विशेष रिपोर्ट

कोरोना प्रकोप, छोटे उद्योग  बंद पर ब्लॉस्ट फर्नेस चालू!
कोरोना प्रकोप, छोटे उद्योग बंद पर ब्लॉस्ट फर्नेस चालू!
27-Mar-2020

कोरोना प्रकोप, छोटे उद्योग 
बंद पर ब्लॉस्ट फर्नेस चालू!

सामाजिक कार्यकर्ता रमेश अग्रवाल ने उद्योग सचिव को भेजा नोटिस
शशांक तिवारी
रायपुर, 27 मार्च (छत्तीसगढ़ संवाददाता)।
सरकार ने कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते उद्योगों को बंद करने के आदेश तो दिए हैं, लेकिन ब्लॉस्ट फर्नेस में छूट दे दी गई है। जिसके कारण रायगढ़ के जिंदल सहित कई उद्योगों में यथावत उत्पादन हो रहा है। सरकार के फैसले पर कुछ मजदूर संगठनों ने आपत्ति उठाई है। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश अग्रवाल ने उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुवा को नोटिस भेजा है और उन्हें आदेश में ब्लॉस्ट फर्नेस की छूट को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है, ऐसा नहीं करने पर न्यायालय में वाद दायर करने की चेतावनी दी है। 

रायगढ़ के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता रमेश अग्रवाल ने फेसबुक पर लिखा है कि सरकारी आदेश से उद्योग बंद है। रामबाई की चक्की भी बंद है, लेकिन जिंदल की ब्लॉस्ट फर्नेस चालू है। रायगढ़ का जिंदल स्टील प्रदेश का निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा उद्योग है। सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते उद्योगों को बंद करने के आदेश दिए हैं। मगर इस आदेश में ब्लॉस्ट फर्नेस को छूट दी गई है। इस पर कुछ मजदूर संगठनों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता रमेश अग्रवाल ने भी आपत्ति की है। 

श्री अग्रवाल ने इस सिलसिले में प्रमुख सचिव मनोज पिंगुवा को फेसबुक के जरिए नोटिस भेजा है। उन्होंने नोटिस में उल्लेखित किया है कि कोरोना महामारी से बचने और उसके फैलने को रोकने की नीयत से प्रदेश के कुछ अत्यावश्यक उद्योगों को छोड़कर बाकी सभी उद्योगों को बंद करने का आदेश पारित किया गया है। इसमें ब्लॉस्ट फर्नेस को छूट दी गई है। 

श्री अग्रवाल ने कहा कि ब्लॉस्ट फर्नेस में केवल लोहे का उत्पादन होता है, जो कि अत्यावश्यक यथा खाने-पीने का सामान, दवाईयां और इससे संबंधित वस्तुएं इत्यादि की श्रेणी में नहीं आता है। ब्लॉस्ट फर्नेस और इससे जुड़ी कई अन्य इकाइयों में हजारों मजदूरों की जरूरत होती है। देश के प्रधानमंत्री तक ने लोगों को एक जगह एकत्र होने पर रोक लगा दी है। पूरे देश में कम्पलीट शटडाउन कर दिया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि आपने और सरकार ने बीना सोचे समझे, आम जनता और मजदूरों की चिंता किए बिना बगैर किसी निहित स्वार्थ से प्रेरित होकर आदेश पारित किया है। चूंकि घर से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। इसलिए यह पत्र रजिस्टर्ड पोस्ट से पे्रषित करने में असमर्थ हूं। यह नोटिस सोशल मीडिया के मार्फत प्रेषित की जा रही है। 

श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि उपरोक्त आदेश में ब्लॉस्ट फर्नेस में दी गई छूट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर सूचित करें अन्यथा आपके खिलाफ सक्षम न्यायालय में वाद दायर किया जा सकेगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आपकी होगी और वाद में खर्च की भरपाई भी की जाएगी। 

अन्य पोस्ट

Comments