छत्तीसगढ़

  • कई इलाके अब भी कटे, प्रभावित लोग शिविरों में 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 19 जुलाई। तीन दिनों से जारी बारिश आज सुबह 8 बजे थमी।   ग्रामीण इलाकों में अब भी हल्की बारिश जारी है। नदी-नाले अब भी खतरे के निशान से उपर बह रहे हैं। बस्तर संभाग मुख्यालय से कई जगहों से सड़क सपंर्क अब भी टूटा हुआ है। जगदलपुर बीजापुर, बीजापुर भोपालपट्नम और बासागुड़ा बीजापुर मार्ग अब भी बंद है।   
    राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर काकड़ी घाट पुल बाढ़ आने से डूबा जिससे वाहनों का आना जाना बंद है। चित्रकूट विधानसभा के तोकापाल ब्लॉक के ग्राम पराकोट पुल लबालब है जिससे  13 गावों का  संपर्क टूट गया है। इसी तरह ककड़ी घाट जगदलपुर रायपुर मार्ग बंद है। इधर जगदलपुर की निचले इलाकों की हालत सबसे खराब है। कई कच्चे मकान गिर गए हैं। प्रभावितों को शिविरों में रखा गया है। कई सेवाभावी संस्थान पीडि़तों के भोजन आदि की व्यवस्था में लगे हुए हैं।
    मिली जानकारी के अनुसार ओडिशा के मलकानगिरी इलाके में भारी बारिश हो रही है जिसके कारण यहां की नदी-नालों में जलस्तर अब भी खतरे के निशान के पार है। कई इलाके अब भी जलमग्न हैं। जगदलपुर शहर के निचले इलाकों में पानी अब बी भरा हुआ है। कई कच्चे मकान ढह गए हैं लेकिन किसी जनहानि की सूचना नहीं है। 
    बाढ़ प्रभावितों को रेलवे स्कूल, उत्कल भवन, भैरमगज मंगल भवन, नयामुंड़ा भगत सिंह स्कूल, लालबाग आजाद स्कूल, आमागुड़ा आंगनबाड़ी, नायामुण्डा केंद्र में लाकर रखा गया है। यहां पर डॉक्टर  बीमार प्रभावितों का इलाज कर रहे हैं।   मानव सेवा माधव सेवा जगदलपुर, सर्व धर्म समाज एवं रेड क्रॉस पीडि़तों की मदद में जुटा हुआ है। 

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  • ग्रामीण इलाकों से सड़क संपर्क कटा

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 18 जुलाई। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी के बाद पिछले 24 घंटे से बस्तर में बारिश ने अपनी रूख दिखाना शुरू कर दिया है। बस्तर संभाग के सात जिलों में से दक्षिण बस्तर के तीन जिले बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के कई इलाके जिला मुख्यालयों से कट गए हैं। बीजापुर में बिघनाचल नदी, दंतेवाड़ा में शंंकिनी-डंकिनी, सुकमा में सबरी समेत सभी छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर है। चित्रकोट जलप्रपात पूरे शबाब पर है। 
    कोंडागांव में भी हालात खराब होत जा रहे हैं। जिला मुख्यालय से कई गांवों का संपर्क कट चुका है नदी-नाले उफान पर हैं।   अभी तक कहीं से किसी जन-धन हानि की सूचना नहीं मिली है। जगदलपुर शहर में निचली बस्तियां डूब गई हैं। पूरा शहर पानी-पानी हो गया है। शहर के कई स्कूलों में छुट्टी दे दी गई है। पुराने पुल में उफान के बाद कलेक्टर ने मौके का जायजा लिया और इस मार्ग को बंद कर दिया गया है। 
    मिली जानकारी के अनुसार विगत तीन दिनों से कहीं तेज तो कहीं रूक-रूककर हो रही बारिश के कारण बस्तर संभाग के सातों जिले प्रभावित हुई है। कई भीतरी इलाकों में सड़क संपर्क टूटने की खबर है। नदी-नाले उफान पर है। 
    इधर बस्तर कलेक्टर धनंजय देवांगन और एसपी शेख आरिफ एच हुसैन आज सुबह शहर का मुआयना करने पहुंचे।  सोमवार रातभर हुई तेज बारिश ने जगदलपुर शहर की हालत बिगाड़ दी है। निचली बस्तियों के साथ ही कुछ पॉश कॉलोनियों के घरों में पानी भर गया। एफसीआई गोदाम के पीछे की ओर शहर में सबसे ज्यादा पानी भरा हुआ था। महारानी अस्पताल व टैगोर वार्ड के घरों में भी पानी भर चुका है। शहर के कुछ स्कूलों में पान भर जाने के कारण छुट्टी घोषित कर दी गई।
    शहीद पार्क के सामने पुल का पानी सड़क पर आ जाने के कारण आवागमन ठप हो गया है। शहर के अंदर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। धरमपुरा मार्ग में साई मंदिर के सामने सड़क पर पानी भर गया है जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।  
    नगर के पुराना पुल में पानी काफी उपर तक आ चुका है। 24 घंटे के अंदर और बारिश हुई तो पानी पुल के उपर आ जाएगा। गणपति रिसोर्ट के पास भी पानी भर गया था, जिससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था। लोग स्कूल और घर जाने के लिए नगरनार मार्ग का सहारा ले रहे हैं।
    स्वास्थकर्मी पर पेड़ गिरा, मौत
    कोंडागंाव के माकड़ी विकासखंड में आज सुबह ड्यूटी पर जा रहे एक स्वास्थकर्मी पर पेड़ गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक का नाम जीवनलाल पोयाम बताया गया है।

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