्र के लिए हस्ताक्षरकर्ता नहीं थे, वे भी इसमें उपस्थित होंगे. 

सूत्रों के अनुसार, कमलनाथ ने तथाकथित असंतुष्ट नेताओं के कारण का समर्थन किया है, जिन्होंने पार्टी के पतन पर चिंता व्यक्त की थी और अगस्त में एक पत्र में "सक्रिय और वर्तमान नेतृत्व" के लिए कहा था. यह एक समूह द्वारा अवहेलना का एक आश्चर्यजनक कार्य था जिसमें पार्टी के सबसे वरिष्ठ रक्षक और प्रवक्ता शामिल थे.

सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के कारण मध्य प्रदेश में सत्ता गंवाने वाले कमलनाथ ने पत्र लिखने वाले नेताओं से मिलने के लिए गांधी परिवार को मनाने में भूमिका निभाई है. अब तक, उन्होंने असंतुष्टों से दूरी बना रखी थी.

लेटर बम गिराए जाने के तुरंत बाद, कुछ "असंतुष्ट", जैसे गुलाम नबी आज़ाद को सोनिया गांधी से मिलने समय नहीं दिया गया था.  इसके अलावा आज़ाद और एक अन्य पत्र लेखक मुकुल वासनिक को भी  कांग्रेस की एक ऑनलाइन बैठक में गांधी परिवार की मौजूदगी में नाराजगी का सामना करना पड़ा था. 

हाल ही में, बिहार चुनाव में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद एक असंतुष्ट नेता ने फिर से भड़कने की धमकी दी थी. पत्र लेखकों में से एक, कपिल सिब्बल ने अपने गुस्से को यह कहते हुए सार्वजनिक किया कि "आत्मनिरीक्षण का समय समाप्त हो गया है."

उनके बाद, पी चिदंबरम जैसे अन्य पार्टी नेताओं ने भी "व्यापक समीक्षा" की बात कही और सुझाव दिया था कि पार्टी को अपने मूल को मजबूत करने की आवश्यकता है.

नए साल में पार्टी का नया प्रमुख चुनने में लगी कांग्रेस में गर्माहट के संकेत उभरे हैं. पिछले साल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की लगातार दूसरी हार पर राहुल गांधी द्वारा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था.  (khabar.ndtv.com/news)

राम मंदिर बर्दाश्त नहीं इसलिए हो रहा है किसान आंदोलन
17-Dec-2020 10:41 PM (231)

सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष कश्मीर में धारा 370 खत्म करने से भी नाराज है इसलिए वो किसानों को गुमराह कर उन्हें सरकार के खिलाफ आंदोलन करवा रहा है.

लखनऊ, 17 दिसंबर | उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण विपक्ष को बर्दाश्त नहीं हो रहा है. इसलिए वो कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों से आंदोलन करवा रहा है. बीजेपी किसानों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए जगह-जगह किसान रैली कर रही है. उसी सिलसिले में आज बरेली की किसान रैली में योगी आदित्यनाथ ने ये बात कही.

बरेली की किसान रैली में योगी आदित्यनाथ ने किसानों के सामने सरकार का नजरिया पेश किया. उन्होंने कहा,  "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया है जो विपक्ष को बर्दाश्त नहीं है. इसलिए वो किसानों को गुमराह कर आंदोलन करवा रहा है." 

सीएम योगी ने रैली के दौरान अपने संबोधन में कहा, "मैं पूछना चाहता हूं....आप बताएं कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनना चाहिए या नहीं बनना चाहिए? मोदी जी नने ये काम ठीक किया? आप समर्थन करते हैं? एक बार बोलिए....जय श्रीराम... "

सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष कश्मीर में धारा 370 खत्म करने से भी नाराज है इसलिए वो किसानों को गुमराह कर उन्हें सरकार के खिलाफ आंदोलन करवा रहा है. इससे वहां अलगाववाद भी खत्म होगा और आप वहां जमीन भी खरीद सकेंगे. उन्होंने आगे कहा, "मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि कश्मीर में धारा 370 को खत्म करके प्रधानमंत्री मोदी जी ने जो अधिकार पूरे देश को दिया है वो अच्छा कार्य हुआ है? प्रधानमंत्री मोदी जी का अभिनंदन करते हैं? तो फिर एक साथ बोलेंगे भारत माता की जय..."

सीएम योगी ने कहा  कि नए कृषि कानून से निजी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को ज्यादा दाम मिलेगा. उन्होंने कहा, "एक निजी क्षेत्र में मंडी एक स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है, जिससे किसानों को ज्यादा दाम मिल सके. किसान अपनी उपज को मंडी के अलावा कहीं बाहर बेचना चाहेगा , तो उसे किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं लगेगा."  (khabar.ndtv.com/news)

सच्चे राष्ट्रवादी राष्ट्रपति की गोवा यात्रा का कभी विरोध नहीं करेंगे
17-Dec-2020 9:06 PM (119)

पणजी, 17 दिसंबर | कोई भी सच्चा राष्ट्रवादी कभी भारत के राष्ट्रपति की गोवा यात्रा का विरोध नहीं करेगा। यह बात गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गुरुवार को कही।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दो दिन बाद तटीय राज्य गोवा का दौरा करने वाले हैं। वह गोवा मुक्ति दिवस की 60वीं वर्षगांठ के समारोह का उद्घाटन करने के लिए अपनी आधिकारिक यात्रा पर जाने वाले हैं।

सावंत ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की। उन्होंने विपक्षी पार्टी गोवा फॉरवर्ड के अध्यक्ष विजय सरदेसाई की ओर से राष्ट्रपति कोविंद को पत्र लिखकर उन्हें अपनी गोवा यात्रा को रद्द करने की अपील के बाद यह प्रतिक्रिया दी।

गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से आग्रह किया कि 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मिले आमंत्रण को ठुकरा दें।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की थी कि राष्ट्रपति कोविंद गोवा मुक्ति दिवस समारोह में शामिल होंगे। राज्य की भाजपा सरकार पहले ही गोवा मुक्ति दिवस की 60वीं वर्षगांठ मनाने के लिए 19 दिसंबर, 2020 से लेकर 19 दिसंबर, 2021 तक विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा कर चुकी है और उसने केंद्र से इसके लिए 100 करोड़ रुपये देने का अनुरोध भी किया है।

गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी ऐसे समय में जश्न का हिस्सा नहीं होगी, जब राज्य वित्तीय संकट से गुजर रहा है। उन्होंने यह तर्क भी दिया है कि कोविड-19 महामारी और आगामी आर्थिक मंदी के कारण राज्य नकदी संकट का सामना करना पड़ रहा है। कोविंद को लिखे पत्र में सरदेसाई ने कहा, "समारोह के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करने का वास्तव में कोई मतलब नहीं है।"

सावंत ने कहा, "गोवा के इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति गोवा मुक्ति दिवस कार्यक्रम के लिए उपस्थित होंगे। जो लोग सच्चे राष्ट्रवादी हैं और गोवा से प्यार करते हैं, वे कभी राष्ट्रपति से गोवा नहीं आने का आग्रह नहीं करेंगे। हमें राष्ट्रपति का स्वागत करना चाहिए।"

सावंत ने कहा, "जो राष्ट्रवादी हैं, उन्हें भारत के राष्ट्रपति को ऐसे पत्र नहीं लिखने चाहिए। अब उन्हें फिर से आने का आग्रह करते हुए राष्ट्रपति को पत्र लिखना चाहिए। हम देश को प्यार करने वाले लोग हैं।"  (आईएएनएस)

कम नहीं हो रहीं ममता की मुश्किलें, अब आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस विधायक ने दिया इस्तीफा
17-Dec-2020 7:57 PM (82)

कोलकाता, 17 दिसंबर | 2021 पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं. शुभेंदु अधिकारी के बाद पार्टी के विधायक और आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन जितेंद्र तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. टीएमसी से इस्तीफा देने के बाद जितेंद्र तिवारी 19 दिसंबर को बीजेपी का दामन थाम सकते हैं.

जानकारी के मुताबिक, जितेंद्र तिवारी शुभेंदु अधिकारी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में मेदिनीपुर में खुली जनसभा में बीजेपी में शामिल होंगे. एक दिन पहले जितेंद्र तिवारी ने राज्य सरकार पर केंद्र की ओर से मिल रहे फंड को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया था. जितेंद्र तिवारी का आरोप है कि राज्य सरकार राजनीति की वजह से आसनसोल नगर निगम को केंद्र से मिलने वाला फंड इस्तेमाल नहीं करने दे रही है.

शहरी विकास मंत्री हकीम को लिखी थी चिट्ठी
रविवार को जितेंद्र तिवारी ने शहरी विकास मंत्री हकीम को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार राजनीतिक वजहों से आसनसोल नगर निगम को केंद्र की तरफ से मिले 2000 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल नहीं करने दे रही है. यह फंड स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत जारी किया गया था. तिवारी का यह भी आरोप है कि इस मुद्दे पर वह पहले भी कम से कम पांच बार हकीम को चिट्ठी लिख चुके हैं लेकिन रविवार को लिखी चिट्ठी किसी ने जानबूझकर लीक कर दी.

18 दिसंबर को होनी थी ममता से मुलाकात
पत्र लिखे जाने के बाद जितेंद्र तिवारी को ममता बनर्जी ने भी फोन किया था. इस बाबत शुक्रवार को उनकी ममता बनर्जी के साथ बैठक होनी थी, लेकिन उसके पहले ही वह प्रशासक पद से इस्तीफा दे दिया.  (hindi.news18.com)

भाजपा ने कांग्रेस से पूछा, किसानों को फसल बेचने की आजादी क्यों न मिले?
17-Dec-2020 7:34 PM (123)

पटना, 17 दिसंबर | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने गुरुवार को कृषि कानूनों का विरोध कर रही कांग्रेस से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आखिर किसानों को अपनी फसल बेचने की आजादी क्यों नहीं देना चाहती है। पश्चिम चंपारण जिले के नौतन और चनपटिया में आयोजित विभिन्न किसान चौपालों को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जायसवाल ने कहा कि जिन कृषि कानूनों के लिए कभी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल खुद पैरवी कर रहे थे, आज उसी के विरोध में इनका खड़ा होना यह साफ जाहिर करता है कि इनके लिए अपनी राजनीति, किसानों के विकास से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, "महज राजनीतिक स्वार्थो की पूर्ति के लिए आज किसानों को डराया जा रहा है। उन्हें उनके हक और हुकूक से वंचित रखने की साजिश रची जा रही है। कांग्रेस बताए कि आखिर किसानों को अपनी फसल अपने हिसाब से बेचने की आजादी क्यों नहीं मिलनी चाहिए? किसानों की आय बढ़ने से आखिर उन्हें क्या तकलीफ है?"

डॉ. जायसवाल ने आगे कहा कि किसान देश का अन्नदाता है, लेकिन अपने स्वार्थ में कांग्रेस आज उन्हें भी नहीं बख्श रही है। आज यह किसानों को कांन्ट्रैक्ट फार्मिग का डर दिखा रहे हैं, लेकिन खुद इनके शासित पंजाब और महाराष्ट्र में यह वर्षो से जारी है।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि अगर कांन्ट्रैक्ट फार्मिग और एपीएमसी खराब है तो वह महाराष्ट्र, पंजाब और केरल जैसे राज्यों में आंदोलन क्यों नहीं करती? और अगर इन कानूनों से वहां के किसानों को लाभ मिल रहा है तो फिर इससे अन्य राज्यों के किसानों को कैसे नुकसान पहुंच सकता है?"  (आईएएनएस)

दिल्ली विधानसभा: मुख्यमंत्री केजरीवाल ने फाड़ी केंद्रीय कृषि कानूनों की प्रतियां
17-Dec-2020 6:31 PM (86)

नई दिल्ली, 17 दिसंबर | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को विधानसभा में तीन केंद्रीय कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ी। इन तीनों कानूनों को केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित कराया जा चुका है। गुरुवार को बुलाए गए दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में दिल्ली सरकार ने इन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया और इन कानूनों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। तीनों केंद्रीय कानूनों की प्रतियां फाड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हम इन कानूनों को मानने से इनकार करते हैं। यह कृषि कानून हमारे किसानों के खिलाफ हैं।"

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए दिल्ली विधानसभा में कहा, "20 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं। रोज एक किसान शहीद हो रहा है। मैं केंद्र सरकार से पूछना चाहता हूं कि और कितनी शहादत और कितनी जान आप लेंगे।"

केजरीवाल ने केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध किया और कहा, "देश के किसानों की मांगों के साथ आम आदमी पार्टी मजबूती के साथ खड़ी है। किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ दिल्ली विधानसभा खड़ी है।"

विधानसभा में दिल्ली सरकार द्वारा कहा गया कि अगर तुम किसानों के ऊपर लाठी चलाने के राजनीति करोगे तो हम किसानों की रक्षा करने की राजनीति करेंगे। इसके साथ ही दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया।

दिल्ली सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की है। राज्य सरकार के मुताबिक यह कानून किसान विरोधी हैं। वहीं भाजपा विधायकों ने सरकार के इस रवैए पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अलावा आम आदमी पार्टी के विधायक एवं पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती और विधायक मोहिंदर ने सदन के भीतर केंद्र सरकार के इन तीनों कानूनों की प्रतियों को फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।

किसानों का समर्थन करते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत ने विधानसभा पटल पर कहा, "दिल्ली सरकार और यह विधानसभा, किसानों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का पूरी तरह समर्थन करती है। किसानों की सभी मांगे न्यायोचित हैं और किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य मिलना चाहिए।"

आम आदमी पार्टी के विधायकों ने केंद्रीय कृषि कानूनों को मानने से इनकार कर दिया। आप विधायकों ने इन कानूनों की प्रति फाड़ने के बाद कहा कि हम इन कानूनों को मानने से इनकार करते हैं। यह काले कानून किसानों के हितों के खिलाफ हैं।

दिल्ली सरकार में मंत्री कैलाश गहलोत ने कृषि कानूनों का विरोध करते हुए विधानसभा के अंदर कहा, "हम किसान आंदोलन का समर्थन करते हैं। इस पूरी लड़ाई में पूरी आम आदमी पार्टी और पूरी दिल्ली सरकार किसानों के समर्थन में खड़ी है। जैसे ही किसानों के दिल्ली पहुंचने का पता लगा, मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदर्शन स्थल का दौरा करें और किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाओं का इंतजाम किया जाए।"

गहलोत ने कहा, "केंद्र सरकार ने किसानों को बंद करने के लिए दिल्ली के स्टेडियमों को जेल बनाने की अनुमति मांगी थी। हालांकि दिल्ली सरकार ने यह अनुमति देने से इनकार कर दिया। किसान बस अपनी फसल के लिए उचित मूल्य ही तो मांग रहे हैं। क्या किसानों को इतना अधिकार नहीं है कि वह अपनी फसल का उचित मूल्य मांग सकें। किसान इतने दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही।"

वहीं वरिष्ठ भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने दिल्ली सरकार के इस रुख का विरोध किया। उन्होंने कहा, "दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को पंजाब और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव दिखाई पड़ रहे हैं, जिसके कारण वह कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। जिस समय यह बिल बनाए जा रहे थे, उस समय दिल्ली सरकार ने कोई विरोध क्यों नहीं किया।"

--आईएएनएस

बिहार की राजनीति से 'गायब' हुए तेजस्वी, विरोधियों ने साधा निशाना
17-Dec-2020 1:08 PM (61)

पटना, 17 दिसंबर| बिहार की सियासत से कुछ दिनों से अनुपस्थित रहने के कारण राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव एक बार फिर से विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं। भाजपा, जदयू उनके सियासत से 'गायब' रहने पर लगातार निशाना साध रहे हैं और चुटकी ले रहे हैं। इस बीच, हालांकि राजद के नेता उनके समर्थन में नजर आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव इन दिनों दिल्ली में हैं।

बिहार के पूर्व मंत्री और जदयू के नेता नीरज कुमार ने गुरुवार को तेजस्वी पर कटाक्ष करते हुए उन्हें 'भ्रष्टाचारी युवराज' बताया है। नीरज ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, महागठबंधन को अधर में छोड़ राजद के 'भ्रष्टाचारी युवराज' तेजस्वी यादव पूर्व की भांति पुन: लापता। कुनबा हताश। उम्मीद है नवसामंतवाद का अपना प्रतीक 'मचिया' साथ ले गए होंगे। पर कहां इसकी खबर तो होनी चाहिए। बिहार के आम अवाम जानना चाहती है। राजद स्पष्टीकरण दे।

इधर, भाजपा के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी तेजस्वी के सियासत से अनुपस्थित रहने पर निशाना साधा है।

सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव पर राज्य से बाहर रहने का आरोप लगाते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव फिर लगातार राज्य से बाहर समय गुजार रहे हैं, जिससे राजद जिम्मेदार प्रतिपक्ष के संवैधानिक दायित्व का निर्वाह ठीक से नहीं कर पा रहा है। पिछले सदन के अंतिम वर्ष में तो वे स्पीकर को बताए बिना 33 दिन तक गैरहाजिर थे।

मोदी ने आगे लिखा, तीन नए कृषि कानूनों के विरुद्ध किसानों को गुमराह करने के लिए आहूत भारत बंद के समय तेजस्वी यादव के गायब रहने के कारण महागठबंधन नेतृत्वहीन रहा।

उन्होंने तेजस्वी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि कोई भी पद दायित्व निभाने के लिए होता है, केवल जनता के पैसे से सुरक्षा-सुविधा पाने के लिए नहीं।

जदयू ने सवाल खड़े करते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव आकाश, पाताल जहां भी हैं, अपनी जानकारी साझा करें, क्योंकि पूरा कुनबा परेशान है।

इधर, तेजस्वी की पार्टी राजद ने सफाई देते हुए कहा कि वे दिल्ली में किसान आंदेालन के समर्थन में हैं। राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं। हालांकि तेजस्वी के नजर नहीं आने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मुद्दों से भटकाने के लिए एक बार फिर से हमारे नेता तेजस्वी यादव को निशाना बनाया जा रहा है। (आईएएनएस)
 

पार्टी में कोई असंतोष नहीं
16-Dec-2020 10:05 PM (129)

पंचकूला (हरियाणा), 16 दिसंबर | हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने बुधवार को पंचकूला नगर निगम चुनाव के बाबत पार्टी में असंतोष की अफवाहों को खारिज कर दिया। यहां एक प्रश्न का जवाब देते हुए, उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट हैं और मेयर के रूप में उपिंदर अहलूवालिया और अन्य वार्डो के पार्टी उम्मीदवारों की जीत के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।

उसने कहा कि टिकट न मिलने से परेशान होना एक सामान्य प्रतिक्रिया थी।

उन्होंने कहा, "हर किसी को टिकट नहीं मिल सकता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो राजनीति में इस तरह से चलती है। टिकट से इनकार करने का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ खत्म हो गया है क्योंकि पार्टी संरचना के भीतर आगे बढ़ने के अन्य तरीके हैं।"

उन्होंने कहा, "हम जमीनी स्तर पर सकारात्मक संकेत भेजने के लिए पार्टी के सिंबल पर पर एमसी चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देशों के बाद, पार्टी नेता और कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं।"  (आईएएनएस)

कांग्रेस ने उत्तराखंड में 'धन्यवाद जवान' अभियान शुरू किया
16-Dec-2020 9:50 PM (65)

देहरादून, 16 दिसंबर | वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की 50 वीं वर्षगांठ पर, उत्तराखंड कांग्रेस ने बुधवार को राज्य के सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति पार्टी आभार व्यक्त करने के लिए 'धन्यवाद जवान' अभियान शुरू किया। उत्तराखंड कांग्रेस प्रमुख प्रीतम सिंह ने 'धन्यावाद जवान' अभियान को लॉन्च किया और उनका अगले दो महीनों में राज्य के सभी जिलों में सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के परिवारों से मिलने का कार्यक्रम है।

सिंह ने कहा, "हम अपने सशस्त्र बलों के जवानों की वीरता और साहस को सलाम करते हैं और उन्हें विश्वास दिलाते हैं कि मैं एक भाई की तरह उनके परिवार, बच्चों और माता-पिता की देखभाल करूंगा।"

उन्होंने कहा कि वह अगले दो महीनों में प्रत्येक सैनिक के घर का दौरा करेंगे और उनकी समस्याओं के हल के लिए उचित कदम उठाएंगे।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि उन्होंने परिवारों तक पहुंचने और उनकी शिकायतों के बारे में जानने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर - 7669643999 भी लॉन्च किया है।

इस अवसर पर कांग्रेस नेता ने सशस्त्र बल के 30 परिवारों को सम्मानित किया।

सिंह ने कहा कि उत्तराखंड ने भारत की सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य के 1,343 सैनिकों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है, जिनमें 1 परमवीर चक्र, 6 अशोक चक्र, 13 महावीर चक्र और 32 कीर्ति चक्र शामिल हैं।

दिसंबर 1971 में, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान सेना पर एक निर्णायक और ऐतिहासिक जीत हासिल की, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण भी था।  (आईएएनएस)

केरल स्थानीय निकाय चुनावों में वाम मोर्चा को बढ़त
16-Dec-2020 9:38 PM (127)

तिरुवनंतपुरम, 16 दिसंबर | केरल मेंहुए स्थानीय निकाय चुनावों में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (मकपा) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा अपने प्रतिद्वंद्वियों से बढ़त बनाए हुए है। यह मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन के लिए राहत की बात है। मतगणना बुधवार को अंतिम चरण में पहुंची। विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाला युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, जिसे शुरू में सुबह 8 बजे शुरू हुई मतगणना के पहले दौर में बेहतर प्रदर्शन करते देखा गया था, मगर विजयन सरकार के कई कथित घोटालों का प्रभाव इन चुनावों पर पड़ता नहीं दिख रहा है।

भाजपा के लिए एक बड़ा झटका स्पष्ट था, जो यह वादा करती थी कि वे उच्च सवारी करेंगे, लेकिन अपनी अपेक्षाओं को वांछित स्तर तक ले जाने में भी विफल रही।

कांग्रेस के लिए झटका कोच्चि नगर निगम में आया, जहां कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी एन. वेणुगोपाल अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी से सिर्फ एक वोट से हार गए, और वाम मोर्चा को झटका तिरुवनंतपुरम नगर निगम में आया, जहां मौजूदा मेयर के. श्रीकुमार हार गए।

त्रि-स्तरीय स्थानीय निकाय संरचना में, रुझानों से संकेत मिलता है कि राज्य के छह निगमों में, वाम मोर्चा ने कोल्लम, कोझीकोड और तिरुवनंतपुरम में आसान जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने त्रिशूर, कन्नूर और कोच्चि में अच्छा प्रदर्शन किया है।

नगरपालिकाओं में, यूडीएफ 45 में आगे है, एलडीएफ 35 में और भाजपा चार में आगे है।

14 जिलों में से 10 में वाम मोर्चा आगे है और यूडीएफ चार में आगे चल रहा है। ब्लॉक पंचायतों में, एलडीएफ 108 में आगे है, जबकि यूडीएफ 44 में। ग्राम पंचायतों में, एलडीएफ 514 में आगे है और यूडीएफ 377 में जबकि भाजपा 22 में। अंतिम नतीजे देर रात में आने की संभावना है।  (आईएएनएस)