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Posted Date : 21-Nov-2017
  • नक्सल बयान में पोटाई, उसेंडी, तोड़ेम को चेताया, नेताम से की अपील

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 21 नवम्बर। नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने सोमवार को जारी बयान मेें पूर्व मंत्री विक्रम उसेंडी, पूर्व सांसद सोहन पोटाई, विधायक अंतागढ़ भोजराज नाग, राजाराम तोड़ेम को चेतावनी दी है। वहीं वरिष्ठ आदिवासी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम से आग्रह की भाषा में अपील की है। पार्टी के प्रवक्ता विकल्प ने परलकोट में बंगीय व आदिवासी जनता के बीच समरसता खत्म कर दुश्मनी फैलाने के लिए इन नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। 
    इस संबंध में आईजी बस्तर विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि नक्सल नेता का बयान अभी नहीं देखा है। देखकर ही कुछ कह सकेंगे। 
    जारी बयान में कहा गया है कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर पंखाजुर में निकाली गई रैली के दौरान अवांछित घटना के बाद फासिस्ट भाजपा सरकार के इसारे पर बरसों से रह रहे बंगीय एवं आदिवासी समाज के लोगों के बीच वैमनस्यता का जहर घोलने का प्रयास किया जा रहा है। 
    नक्सल नेता ने यह भी कहा है कि सरकार द्वारा विस्थापित किए गए बंगीय समाज के नमोशुद्र जाति को अजा वर्ग में शामिल करने की मांग को लेकर नेताओं द्वारा आदिवासी समाज को  यह कहकर भड़काने का प्रयास किया जा रहा है कि इससे आदिवासी कोटे में कमी आ जाएगी। 
    बयान में इस साजिश के पीछे विक्रम उसेंडी, विधायक भोजराज नाग, नगर पंचायत अध्यक्ष असीम राय, मनोज मंडल, विकास पाल, गस्तु उसेंडी, सोहन पोटाई व राजाराम तोड़ेम का हाथ होने की बात कही गई है। साथ ही इन नेताओं को चेतावनी दी गई है कि वे उत्पीडि़त जनता को बरगलाने से बाज आएं। 
    वहीं वरिष्ठ आदिवासी नेता अरविंद नेताम से यह अपील की गई है कि वे उत्पीडि़त आदिवासी जनता व दलित समाज के जायज मांगों का खुला समर्थन करें। नक्सल नेता ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में कोया, हल्बी, धुरवा, भतरी, उरांव व बंगीय भाषा में बच्चों को प्राथमिक शिक्षा मुहैया कराने की वकालत भी की है। 

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Posted Date : 20-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 20 नवंबर। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में सोमवार को प्रदेश के उच्च अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में सुरक्षा और विकास के मुद्दे पर चर्चा की गई। 
    इस बैठक में मुख्य सचिव विवेक ढांड, डीजीपी एन एन उपाध्याय, उपसेकेट्री बीबीआर सुब्रमण्यम, पीडब्ल्यूडी सचिव सुबोध सिंह, स्पेशल डीजी  नक्सल ऑपरेशन डी एम अवस्थी उपस्थित थे। इनके अलावा आईजी बस्तर विवेकानंद सिन्हा, कमिशनर दिलीप वासनिकर के अलावा बस्तर संभाग के सातों जिले के एसपी, कलेक्टर व सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। 
    बैठक में मुख्य रूप से दो विषयों पर चर्चा की गई। सड़कों को जोडऩे एवं  नक्सलियों के खिलाफ किए जाने वाले अभियानों की रणनीति तैयारी की गई। इस संबंध में जमीनी स्तर के अधिकारियों से चर्चा कर सार्थक नक्सली अभियान की 

    नीतिगत बारिकियों को समझकर उसके अनुरूप रणनीति का मसौदा तैयार किया जाएगा। 
    उल्लेखनीय है कि बस्तर में नक्सलवाद को लेकर पहली बार इस स्तर पर रणनीति तैयार की गई। इससे पहले राजधानी में ही इस स्तर की बैठक होती थी। 

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Posted Date : 14-Nov-2017
  • अधूरे शौचालय को खुद के खर्च से बनाकर कर रहे उपयोग
    सरपंच-सचिव पर लापरवाही का आरोप

    भूजबल बघेल
    बकावण्ड, 14 नवम्बर (छत्तीसगढ़)। जनपद पंचायत बकावण्ड के ग्राम पंचायत मटनार में अधूरे एवं गुणवत्ताहीन शौचालय से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सेफ्टीटेंक में कांक्रीट प्लेट की जगह पतला और कच्चा पत्थर से ढका गया है जो कि टूट रहा है, जिसके चलते शौचालय में शौच नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण भगत राम देवांगन ने बताया कि उनके घर में सरपंच व सचिव द्वारा अधूरा और गुणवत्ताहीन शौचालय बनाया गया था, जिसको लेकर मैंने कई बार शिकायत ग्राम प्रमुख और जनपद पंचायत में की थी पर मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद मैं स्वयं ही अधूरा शौचालय को खुद के खर्च से पूर्ण कर उपयोग कर रहा हूं। सरकार के द्वारा दी जाने वाली योजनाओं के लाभ से हमें अपने ही सरपंच व सचिव वंचित रखते हैं। ज्ञात हो कि ग्राम मटनार में कुल 342 शौचालय बनाए गए हैं और दो वर्ष हो गये ओडीएफ  हुए, लेकिन आज भी कुछ ग्रामीण गुणवत्ताहीन शौचालय के कारण शौचालयों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ग्राम के बेड़ागांव पारा निवासी हेमंत सुरेजिया ने बताया कि वार्ड पंच सुबरम पटेल के कहने से मेरे घर शौचालय नहीं बनाया गया जोकि आज भी शौचालय निर्माण अधूरा है। इस मामले में सचिव उमेश सेठिया ने कहा कि सभी 342 शौचालय पूर्ण किये गये थे। सभी का ग्रामीण उपयोग कर रहे हैं। ज्ञात हो कि सचिव के कथनी एवं करनी में काफी फर्क है।

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Posted Date : 08-Nov-2017
  • एक की मौत, दूसरा गंभीर, विशाखापट्नम रेफर

    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    बचेली, 8 नवंबर। रेल्वे स्टेशन बचेली के पास रेल्वे पुलिस बल के दो जवानों पर अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई , वहीं  दूसरा गंभीर रूप से घायल है। उसे अपोलो अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद विशाखापट्टनम भेजा गया है। 
    बचेली के रेल्वे स्टेशन से 300 मीटर की दूरी पर रेल्वे केबिन के पास बिजली खंबा के बीच एक आरपीएफ  जवान शिवा की लाश मिली। घटना 8 नवंबर, बुधवार की दोपहर 12 से 1 के बीच बताई जा रही है। इसी घटना में घायल दूसरा जवान आरके सिंह को अपोलो अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। घायल जवान के मुताबिक ये देानों हमेशा की तरह अपने प्रथम पाली में ड्यूटी कर रहे थे। कुछ दूरी में दो-चार लोगों को देखने के बाद इन दोनों यहां क्या कर रहे हो कहा। इसके बाद उक्त लोग बाजू में घनी झाडिय़ों के बीच बने पगडंडी के रास्ते में चले गए। जिसको देख यह जवान भी उनके पीछे गए। जहां लोगों की संख्या और ज्यादा थी, उनके पास धारदार हथियार थे। सभी ने दोनों जवानों पर हमला कर दिया। जिससे एक जवान की मृत्यु हो गई और घायल आरके सिंह लहूलुहान स्थिति में जैसे तैसे अपने स्टेशन मास्टर को जानकारी दी जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया। 
    21 वर्षीय मृतक शिवा पार्वतीपुरम विशाखापट्टनम का रहने वाला है। घायल 26 वर्षीय आरके सिंह उत्तरप्रदेश के वाराणासी का रहने वाला है। दोनों पिछले दो साल से यहां कार्य कर रहे थे। घायल आरके सिंह को अपेालो अस्पताल बचेली में प्राथमिक उपचार के बाद विशाखापट्टनम के रेल्वे मेन्स अस्पताल में रेफर किया गया। वहीं मृतक का पोस्टमार्टम कर उसके गृहग्राम के लिए भेज दिया गया। 
    घटना की जानकारी लगते ही किरंदुल पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धीरेन्द्र पटेल, बचेली पुलिस थाना प्रभारी सौरभ सिंह, उपनिरीक्षक सनत मैत्रे, प्रवीण सिंह, किंरदुल थाना प्रभारी जेपी गुप्ता, भांसी थाना प्रभारी केके वर्मा व आरपीएफ के अधिकारी स्थल पर पहुंचे। पुलिस इस घटना की छानबीन कर रही है। 
    इस घटना को किसने अंजाम दिया इस पर सही तरीके से पता नहीं चल पाया है। चोर या कबाडिय़ों द्वारा इस घटना में हाथ होने की बात सामने आ रही है तो कुछ इसे नक्सलियों की करतूत भी बता रहे हैं। लेकिन नक्सलियों द्वारा घटना अंजाम के बाद वे स्थल पर बैनर पोस्टर छोड़ते हंै, लेकिन घटना स्थल पर ऐसा कुछ भी सामान बरामद नहीं हुआ है। पुलिस भी सही बता नहीं पा रही है कि घटना किनके द्वारा की गई है। बिना जांच के पुलिस कुछ नहीं कह रही। आरपीएफ  जवानों के साथ यह पहली घटना है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से बाकि जवान, रेल्वे कर्मचारी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, वहीं बचेली नगर के लोगों में भी दहशत है। 

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Posted Date : 03-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    भानुप्रतापपुर, 3 नवंबर। बेजा कब्जा हटाने के लिए शुक्रवार को स्थानीय प्रशासन ने वर्षों पुराने संतोषी मंदिर में तोडफ़ोड़ की। मूर्ति को उखाड़कर थाना ले आए। इस कार्रवाई से नागरिक उग्र हो गए और थाने का घेराव करते हुए चक्काजाम कर दिया। प्रशासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए एसडीएम, एसडीओपी, सीएमओ, तलसीलदार व नायब तहसीलदार को तत्काल निलंबत करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। व्यपारियों ने भी अपनी दुकानें बंद कर दी। तनाव की हालात को देखते हुए आसपास से पुलिस बल बुलाकर तैनात किया गया। डीआईजी एवं एसपी ने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर चर्चा की तब मामला शांत हुआ। मूर्ति को गाजे बाजे के साथ थाने से पुन: मंदिर ले जाया गया।
     संबलपुर मार्ग बस स्टैण्ड के पास संतोषी मंदिर स्थापित है। क्षेत्र में धार्मिक आस्था का केन्द्र माना जाता है। प्रतिदिन की तरह आज भी सुबह चार बजे मंदिर परिसर में माताजी की पूजा-अर्चना की जा रही थी। उसी दौरान प्रशासनिक अमला एसडीएम राहुल वेंकेटेश, एसडीओपी कवि गुप्ता, तहसीलदार एन एच घुटे मंदिर पहुंचकर तोडऩा शुरू कर दी। जिसका विरोध भक्तों ने किया लेकिन प्रशासन ने किसी की नहीं सुनी और मंदिर तोड़कर विस्थापित प्रतिमा को उखाड़कर थाने ले आए। 
    यह घटना कुछ ही समय में क्षेत्र में फैल गई और लोगों की भीड़ बढ़ती ही गई। देखते-देखते वहां हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ ने थाने का घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी करने लगे। नहर के चारों मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। टायर आदि जलाकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। आवगमन पूरी तरह से बंद हो गई। अलग-अलग राजनीतिक दल के नेता भी काफी संख्या में पहुंच गए। 
    चक्काजाम के दौरान आवगमन पूरी तरह से प्रभावित रही। स्कूली बसें भी नहीं चली। इस बीच पुलिस बल एवं भीड़ के बीच पथराव भी हुई। जिससे एक दर्जन से अधिक लोगों को चोटें लगी, जिसे अस्पताल में भर्ती किया गया।
    ममला को शांत करने के लिए डीआईजी रतन लाल डांगी, एसपी श्री धु्रव प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा करने पहुंचे। जनप्रतिनिधियों नेे दोषी एसडीएम राहुल वेंकट, एसडीओपी कवि गुप्ता, सीएमओ तरुण पाल लहरे, प्रभारी तहसीलदार एन एच खुटे सहित घटना स्थल पर उपस्थित रहे अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ  कार्रवाई की मांग की। जिस पर श्री डांगी ने एसडीएम, एसडीओपी को भानुप्रतापपुर से हटाने की बात कही। सीएमओ प्रभारी तलसीलदार को भी यहां से हटाए गए। 
    उन्होंने जांच के बात कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। मूर्ति को गाजे बाजे के साथ थाने से पुन: मंदिर ले जाया गया।
    नगर पंचायत अध्यक्ष निखिल सिंह राठौर ने कहा कि हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। सुबह से ही वह घटना स्थल पर डटे रहे।
    अंतागढ़ विधायक भोजराज नाग ने कहा कि मंदिर को पुन: स्थापित करे एवं दोषी के प्रति कड़ी कार्रवाई की जाए। धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलाड़ करना अनुचित है। जो भी इस कृत को किया है उसका मैं विरोध करता हूं, उसके प्रति कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
     जिलाध्यक्ष भाजपा कांकेर हलधर साहू ने भी अपना विरोध जताया एवं दोषी अधिकारी के प्रति कड़ी कार्रवाई की बात कही। पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा ने भी विरोध जताया।

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Posted Date : 17-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 17 अक्टूबर। जिले के कोड़ेेनार थाना क्षेत्र अंतर्गत बारूपाटा गांव में 30 सितंबर को ग्रामीण लक्षिनधर की हत्या के मामले का खुलासा हो गया है। गांव के ही दो लोगों ने जादू-टोने का संदेह तथा भूमि विवाद पर चार लोगों को उसकी हत्या की सुपारी दी थी।
    प्रकरण का पटाक्षेप करते एएसपी लखन पटले ने बताया कि घटना के बाद पुलिस मामले की बारीक तफ्तीश कर रही थी। मृतक के गायब मोबाइल से पुलिस को अहम सुराग मिला। पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त तीन बाइक एवं सुपारी से मिले रकम से खरीदी वाहन भी जब्त की है। बताया गया कि मृतक लक्षिनधर का सोनसिंह व चंदरू का पुराना जमीन विवाद चल रहा था। साथ ही सोनसिंह को उस पर जादू-टोना करवाने का भी शक था। इसी बदले की भावना से सोनसिंह व चंदरू ने मिलकर आरोपियों को एक लाख में हत्या की सुपारी दी थी। आरोपी सुखनाथ नाग, राजमन बघेल, धरम सिंह नायक व परशु राम ने लक्षिनधर की गला रेतकर हत्या कर दी थी। 
    पुलिस ने सभी आरोपियों के विरूद्घ हत्या, हत्या का षड़यंत्र समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर रिमांड पर भेजा गया। पत्रवार्ता के दौरान सीएसपी नीमेष बरैया व टीआई कोड़ेनार दुर्गेश शर्मा मौजूद थे।

     

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Posted Date : 14-Oct-2017
  • बस्तर : अनकही-अनजानी कहानियां
    बस्तर में पले बढ़े सुपरिचित लेखक राजीव रंजन प्रसाद ने बस्तर के उन पक्षों, तथ्यों और विशेषताओं को सामने रखा है जो अब तक बहुत ही कम पढऩे-सुनने को मिले हैं। उनके 250 लघु-आलेख की यह श्रृंखला- बस्तर की अनकही-अनजानी कहानियां, हम नियमित प्रकाशित कर रहे हैं।  
    दक्षिण बस्तर के भू-विज्ञान पर पुस्तक लिखने वाले क्रूकशैंक ने  आशंका व्यक्त की थी - बस्तर स्टेट और जैपोर स्टेट की मुख्य नदियाँ इन्द्रावती तथा शबरी (खोलाब) हैं। इन दोनों ही नदियों का उद्गम पूर्वी घाट से है। ये नदियाँ बहती हुई क्रमश: भोपालपट्टनम और कोनावरम के पास गोदावरी नदी में मिल जाती हैं। इन दोनों ही नदियों के बहाव में पूर्ण भिन्नता होने के बाद भी जैपोर के पठार में ये एक दूसरे के बहुत समीप पहुँच जाती हैं। इस स्थल पर भूमि इतनी समतल है कि दोनों नदियों में से किसी का भी आपस में मिल जाना आसान बात होगी। इस बात की संभावना अधिक है कि अंतत: शबरी नदी ही इन्द्रावती का शीष काट कर उसे अपने में समाहित कर लेगी (क्रूकशैंक, जीयोलॉजिकल रिपोर्ट ऑन साउथ बस्तर, 1932-38)। इस आशंका को ब्रिटिश प्रशासक एवं अध्येता ग्रिगसन में भी व्यक्त किया था, वे लिखते हैं- चित्रकोट जलप्रपात से ऊपर की ओर इन्द्रावती में दक्षिण से कोई बड़ी सहायक नदी आकर नहीं मिलती है क्योंकि यहाँ यह शबरी नदी के वाटर डिवाईडर के बहुत नजदीक से बहती है। एक स्थान पर तो ये नदियाँ इतनी नजदीक आ जाती हैं कि शबरी की एक सहायक नदी से इन्द्रावती नदी की मुख्यधारा की दूरी एक मील से भी कम रह जाती है (डब्लू व्ही ग्रिगसन, माडिया गोण्डस ऑफ बस्तर, 1938)।  अर्थात रियासत काल से यह ज्ञात था कि बस्तर की इन्द्रावती और शबरी नदियाँ परस्पर अस्तित्व के लिये खतरा बनी हुई हैं चूंकि जैपोर के पठार में कतिपय स्थानों पर वे समतल बहती हुई एक दूसरे के जलागम क्षेत्र को प्रभावित करने लगी थीं। यह परिस्थिति नब्बे के दशक के बाद विकराल हुई कि इन्द्रावती में रेत भराव की अधिकता, प्रवाह गति में कमी के कारण इसका पानी कट कर जोरा नाला से मिल कर शबरी नदी में विसर्जित होने लगा। इंद्रावती नदी के अस्तित्व पर  यह बड़ा खतरा था। इस कटाव को रोकने के लिये कई बार सीमेंट या रेत की बोरियाँ प्रवाह मार्ग में पटक कर इन्द्रावती को उसकी वास्तविक दिशा में बहने देने की कोशिश की गईं जो कि ठोस समाधान नहीं था। इस समस्या को अवसर बनाते हुए ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री गिरिधर गोमांग ने जोरानाला और इन्द्रावती के संगम स्थल पर एक अंतरप्रान्तीय सिंचाई परियोजना लगाने का सुझाव दिया। आज यह संरचना दोनो राज्यों की सरकारों के प्रयासों के पश्चात वर्ष 2016 से अस्तित्व में है। प्रश्न उठता है कि क्या सारा दोष केवल भूगोल का या ज़ोरानाला का ही है? 
    विवेचना कीजिये कि क्यों इन्द्रावती नदी में पानी की अनुपलब्धता की समस्या वर्ष 1990 के आसपास से ही आरंभ हुई? वस्तुत: वर्ष 1970 से 1990 के मध्य अपर इन्द्रावती बाँध (ओडिशा) का निर्माण किया जा रहा था जिसके पश्चात नदी प्रवाह को रोक लिया गया है। अब बाँध से छोड़ा जाने वाला नाम मात्र का पानी, डाउनस्ट्रीम में मुख्य धारा से मिलने वाले नदी नाले ही इस नदी में अपनी अपनी क्षमतानुरूप जल-अभिवृद्धि करते हैं। वास्तव में यह पूर्णत: ओडिशा सरकार का ही दायित्व होना चाहिये था कि बाँध के डाउनस्ट्रीम की समस्या का समुचित निराकरण करें। इसके विपरीत राज्यों के हित कागजी भाषा को ले कर टकराये कि करार में यह स्पष्ट नहीं है कि 45 टीएमसी पानी को इन्द्रावती नदी के प्रवाह में ओडिशा की ओर से मिलना है वह कब और कैसे मिलेगा। 

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Posted Date : 12-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 12 अक्टूबर। बीजापुर जिला के फुटापल्ली जंगल से पुलिस ने नक्सली डिप्टी कमाण्डर को गिरफ्तार किया है। जिसके उपर सरकार द्वारा 3 लाख ईनाम घोषित था। 
    पुलिस अधीक्षक बीजापुर एमआर आहिरे, अति पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नितिश ठाकुर के दिशा निर्देश पर थाना उसूर से निरीक्षक चाणक्य नाग के हमराह जिला बल 11 अक्टूबर को ग्राम फु टापल्ली व नड़पल्ली की ओर एम्बुश ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। मुखबिर से ऐसी सूचना मिली थी कि एलओएस डिप्टी कमाण्डर पुनेम सोना ग्राम फु टापल्ली में उपस्थित है। एम्बुश कार्रवाई के दौरान ग्राम फु टापल्ली जंगल से नक्सली वारंटी आरोपी पुनेम सोना भूसापुर थाना उसूर को पकड़ा गया। पकड़ा गया नक्सली आरोपी पर थाना उसूर के नक्सली अपराधों में 3 स्थाई वारंट एवं थाना आवापल्ली में 1 स्थाई वारंट लंबित था। पकड़ा गया आरोपी उसूर एलओएस का डिप्टी कमाण्डर है जिस पर छग शासन की ओर से 3 लाख रूपये का ईनाम घोषित था। 
    गुरूवार को थाना उसूर में विधिवत गिरफ्तारी उपरान्त न्यायालय बीजापुर पेश किया गया। पकड़े गए नक्सली आरोपी की लम्बे समय से पुलिस को तलाश थी। मुखबिर की सूचना के आधार पर एम्बुश कार्रवाई में उक्त नक्सली को पकडऩे में जिला पुलिस बल थाना उसूर को सफलता मिली। उक्त नक्सली आरोपी पर हत्या, हत्या का प्रयास, रोड काटने, लोक सम्पत्ति को क्षति पहुचाने, आम्र्स एक्ट एवं विस्फ ोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध था। पकड़ा गया आरोपी नक्सली संगठन में उसूर एलओएस के डिप्टी कमाण्डर के पद पर रहते हुए शासन विरोधी कार्यों में संलिप्त रहा था। 

     

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Posted Date : 05-Oct-2017
  • अंतागढ़, 5 अक्टूबर। पुलिस ने कोयलीबेड़ा के पानीडोबिर खेतपारा क्षेत्र में एक महिला सहित 4 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 2 बंदूक और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
    गिरफ्तार नक्सल आरोपियों के नाम उर्मिला आंचला, बजारू राम आंचला, रामनाथ उसेंडी और सुमंद सिंह है। इनमें उर्मिला और बजारू राम पति-पत्नी हैं। इनसे बरामद सामग्रियों में भरमार, गन पाऊडर, बिजली तार, छर्रा, डेटोनेटर, गंधक, बैनर-पोस्टर शामिल हैं।
    अंतागढ़ एसडीओपी पुपलेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला पुलिस और बीएसएफ की 125 और 35वीं बटालियन की टीम गस्त पर निकली थी। उसी दौरान चारों मावोवादियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस फिलहाल इनसे पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार नक्सली किन-किन वारदातों में शामिल थे इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।

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Posted Date : 25-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 25 सितम्बर। दरभा पुलिस ने सोमवार को सुकमा की ओर से आ रही बोलेरो वाहन की चेकिंग के दौरान दो आरोपियों के कब्जे से एक क्विंटल गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की कीमत चार लाख रूपए बताई गई है। सीएसपी निमेष बरैया ने बताया कि दशहरा पर्व के चलते दरभा पुलिस सीमा पर सघन जांच कर रही है। इस क्रम में सोमवार को सुकमा की ओर से आ रही बोलेरो क्रमांक एमपी 13-बीए- 1766 को चेकिंग के लिए रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर पिछली सीट में बैग में रखा गांजा पाया गया जिसका वजन करने पर एक क्विंटल होना पाया गया। पुलिस ने वाहन में सवार आरोपी नंदकिशोर विश्वकर्मा निवासी साजापुर मध्यप्रदेश व रामचंद कांछी को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मलकानगिरी से गांजा खरीदकर मध्यप्रदेश में खपाने ले जा रहे थे। इसके पहले भी वह वहां से गांजा की तस्करी कर चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरूद्घ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्घ किया है। कार्रवाई के दौरान उप निरीक्षक लालजी सिन्हा, रामविलास नेगी, प्रधान आरक्षक राधेलाल कोर्राम,घनश्याम मेश्राम आदि मौजूद थे।

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Posted Date : 25-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 

    जगदलपुर, 25 सितम्बर। जगदलपुर से दंतेवाड़ा हाइवे पर सोमवार को सुबह करीब पौने 11 बजे परलमेटा चौक कोड़ेनार में दंतेवाड़ा की ओर से आ रही खाली ट्रक ने जगदलपुर से बाइक पर दंतेवाड़ा में देवी दर्शन के लिए जा रहे बाइक सवार तीन महाविद्यालयीन छात्रों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक छात्र नीलधर कश्यप पिता मुन्नाराम 22 निवासी ग्राम भण्डाररास जिला सुकमा बीएसएसी फाइनल, रविन्द्र बघेल पिता तुलसीराम 30 निवासी ग्राम नारायणपाल लोहण्डीगुड़ा एमएससी फाइनल, हेमधर यादव पिता डुमर बीए फाइनल 26 निवासी कोठियागुड़ा लोहण्डीगुड़ा जिला बस्तर के निवासी थे जो जगदलपुर के धरमपुरा छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे थेे। देवी दर्शन के लिए तीन बाइक में तीन-तीन लड़के जा रहे थे। दो बाइक में सवार छात्र पहले निकल गए थे ये तीनों किलेपाल में स्कार्फ और गमछा खरीदने में पीछे हो गए थे। तीनों छात्र पैसन प्रो क्रमांक सीजी 17 केएम 5341 में सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मोड़ पर बाइक सवार छात्रों के पास से जैसे ही एक बस सामने निकली, छात्रों की बाइक सामने से आ रही ट्रक क्रमांक सीजी 04 जेए 0777 से जा टकराई। बाइक ट्रक के नीचे घूस गई। दुर्घटना इतनी विभस्त थी कि जानकारी मिलने पर दुर्घटना स्थल पर वापस लौटे सहपाठी छात्र अपने दोस्तों का चेहरा भी नहीं पहचान पा रहे थे। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।

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Posted Date : 24-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    अन्तागढ़, 24 सितंबर। कांकेर जिले के अंतागढ़ थाने के गराम सुरेली में  बीती रात नक्सलियों ने मुखबिरी के संदेह में ग्राम  कोटवार की हत्या कर दी। 
    नक्सलियों ने कोटवार सुक्खू नुरेटी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह हमारी गतिविधियों की जानकारी अन्तागढ़ थाने में देता था। वह 2005 से नक्सल विरोधी गतिविधियों और पुलिस मुखबिरी में सक्रिय था।  नक्सलियों ने ग्रामीणों को चेतावनी देते हुए सड़क पर बैनर भी बाँध रखा है। एसडीओपी अन्तागढ़ पुपलेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की जांच की जा रही है।
    इस घटना के बाद से अन्तागढ़ क्षेत्र में काम कर रहे कोटवार दहशत में हैं।  नक्सल प्रभावित अंतागढ़ में आम लोगों और रावघाट प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए अन्तागढ़ में सीमा सुरक्षा बल और बीएसएफ के हजारों जवान हंै।   

     

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Posted Date : 23-Sep-2017
  • पेपर के दौरान गाइड लेकर पहुंची थी, शिक्षकों ने किया था जब्त
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 23 सितम्बर। स्थानीय एमएलबी स्कूल में कक्षा नवमीं की छात्रा 14 वर्षीया निधि साहू ने शनिवार दोपहर परीक्षा खत्म होने के उपरांत परीक्षा भवन में ही पंखे से खुद की चुन्नी को फंदा बनाकर फांसी लगा ली। परीक्षा के पूर्व उससे शिक्षकों ने गाइड जब्त किया था व उसके परिजनों को फोन कर सूचना दी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से तनाव के चलते उसने खुदकुशी की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। स्कूल के पास एहतियान डीआरजी के जवानों को तैनात किया गया है।
    पथरागुड़ा निवासी निधि साहू एमएलबी स्कूल में कक्षा नवमीं की छात्रा थी। स्कूल में तिमाही परीक्षा चल रही है। ऊपरी तल पर स्थित कक्ष में वह अन्य सहेलियों के साथ पर्चा देने गई थी। परीक्षा आरंभ होने के बाद शिक्षकों ने उसके पास गाइड होना पाया। गाइड जब्त कर उसके परिजनों को फोन पर इसकी सूचना भी दी गई। छात्रा ने पूरी अवधि तक पर्चा हल किया। छुट्टी के उपरांत सभी बच्चों की कापियां ली गईं। इसके बाद सभी बच्चे कक्ष से बाहर चले गए। 
    इस बीच निधि की बड़ी बहन जो इसी स्कूल में 11वीं की छात्रा है। नीचे वह निधि की प्रतीक्षा कर रही थी। काफी देर तक उसके बाहर नहीं आने पर उसने नीचे आ रही सहेलियों से उसके बारे में पूछा। इसी बीच मिडिल कक्षा की कुछ लड़कियां दौड़तेे हुए नीचे आई और स्टाफ रूम में आकर निधि के फंदे पर लटकने की सूचना दी। इस पर स्टाफ रूम में मौजूद शिक्षिकाएं वहां पहुंची। छात्रा को फंदे से नीचे उतारकर महारानी अस्पताल भेजा गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में मृतका के माता-पिता हृदयविदारक चित्कार करते रहे। वहीं स्कूल प्रबंधन के प्रति भी नाराजगी जताते देखे गए।
    घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी लखन पटले व सीएसपी निमेष बरैया समेत पुलिस अधिकारी स्कूल पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया। वहीं शिक्षकों से भी पूछताछ की। घटना के बाद स्कूल की  सुरक्षा के लिहाज से पुलिस जवान तैनात किया गया है। बताया गया कि मृतका के पिता ऑटो चलाते हैं। उनकी निधि व उसकी बड़ी बहन समेत दो ही संतान हैं। 
    सभी बच्चे कक्षा से चले गए थे
    छात्रा को परीक्षा के दौरान गाइड लेकर बैठना पाया गया था। गाइड जब्त कर परिजनों को सूचना दी गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी बच्चे कापियां देकर बाहर निकल गए थे। इसके बाद ही शिक्षक बाहर स्टाफ रूम में पहुंचे। संभवत: छात्रा दुबारा ऊपर के कक्ष में पहुंची हो।
    ज्योति श्रीवास्तव प्राचार्य एमएलबी स्कूल
    बस्तर एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि छात्रा द्वारा छुट्टी के बाद फांसी लगाने की सूचना मिली थी। पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी है। मृतका की सहेलियों व शिक्षिकाओं से बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
    कक्षा शिक्षिका लक्ष्मी सोन ने बताया कि निधि एनसीसी की सक्रिय कैडेट थी। खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लेती थी। उसने ऐसा क्यों किया यह समझ से परे हैं। परीक्षा के दौरान उसने उत्तरपुस्तिका में भी अधिकतर सवालों के उत्तर लिखे हैं। स्कूल में उसके तनावग्रस्त होने की और कोई वजह नहीं दिखती है।

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Posted Date : 23-Sep-2017
  • लोकोत्सव में दिखती है बस्तर की संस्कृति और परम्परा की झलक- दिनेश 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 23 सितम्बर। बस्तर दशहरा लोकोत्सव 2017 का रंगारंग शुभारंभ शुक्रवार को जगदलपुर के हाता ग्राउण्ड में सांसद दिनेश कश्यप द्वारा किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मां दंतेश्वरी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अतिथियों का स्वागत बस्तर की परम्परा के अनुसार पगड़ी पहनाकर किया गया।
    इस अवसर पर सांसद दिनेश कश्यप ने कहा कि बस्तर दशहरा लोकोत्सव में बस्तर की संस्कृति और परम्परा की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाला ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पूरे देश और विदेश में प्रसिद्ध है तथा इसे देखने के लिए बस्तर के दुरस्थ अंचल के ग्रामीणों के साथ ही देश-विदेश के सैलानी भी पहुंचते हैं। 
    उन्होंने कहा कि इस अवसर पर पहुंचने वाले सैलानियों के मनोरंजन के लिए यहां लोकोत्सव का आयोजन प्रारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि इस लोकोत्सव में बस्तर की संस्कृति और परम्परा की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि इस लोकोत्सव में नामचीन कलाकारों द्वारा भी कार्यक्रम प्रदर्शित किए जाते हैं, जो स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करती है। सांसद ने कहा कि यहां विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास कार्यों, योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रदर्शनी ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि लोकोत्सव में पहुंचने वाले ग्रामीण अपने क्षेत्रों में वापस पहुंचने पर इन योजनाओं की जानकारी दूसरे ग्रामीणों को भी देंगे। 
    इस अवसर पर सांसद द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास कार्यों, योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया गया।
    बस्तर लोकोत्सव की पहली शाम को माता रुक्मणी कन्या आश्रम डिमरापाल की छात्राओं द्वारा लोकनृत्य के साथ ही हरजीत सिंह पप्पू के आकेष्ट्रा ग्रुप द्वारा भक्ति गीत और बॉलीवुड के गीत प्रस्तुत किए गए। पंखीड़ा तू उड़ के जाना बावागढ़ रे से प्रसिद्धि पा चुके मुम्बई के गायक राजेश मिश्रा द्वारा भी इस अवसर पर गीत प्रस्तुत किए गए।
    इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वन विकास निगम के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, बस्तर कमिश्नर एवं बस्तर दशहरा लोकोत्सव समिति के संरक्षक दिलीप वासनीकर तथा बस्तर कलेक्टर धनंजय देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। 
    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जबिता मंडावी, बस्तर दशहरा आयोजन समिति के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक लच्छुराम कश्यप, पूर्व विधायक बैदूराम कश्यप, पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा, उप महानिरीक्षक सुंदरराज पी., वन मंडलाधिकारी राजू अगसिमनि, अपर कलेक्टर हीरालाल नायक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रितेश अग्रवाल, अनुविभागीय दण्डाधिकारी एसआर कुर्रे सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
    भजन सम्राट अनूप जलोटा  देंगे प्रस्तुति 29 को 
    बस्तर दशहरा लोकोत्सव में 29 सितम्बर को भजन सम्राट अनुप जलोटा अपनी प्रस्तुति देंगे। ऐसी लागी लगन भजन को अपनी विशिष्ट शैली में सुनाकर श्रोताओं को भक्ति रस में डुबाने वाले अनूप जलोटा गजल गायक भी हैं। 24 सितम्बर को टिरटिरी मेंडकी कोतवाल चो टोपी, सारिका गीत संगीत और इंडियन आयडल धमाल की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगी। 
    इसके साथ ही 25 सितम्बर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें हास्य कवि पद्मश्री सुरेन्द्र दुबे सहित देश के प्रसिद्ध कवि शामिल होंगे। 
    26 सितम्बर को सुश्री अंकिता राउत द्वारा ओड़ीसी नृत्य, बस्तरिया लोक नृत्य एवं अनुराग शर्मा द्वारा गीत संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। 27 सितम्बर को लोक पाईका नृत्य एवं लोकरंग अर्जुन्दा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। 28 सितम्बर को प्रिंस डांस एवं 1 अक्टूबर को दिपाली साठे द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।

     

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Posted Date : 22-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 22 सितम्बर। माओवादियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस द्वारा अंदरूनी क्षेत्रों में जन जागरण कम्युनिटी पुलिसिंग के कार्यक्रमों के आयोजनों से प्रभावित होकर बस्तर के दरभा डिवीजन के 10 माओवादियों ने शुक्रवार को स्थानीय पुलिस समन्वयक केंद्र में  डीआईजी सुंदरराज पी, बस्तर कलेक्टर धनंजय देवांगन, जिला पंचायत सीईओ रितेश अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त गायत्री नेताम एवं अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया।  
    आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में दरभा डिवीजन कमेटी अंतर्गत ग्राम ऐलंगनार के दो जनमलेशिया सदस्य ग्राम जीरम के एक जनमिलिशिया सदस्य, एक जनताना सरकार सदस्य एवं ग्राम कलेपाल के एक जनमिलिशया सदस्य एक जीएनएम सदस्य, ग्राम कुडुमखोदरा के तीन जन मलेशिया सदस्य तथा थाना मारडूम क्षेत्रांतर्गत ग्राम धर्माबेडा के एक जनमिलिशिया सदस्य शामिल हैं।  
    इन सभी लोगों को दरभा क्षेत्र के कटेकल्याण एरिया कमेटी सदस्य महंगु निवासी मुंदेनार और मारडूम क्षेत्र के जनमिलिशिया सदस्य विलास एवं हेमलाल कोर्राम ने संगठन में सम्मिलित किया था। यह सभी 2014-15 से गांव में रहकर नक्सलियों के लिए चावल दाल इक_ा करते थे। मीटिंग के समय ग्रामवासियों को ले जाते थे और माओवादी को क्षेत्र में रास्ता दिखाने तथा गांव में पुलिस के पहुंचने या अन्य गतिविधियों की जानकारी माओवादियों तक पहुंचाने का कार्य करते थे। 
    उक्त जानकारी देते हुए डीआईजी दंतेवाड़ा क्षेत्र के सुंदरराज पी ने बताया कि पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान से जनता में विश्वास जागी है जिससे इन अंदरुनी क्षेत्रों में विकास का रास्ता भी खुल गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का विश्वास भी पुलिस जीत रही है। पत्रकारवार्ता के दौरान उपस्थित कलेक्टर धनंजय देवांगन ने माओवादी विचारधारा को त्याग कर समाज की मुख्यधारा से जुडऩे वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों को शुभकामना देते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही पुनर्वास नीति का पूरा लाभ उन्हें दिया जाएगा। आत्मसमर्पण समर्पण के दौरान कलेक्टर द्वारा आत्मसमर्पित नक्सली संगठन के सदस्यों को 10 -10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किया गया। 
    आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में थाना दरभा क्षेत्र के ग्राम एलंगनार से जन मलेशिया सदस्य लखमु मोर्य चांदामेटा जनताना सरकार सदस्य देऊ नाग जीरम जान सदस्य लखमा कवासी और देव लखनऊ चौकी क्षेत्र के ग्राम कृपालपुर जन मिलिशिया सदस्य फ गनु और सीएनएन सदस्य बामन पुरानी ग्राम कुडुम खोदरा के जनमिलिशिया के सदस्य लक्ष्मण मरकाम, गुड्डू कश्यप और कमलु मरकाम के साथ थाना मारडूम क्षेत्र के ग्राम धर्माबेड़ा पटेल पारा के जनमिलिशिया सदस्य भगचंद उर्फ खूटी शामिल है।

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Posted Date : 22-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 22 सितम्बर। बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण रस्मों से एक जोगी बिठाई रस्म के बाद आज से फूल रथ की परिक्रमा शुरू हुई। प्रतिदिन शाम को माता मावली मंदिर से मां दंतेश्वरी का छत्र रथारुढ़ कर सप्तमी तक फूल रथ की परिक्रमा की जाएगी। इस दौरान रथ पर मां दंतेश्वरी के छत्र को रथारुढ़ करने के पश्चात गार्ड आफ ऑनर दी जाती है। इसके पश्चात रथ परिक्रमा प्रारंभ होती है। 
    बाजे-गाजे के साथ विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीण परम्परानुसार पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ विशालकाय रथ को खींचते हुए सिरहासार चौक से गोलबाजार जय स्तंभ चौक से गुरुनानक चौक होते हुए मां दंतेश्वरी मंदिर सिंहड्योड़ी तक खींचकर लाया गया। विधि-विधान के साथ मां दंतेश्वरी छत्र को रथ से उतारकर मंदिर में ले जाया गया। 
    रथ परिक्रमा प्रारंभ एवं समापन के समय आतिशबाजी भी की गई। दशहरा कार्यक्रम के अनुसार 22 से 27 सितम्बर  तक फूल रथ की परीक्रमा होगी।  28 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान के पश्चात मध्य रात्रि निशा जात्रा अनुपमा टॉकीज चौक के पास स्थित निशा जात्रा गुढ़ी में संपन्न होगी। 29 सितम्बर को कुंवारी पूजा विधान संपन्न होने के बाद जोगी उठाई पूजा विधान शाम को संपन्न होगा और रात्रि 8 बजे राजमहल रोड पर कुटरूबाड़ा के समक्ष दशहरा पर्व का आकर्षक एवं महत्वपूर्ण मावली परघाव पूजा विधान संपन्न होगा। 30 सितम्बर को भीतर रैनी पूजा विधान के पश्चात शाम को 8 चक्के का विशालकाय रथ की परिक्रमा होगी। जिसे रात्रि में दन्तेश्वरी मंदिर के सामने से चूराकर कुम्हड़ाकोट दशहरा वन ले जाया जाएगा। अगले दिन 1 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं नयाखानी के पश्चात  रथ परिक्रमा पूजा विधान के साथ कुम्हड़ाकोट से मां दन्तेश्वरी मंदिर के समक्ष खींचकर लाया जायेगा। 2 अक्टूबर को काछन जात्रा पूजा विधान स्थानीय पथरागुड़ा स्थित काछन मंडप में संपन्न होगा। वहीं सिरहासार भवन में मूरिया दरबार का आयोजन होगा। 3 अक्टूबर को कुटूम जात्रा पूजा विधान जिसके अन्तर्गत बस्तर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीण देवी देवताओं की विदाई पूजा विधान गीदम रोड स्थित महात्मा गांधी स्कूल परिसर में संपन्न होगा। 
    दशहरा महापर्व का अंतिम व महत्वपूर्ण दन्तेश्वरी मांई जी की विदाई पूजा विधान 7 अक्टूबर को संपन्न होगा। पूरे विधि विधान एवं परम्परानुसार के साथ मांई जी की डोली की विदाई बस्तर राजपरिवार के सदस्य एवं माटी पुजारी कमलचंद्र भंजदेव द्वारा की जायेगी। मंदिर से जीया डेरा तक डोली को पहुंचाया जायेगा। वहां से वाहन के द्वारा मांई जी की डोली दन्तेवाड़ा पहुंचेगी। 
    हजारों पदयात्री निकले मां दन्तेश्वरी दर्शन को
    नगर पहुंचने वाले सभी ग्रामीण मार्गों पर पदयात्रियों की भीड़ लगी रही है। युवाओं के साथ महिलाएं एवं किशोर किशोरियों की संख्या काफी अधिक है। श्रद्धालु अपने गांव से पैदल नगर के राजमहल परिसर में स्थित मां दन्तेश्वरी मंदिर पहुंचकर मां की पूजा अर्चना कर दन्तेवाड़ा के लिए रवाना हो रहे हैं। इसके चलते राजमहल रोड पर सुबह से शाम तक पदयात्रियों की भीड़ लगी रही। शाम को वृद्धि हो गई। गीदम रोड पर स्थित अनेक यात्री सेवा केन्द्रों में इन पदयात्रियों को स्वल्पाहार भोजन एवं आवश्यक दवायें प्रदान की जा रही है।
     हजारों की संख्या में पदयात्री दन्तेवाड़ा जा रहे है। जगदलपुर से लेकर दन्तेवाड़ा तक पदयात्रियों की कतार देखने को मिल रही है। रिमझिम फुहार के बीच भी पदयात्री मां दन्तेश्वरी का जयकारा लगाते हुए अपनी यात्रा जारी रखे हुए  हैं।

     

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Posted Date : 20-Sep-2017
  • -देश में मलेरिया का यह पहला दुर्लभतम मामला
    -2 साल के बाद डब्ल्यूएचओ से पुष्टि के बाद खुलासा

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 20 सितम्बर। बस्तर जिले के सर्वाधिक मलेरिया प्रभावित जोन दरभा क्षेत्र के 14 वर्षीय बच्चे के ब्लड सैम्पल की जांच में एनआईआरटीएच जबलपुर द्वारा मलेरिया के चारों स्टेज होने की पुष्टि हुई है। यह पूरे देश का पहला दुर्लभतम केस माना जा रहा है। हालाकि बच्चा वर्तमान में स्वस्थ बताया गया है। 
    मिली जानकारी के अनुसार जनवरी 2015 में दरभा स्थित बालक छात्रावास में रहने वाले 14 वर्षीय बालक को बुखार की शिकायत पर दरभा सीएचसी मेंं भर्ती करवाया गया था। यहां मलेरिया पाजीटिव पाए जाने पर उसे बेहतर उपचार के लिए मेकाज भेजा गया था जहां 10 दिनों तक सघन उपचार के बाद वह स्वस्थ हो गया था। 
    बच्चे का ब्लड सैम्पल नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्राइबल हेल्थ एनआईआरटीएच जबलपुर को भेजा गया था। वहां के वैज्ञानिकों द्वारा स्लाइड का कई स्तर पर परीक्षण किया गया। परीक्षण में मलेरिया के सभी चार स्टेज पल्समोडियम वाइबेक्स, फेल्सीफेरम, ओवेल व मलेरी के लक्षण पाए जाने पर वैज्ञानिकों ने पांच बार क्रास एक्जामिन किया। इसके बाद भी यही रिपोर्ट पाए जाने के बाद डब्ल्यूएचओ को सैम्पल भेजी गई। वहां से भी इसकी पुष्टि होने के बाद एनआईआरटीएच ने इसका खुलासा किया है। 
    विशेषज्ञों की मानें तो मलेरिया का सबसे खतरनाक स्टेज सेरीब्रल फेल्सीफेरम को माना जाता है। बताया जा रहा है कि देश में मलेरिया का यह पहला दुर्लभतम मामला है। आमतौर पर मलेरिया के एक या दो स्टेज ही अब तक पाए गए हैं।

    दरभा हाईरिस्क मलेरिया जोन
    बस्तर जिले में दरभा विकासखंड मलेरिया के मामले में सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। बीते जनवरी से जून माह तक के परीक्षण के दौरान इस क्षेत्र के 1469 मरीज मलेरिया पाजीटिव पाए गए थे। यहां पर एनआईआरटीएच द्वारा बीते कई वर्षों से रक्त नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है। दरभा व इससे सटे सुकमा जिले के तोंगपाल ब्लाक में दो साल पूर्व एक दर्जन से अधिक सीआरपीएफ जवानों की मलेरिया के चलते मौत हो गई थी। 

    जनवरी से जून माह तक की स्थिति
    ब्लाक              मलेरिया पाजीटिव
    किलेपाल        1088
    तोकापाल        830
    लोहंडीगुडा        684
    दरभा               1469
    नानगूर            342
    बस्तर               566
    बकावंड             224
    शहरी क्षेत्र        250

    जिला मलेरिया अधिकारी डॉ एसएस टेकाम ने बताया कि  दो साल पूर्व भेजे गए सैम्पल के परीक्षण के बाद एक बालक को मलेरिया के चार स्टेज एक साथ होना पाया गया है। यह देश का पहला केस माना जा रहा है। डब्ल्यूएचओ ने भी इसकी पुष्टि की है।

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Posted Date : 18-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 18 सितम्बर। नया बस स्टेण्ड रोड समीप मसीह समाज के कब्रस्तान के पास सोमवार सुबह 7 बजे एक ट्रक चालक ने साइकिल पर जा रहे एक व्यक्ति को अपने चपेट में ले लिया। उस साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आक्रोषित लोगों ने ट्रक में आग लगा दी।
    मिली जनकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 7 बजे एक ट्रक चालक ने एक साइकिल पर जा रहे मोहन नामक व्यक्ति को अपने चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि उस साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही ये हादसा हुआ तो आस-पास के लोगों ने ट्रक चालक को पकड़  रखा था और उसके बाद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उस ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के आने तक आस पास के लोगों ने आरोपी ट्रक चालक को मारपीट कर रहे थे। 
    बताया जा रहा है कि सुबह ही बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के बोधघाट थाना के अंतर्गत आने वाली नया बस स्टैंड मसीह समाज कब्रस्तान के पास सुबह 7 बजे के करीब मेटगुड़ा निवासी मोहन किसी काम से उसी रास्ते से जा रहा था तभी उसी रास्ते से एक ट्रक सीजी 04 डीडी 4185 उसी रास्ते से गुजरते हुए मोहन को अपनी चपेट में ले लिया। मृतक मोहन सीधे उसके पहले पहिए की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई है।
    जैसे ही लोगों ने उस ट्रक चालक को साइकिल सवार को चपेट में लेते हुए देखा तो ट्रक चालक वहां से फरार होने के फि राक में था। बस स्टैंड में भीड़ के चलते ट्रक चालक ट्रक लेकर भागने में असमर्थ हो गया और जैसे ही उसने ट्रक रोका तो पहले तो लोगों ने उसे ट्रक से उतारा कर उसकी पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि उसी बीच किसी ने बोधघाट थाना में पुलिस को इस घटना की सूचना दी।
    जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस को मिली तो पुलिस  घटना स्थल में पहुंच गई। पहले तो ट्रक चालक को आस-पास के लोगों द्वारा मारपीट से उसे बचाया और फिर उससे पुछताछ कर थाने ले गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चुकी थी और उसे थाने में ले जाकर पुछताछ कर रही है।
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ट्रक चालक प्रदीप कुमार पिता स्वगीय पन्नालाल पद्दा उम्र 23 वर्ष निवासी केशकाल के उपर आईपीसी 279/304 के तहत मामला को पंजीद्ध किया है। शव को पीएम कर परिजन को सौंप दिया गया है।

     

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Posted Date : 17-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर,17 सितम्बर। ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व निर्विघ्न रूप से मनाने के लिए परम्परानुसार काछनगुड़ी में पहुंची 7 वर्षीय अनुराधा ने 9 दिवसीय उपासना शुरू कर दी है। प्रतिदिन सुबह शाम विधि-विधान के साथ काछन देवी की पूजा-अर्चना पुजारी द्वारा क ी जा रही है। वहीं बस्तर की धनकुल वाद्य के साथ गुरूमाय गीत प्रस्तुत कर रहे हंै। एक तरह से दशहरा  का माहौल बनने लगा है। 
    कक्षा तीसरी में अध्यनरत मारेंगा निवासी अनुराधा दूसरी बार काछनदेवी के रूप में दशहरा पर्व मनाने की अनुमति देगी।  डेरी गड़ाई विधान के साथ फूल रथ निर्माण कार्य जोर शोर से चल रहा है। आगामी 20 सितम्बर को दशहरा पर्व का महत्वपूर्ण विधान काछनगादी आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष भी 7 वर्षीय अनुराधा काछनदेवी के रूप में बेलकांटो   झूला में बैठकर दशहरा  मनाने की अनुमति देगी। भंगाराम चौक स्थित काछनगुड़ी में अनुराधा उपासना कर रही है। दशहरा पर्व निर्विघ्न सम्पन्न होने के लिए 9 दिनों तक फलाहार के साथ व्रत कर रही है।
    रस्म के तहत मिलता है केवल चावल-दाल-पुजारी
    काछनदेवी बनने की वर्षों पुरानी परम्परा को अनुराधा के परिवार के लोग निभाते आ रहे हैं। अनुराधा के परिजनों ने बताया कि काछनदेवी की उपासना करने के चलते पखवाड़े भर की पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा केवल चावल-दाल भात के रूप में दिया जाता है। पुजारी गणेश दास ने अन्य सदस्यों की तरह मानदेय मांगा है।

     

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Posted Date : 12-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर,12 सितम्बर। दुर्दांत नक्सली हिड़मा जिसे अपने आप में एक बटालियन माना जाता है। बस्तर से पहला सबसे कम उम्र का और दूसरा आदिवासी है जो माओवादियों की शीर्ष पोलित ब्यूरो का सदस्य बनाया गया है ।
    हिड़मा की चुस्ती फ ुर्ती, कुशल रणनीति और संगठन को कम से कम नुकसान उठाने व  ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा बलों को हानि पहुंचाने की वजह से ही उसे वेंकटेश और गणेश उइके जैसे अनुभवी व सीनियर नक्सल नेता को ओवर लुक कर केंद्रीय कमेटी में लिया गया है। जिस पर इन दोनों उपेक्षित नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार है । 1990 में सुकमा के पूवर्ती गांव के कम पढ़े लिखे हिड़मा को नक्सली संगठन के निचले स्तर का सदस्य बनाया गया था । माना जा रहा है कि हिड़मा को केंद्रीय कमेटी में स्थान देने को लेकर शीर्ष नेताओं ने निचले केडर के माओवादियों में पनप रही इस भ्रांति व हीन भावना को दूर करने का प्रयास किया है कि बड़े नक्सली ऐशो आराम का जीवन जीते हैं और नीचे वालों को जूतों के तले रखते हैं । अबूझमाड़ और सुकमा को छोड़ दिया जाए तो प्राय: हर जगह नक्सली बैकफुट पर हैं साथ ही उनके संगठन को भी काफ ी नुकसान जवानो ने पहुचाया है । हिड़मा के दुस्साहस और निडर लड़ाकू की नक्सलियों के बीच बनी इमेज का फायदा गिरते मनोबल और पस्त हो चले नक्सलियों में जोश भरने की सोच भी बड़े नक्सली नेताओं की है । वैसे सेंट्रल कमेटी में कम से कम  स्नातक तक शिक्षित को ही लिया जाता है । बताया जाता है कि हिड़मा अक्सर पढऩे की जुगत में रहता है और अंग्रेजी भी बोलने लगा है देखना यह है कि उनकी सोच कितनी प्रभावी बनती है क्योंकि सुरक्षा बलों की टेक्निक और बदली रणनीति लगातार माओवाद की कमर तोड़ रही है । दूसरी ओर ग्रामीणों का झुकाव भी पुलिस के पक्ष में बन रहा है । नक्सली मुखौटे को आदिवासी पहचानने लगे हैं । वे जान गए हैं कि पुलिस उनकी वास्तविक हमदर्द और रक्षक है ।

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