छत्तीसगढ़

  • जनता कांग्रेस ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच मांगी
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 21 जुलाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल पर करीब 30 एकड़ सरकारी जमीन हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। जनता कांग्रेस के नेताओं ने इस सिलसिले में दस्तावेज जारी किए और आरोप लगाया कि भिलाई-चरौदा की यह जमीन स्कूल की थी, जिसे प्रदेश अध्यक्ष श्री बघेल के नाम कर दी गई। राज्य गठन के बाद राजस्व मंत्री बनते ही जमीन अपनी पत्नी के नाम करवा ली। जनता कांग्रेस के नेता पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष धर्मजीत सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल परिवार की जमीन घोटाले के तमाम प्रकरणों की हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से की है। 
    पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष धर्मजीत सिंह, पूर्व मंत्री विधान मिश्रा और विधायक आरके राय ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर स्कूल की जमीन हथियाने का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री श्री मिश्रा ने बताया कि यह मामला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और स्थानीय विधायक भूपेश बघेल के निर्वाचन क्षेत्र का है। उन्होंने बताया कि भिलाई-चरौदा में ग्राम शिक्षा संघ की भिलाई के द्वारा स्कूल संचालित की जा रही थी। वर्ष-1980 के बाद उस स्कूल को साडा में शामिल कर शासकीय करण कर दिया गया। उस स्कूल की 29.90 एकड़ जमीन ग्राम शिक्षा समिति भिलाई के नाम पर दर्ज थी। 
    पूर्व मंत्री ने बताया कि उक्त जमीन 1998-199 में उक्त जमीन गोपनीय तरीके से भूपेश बघेल पिता नंदकुमार बघेल के नाम पर दर्ज कर दी गई। रिकॉर्ड में लिखा गया कि लोक अदालत के खंडपीठ के प्रकरण 36 अ और 94 के अनुसार रिकॉर्ड दुरूस्त किया गया। 
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    जबकि लोक अदालत आपसी विवादों का समझौते के तहत निपटारा करती है। सरकारी जमीन का लोक अदालत से कोई वास्ता नहीं है और राजस्व रिकॉर्ड में लोक अदालत के आदेश का उल्लेख नहीं किया गया।
    जनता कांग्रेस के नेताओं ने यह भी खुलासा किया कि राज्य गठन के बाद भूपेश बघेल ने राजस्व मंत्री बनने के बाद जमीन को बंटवारा बताकर अपनी पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल के नाम स्थानांतरित करवा दी।  सरकारी जमीन के आबंटन के लिए सरकार की अनुमति जरुरी नहीं है। 
    जनता कांग्रेस के नेताओं ने यह भी बताया कि राज्य शासन, भिलाई नगर निगम और स्कूल प्रबंधन को यह नहीं मालूम की करोड़ों की सरकारी जमीन आखिर भूपेश बघेल के नाम पर कैसे हो गई? उन्होंने यह भी बताया कि भिलाई नगर निगम ने 9 जुलाई 1999 को संबंधित शाला समिति के पास एक पत्र भेजा। जिसमें यह लिखा था कि शाला समिति की 29.90 एकड़ जमीन का स्वामित्व अब नगर निगम के पास है। पत्र में यह भी लिखा था उक्त जमीन से होने वाली आय से स्कूल खर्च निकलेगा। ऐसा प्रतीत होता है कि भूपेश बघेल ने अपने राजनीतिक प्रभाव का उपयोग करते हुए करोड़ों की सरकारी जमीन अपने नाम करवा ली। 
    पूर्व मंत्री विधान मिश्रा ने यह भी कहा कि 7 जून 1998 को साडा भंग किया गया था। भंग होने के तीन माह बाद तहसीलदार से स्कूल की जमीन के नामांतरण की पुष्टि करवा ली गई। इस हेराफेरी में साडा की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। 

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  • किरणमयी सुप्रीम कोर्टमें चुनौती देंगी 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 21 जुलाई। दक्षिण रायपुर के विधायक और प्रदेश के कृषि व जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ़ दायर चुनाव याचिका हाईकोर्ट ने ख़ारिज़ कर दी है। उनके विरुद्ध चुनाव लडऩे वाली कांग्रेस उम्मीदवार किरणमयी ने यह याचिका दायर की थी, जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने का आरोप लगाते हुए अग्रवाल का निर्वाचन शून्य घोषित कर रद्द करने की मांग की गई थी। नायक ने चुनाव आयोग में एक अलग शिकायत और दर्ज कराई है। हाईकोर्ट के फैसले को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। 
    सन् 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद जनवरी 2014 में नायक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि बृजमोहन अग्रवाल ने चुनाव जीतने के लिए तय सीमा 16 लाख रुपये से अधिक राशि खर्च की और अनुचित संसाधनों का प्रयोग किया। इस मुकदमे की सुनवाई पिछले  20 अप्रैल को पूरी हुई थी। इसके बाद जस्टिस गौतम भादुड़ी ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था। 
    हाईकोर्ट ने याचिका ख़ारिज़ करने की क्या वजह बताई है, अभी यह सामने नहीं आया है। देर शाम तक आदेश की कॉपी मिल सकती है। हालांकि बताया जा रहा है कि अधिक खर्च के आरोप को प्रमाणित करने के लिए नायक के दस्तावेजों को कोर्ट ने पर्याप्त नहीं माना है। 
    फैसले की जानकारी मिलने के बाद किरणमयी नायक बिलासपुर पहुंच गई है। वे यहां उन्होंने अपने अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा से चर्चा की। इसके बाद कहा कि निश्चित रूप से इस फैसले को वे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता होने के नाते वह जानती हैं कि यह फैसला एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इस अदालत से हमें न्याय नहीं मिला तो हमें सुप्रीम कोर्ट से जरूर न्याय मिलेगा। 
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    यह बहुत पुख्ता केस था, मुझे नहीं लगता कि कभी किसी ने इतना मजबूत केस फाइल किया होगा। प्रकरण के पक्ष में अनेक सरकारी दस्तावेज हैं, सरकारी गवाहों ने अदालत में आकर बयान दिया है। अब माननीय न्यायालय ने जिस किसी कारण से यह निर्णय लिया होगा, उसे पढ़े बिना अधिक कहना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्हें जानकारी मिली है कि हमने जो 17.50 लाख रुपये के खर्च के जो दस्तावेज दिए हैं और रिटर्निंग 
    ऑफिसर ने जो नोटिस इस संबंध में दिया है, उसे कोर्ट ने अमान्य किया है। सरकारी अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के दस्तावेजों को, नोटिस को क्यों अमान्य किया गया बिना आदेश पढ़े यह नहीं बताया जा सकता। आदेश की कॉपी हमें तीन चार दिन में मिलने की संभावना है, इसके बाद ही इस पर ठीक प्रतिक्रिया दी जा सकेगी। 
    नायक ने एक याचिका चुनाव आयोग के समक्ष भी दायर कर रखी है। उस पर अभी आयोग का फैसला आना बाकी है। हालांकि हाईकोर्ट के फैसले से इस समय अग्रवाल को राहत मिल गई है। कोर्ट का फैसला आने पर बिलासपुर में उनके समर्थकों में खुशी देखी गई। उन्होंने कहा कि शोहरत पाने के लिए नायक ने यह केस दायर किया था, बृजमोहन के खिलाफ़ सबूत नहीं थे। वह अपने पराजय को लेकर हतोत्साहित थीं। 
    कपिल सिब्बल भी पहुंचे थे पैरवी के लिए 
    हाईकोर्ट में कांग्रेस नेता किरणमयी नायक की चुनाव याचिका की पैरवी के लिए पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल भी अपने तीन सहयोगियों के साथ विशेष विमान से बिलासपुर पहुंचे थे। वे 19 अप्रैल की शाम बिलासपुर पहुंचे थे और 20 अप्रैल को हाईकोर्ट में नायक के पक्ष में दलील रखी थी। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग ने तीन बार बृजमोहन अग्रवाल को तय सीमा से अधिक खर्च करने को लेकर नोटिस जारी किया था, पर अग्रवाल ने उनका जवाब नहीं दिया। चुनाव जीतने के लिए बृजमोहन ने धन-बल का इस्तेमाल किया। 

     

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  • 8 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 20 जुलाई। नया रायपुर थनौद में गुरूवार को प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण अभियान की शुरूवात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हमें पर्यावरण के बारे में सोचने की जरूरत है। जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। जो वृक्ष की रक्षा करता है, वृक्ष उनकी रक्षा करता है। मुर्गा में ताकत नहीं है, लेकिन मुनगा (पेड़) में ताकत है। इसमें सबसे ज्यादा आयरन मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में 8 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। 
    श्री सिंह ने कहा कि रायपुर से अलग-अलग समूह और विभाग के कर्मी वृक्षारोपण करने पहुंचे हैं। इस कार्यक्रम में बेटे एवं सांसद अभिषेक सिंह और श्रीमती वीणा सिंह भी पहुंची थी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से कार्यक्रमों में पत्नी उनके साथ जाने से बचती है, लेकिन आज हरिहर छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के शुभ दिन पर पत्नी भी उनके साथ हैं। 
    उन्होंने कहा कि हमें पर्यावरण के बारे में सोचने की जरूरत है।  फैक्ट्री, कोयला से निकलने वाला धुंआ वातावरण में प्रदूषण फैलाता है। वृक्ष हमारे लिए जीवन रक्षक होते हैं। जब तक वृक्ष हैं, तब तक जीवन रहेगा। सूर्य की तेज धूप से भी यही पेड़ हमें बचाते हैं। 
    सीएम ने कहा कि प्रदेश भर में 8 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पंच-सरपंचों को पेड़ों की रक्षा की जवाबदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। जहां पौधे लगाये जायेंगे, उसकी फोटोग्राफी होगी। किस जिले में कितने पौधे लगाए गए हैं, इसकी पूरी जानकारी  सरकार की वेब साईड पर अपडेट की जायेगी।  
    उन्होंने कहा कि प्रदेश में शुरू किये गए हरियर छत्तीसगढ़ अभियान में सभी लोग योगदान दे। पूरे छत्तीसगढ़ में जहां भी अक्सीजोन बनाना चाहते हैं, सरकार तैयार है। वन विभाग के तरफ से पौधे उपलब्ध कराये जायेगे। इन पौधों की सुरक्षा के लिए संसाधन भी जुटाए जायेगे। 
    श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में 42 प्रतिशत जंगल है। जो पेड़ कटे हैं, उसकी भरपाई करने पेड़ लगाने का काम शुरू किया गया है। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से कहा कि जो व्यक्ति वृक्ष लगाते हैं, उनके जाने के बाद भी कई पीढिय़ां उन्हें याद करती है।
    कार्यक्रम में प्रमुख सचिव विवेक ढांड, वन मंत्री महेश गागड़ा,  सांसद रमेश बैस, जिला पंचायत अध्यक्ष शारदा देवी वर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि सहित हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 19 जुलाई। डिग्री गल्र्स कॉलेज से हटाए गए छेड़छाड़ के आरोपी प्रोफेसर का बुधवार को छत्तीसगढ़ कॉलेज में भी जमकर विरोध हुआ। अलग-अलग पार्टियों के छात्र संगठनों ने घुटनों के बल चलकर प्रभारी प्राचार्य से उन्हें वहां से भी तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि आरोपी प्रोफेसर को यहां से हटाकर कड़ी कार्रवाई न करने पर छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। 
    डिग्री गल्र्स कॉलेज में मंगलवार को जन सुनवाई के दौरान भारी हंगामा हुआ था। पूछताछ के बहाने सलाह देने पर वहां की छात्राएं भड़क गईं थीं और कॉलेज में तालाबंदी कर छेड़छाड़ के आरोपी प्रोफेसर बीपी कश्यप की पिटाई कर दी थीं। शाम रात को आरोपी प्रोफेसर का तबादला यहां छत्तीसगढ़ कॉलेज कर दिया गया। आज सुबह आरोपी प्रोफेसर ड्यूटी ज्वाइन करने पहुंचे, तो वहां भी उनका विरोध शुरू हो गया। दागी प्रोफेसर को हटाने की मांग करते हुए सारे विद्यार्थी कैं पस में जमा होकर नारेबाजी करने लगे।
    प्रोफेसर कश्यप के छत्तीसगढ़ कॉलेज पहुंचने की खबर लगते ही भाजपा, कांग्रेस व जोगी कांग्रेस के छात्र संगठन से जुड़े नेता-कार्यकर्ता भी काफी संख्या में वहां पहुंच गए। वे सभी वहां नारेबाजी करते हुए उन्हें कॉलेज से बाहर खदेडऩे की मांग करने लगे। कई कार्यकर्ता घुटनों के बल चलकर प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन देने पहुंचे। छात्र नेताओं का कहना है कि छेड़छाड़ के आरोपी प्रोफेसर को निलंबित करने के बजाय उनका तबादला किया जा रहा है। उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी नहीं की जा रही है। ऐसी स्थिति में उग्र आंदोलन करते हुए उनका आगे भी विरोध किया जाएगा। 
    एबीवीपी व जोगी छात्र संगठन कार्यकर्ता भिड़े 
    प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी व जोगी छात्र संगठन के कार्यकर्ता कॉलेज गेट पर एक-दूसरे से भिड़ गए। दोनों संगठन छात्राओं से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाने को लेकर बहस करने लगे। वहां काफी संख्या में तैनात पुलिस जवानों ने बीच- बचाव किया, तब जाकर मामला शांत हुआ। अंत में एबीवीपी, एनएसयूआई व जोगी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रोफेसर के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। 

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  • मंत्री-विधायकों की लगी रही लाइन
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 जुलाई। राष्ट्रपति पद के लिए सोमवार को यहां कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा भवन में चुनाव कराया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, नेताप्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव समेत अधिकांश मंत्री-विधायक सुबह वोट डालने पहुंचे। पहले आधे घंटे में यहां करीब 70 फीसदी मतदान करा लिया गया। इसके बाद मतदान का क्रम लगातार जारी रहा। इस दौरान वहां मंत्री-विधायकों की लाइन लगी रही। अमित जोगी शाम करीब 4 बजे वोट डालने पहुंचे।  
    राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए से रामनाथ कोविंद एवं यूपीए से मीरा कुमार उम्मीदवार हैं। दोनों के बीच आमने-सामने की टक्कर है। भाजपा के मंत्री-विधायक यहां श्री कोविंद व 
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    कांग्रेस विधायक श्रीमती कुमार के पक्ष में देखे गए। मरवाही विधायक अमित जोगी के भी महिला उम्मीदवार के पक्ष में वोट की चर्चा रही। चुनाव प्रेक्षक बीएच अनिल कुमार एवं पीठासीन अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा थे। भाजपा विधायकों की ओर से मंत्री अजय चंद्राकर व कांग्रेस विधायकों की ओर से नेताप्रतिपक्ष श्री सिंहदेव पोलिंग एजेंट रहे। 
    चुनाव सुबह 10 बजे शुरू हुआ और पहले आधे घंटे में करीब 70 फीसदी मतदान करा लिया गया। विधानसभा के समिति कक्ष-दो में बनाए गए मतदान केंद्र के सामने सुबह वोट डालने मंत्री-विधायकों की लाइन लगी रही। जांच के बाद उन सभी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भाजपा विधायकों की ओर से सबसे पहले पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत व तखतपुर विधायक राजू सिंह क्षत्रिय ने वोट डाले। इसके बाद मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष व बाकी विधायक वोट डालने लाइन में लगे रहे। कांग्रेस विधायकों की ओर से विधायक मनोज मंडावी, नेता प्रतिपक्ष श्री सिंहदेव, विधायक रेणु जोगी ने पहले वोट डाला। इसके बाद उनके बाकी विधायक वोट डालने में लगे रहे। 
    चुनाव के दौरान मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल, मरवारी विधायक अमित जोगी, गुंडरदेही विधायक आरके राय सुबह नहीं देखे गए। बताया गया कि वे सभी देर से वोट डालने आएंगे। जोगी समर्थक विधायकों के वोट को लेकर भी चर्चा होती रही। विधायक वहां उनका पक्ष जानने का प्रयास करते रहे। 
    स्लोगन वाला कुर्ता पहन वोट देने पहुंचे डॉ. चोपड़ा
    महासमुंद विधायक डॉ. विमल चोपड़ा गले में भगवा गमछा व स्लोगन वाला कुर्ता पहनकर वोट डालने पहुंचे। कुर्ते में आगे-पीछे 'किसान-मजदूर करे पुकार, हमको बचाए देश की सरकारÓ लिखा हुआ था। स्लोगन वाला कुर्ता देखते ही उन्हें मतदान केन्द्र पर रोक दिया गया। डॉ. चोपड़ा कुछ देर बाद फिर ऊपर से जैकेट पहनकर वोट डालने पहुंचे। इसके बाद उन्हें वोट डालने की अनुमति मिली।  
    मतदान के पहले भाजपा-कांग्रेस
    विधायकों की लगी क्लास
    मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने मतदान के पहले वहां अपने विधायकों की क्लास ली। उनकी अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में विधायकों को मतदान कैसे करना है, यह बताया गया। कई विधायक पहली बार राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट कर रहे हैं, ऐसे में कोई भी चूक ना हो, यह तय किया गया। दूसरी ओर कांग्रेस विधायकों की भी एक अलग बैठकर  उन्हें भी वहां चुनावी प्रक्रिया के बारे में बताया गया। 
    प्रदेश में इस तरह मिल सकते हैं वोट
    रामनाथ कोविंद के पक्ष में
    भाजपा विधायक -49
    निर्दलीय विधायक -1
    कुल - 50 विधायक

    मीरा कुमार के पक्ष में
    कांग्रेस विधायक- 36
    जोगी कांग्रेस  -3
    बसपा - 1
    कुल - 40 वोट

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  • रायपुर !   मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज खैरागढ़ के कला संगीत विश्वविद्यालय के चौदहवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। उन्होनें विश्वविद्यालय की ओर से प्रसिद्ध सरोद वादक पद्यविभूषण उस्ताद अमजद अली खां, प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्यभूषण श्रीमती तीजन बाई, प्रसिद्ध संगीतकार पद्यश्री शेखर सेन और कबीर गायन के प्रसिद्ध गायक पद्यश्री स्वामी जी.सी.डी. भारती (भारती बन्धु) को डी.लिट् की मानत उपाधि से सम्मानित किया।
    इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा डॉ. प्रदीप कुमार को कला संकाय के लिए और डॉ. अवधेश प्रसाद मिश्र को दृश्य कला संकाय के लिए डी.लिट् की उपाधी भी प्रदान की। विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह में 18 शोधार्थियों को संगीत, नृत्य, दृश्यकला, कला, लोक संगीत संकायों में पी.एच.डी की उपाधी भी प्रदान की। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2014-15 और वर्ष 2015-16 में आयोजित परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 54 विद्यार्थियों को स्वर्ण एवं रजत पदक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने कला संगीत विश्वविद्यालय के परिसर में नव निर्मित संग्राहलय का भी शुभारंभ किया। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डे, नैक के निदेशक प्रोफेसर धीरेन्द्र पाल सिंह, सांसद अभिषेक सिंह, विधायक गिरवर जंघेल, विधायक श्रीमती सरोजनी बंजारे, नगर पालिका खैरागढ़ के अध्यक्ष श्रीमती मीरा चौपड़ा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल, जनपद पंचायत खैरागढ़ के अध्यक्ष विक्रांत सिंह सहित विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफे सर माण्डवी सिंह मौजूद थे।
      मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपनी कला की प्रतिभा और संवेदनशीलता से इस देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में खैरागढ़ और छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करेंगे। उन्होनें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उनकी सफलताओं पर बधाई देते हुए सभी के सुखद, सफल और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय कला, संगीत और संस्कृति की खुशबू को देश और दुनिया में बिखेरने वाला अपने आप में अत्र्ुत संस्थान है। डॉ. सिंह ने कहा कि हमारे देश और प्रदेश के लिए गर्व की बात है। एशिया का प्रथम संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में स्थापित हुआ है, जो विगत 6 दशकों से विभिन्न ललित कलाओं के अध्ययन-अध्यापन में रत है और अपने विशिष्ट योगदान से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित है। उन्होनें कहा कि इस विश्वविद्यालय में विगत 6 दशकों में देश और दुनिया को अनेक ऐसी प्रतिभाएं दी हैं। जिन्होंने हमारी संस्कृति, संगीत और कला की विरासत के संरक्षण और संवर्धन में अपना अमूल्य योगदान देकर इस क्षेत्र में नई प्रतिभाओं और नई उपलब्धियों के रास्ते खोल दिये हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को केवल ललित कलाओं की शिक्षा ही नहीं बल्कि बदलते परिवेश में नई पीढिय़ों को भारतीय संस्कारों और परम्पराओं में भी दीक्षित किया है। उन्होनें कहा संस्कार, संस्कृति और आजीविका की त्रिवेणी इस विश्वविद्यालय में मॉरिशस, श्रीलंका, अफगानिस्तान, बेलारूस, पोलैण्ड, थाईलैण्ड, आस्ट्रिया, फिजी, तुर्की आदि देशों के विद्यार्थी संगीत, नृत्य-नाट्य, दृश्य-कला एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और यह विश्वविद्यालय संगीत कला का बडा़ केन्द्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) द्वारा ‘ए’ ग्रेड प्रदान करने पर कुलपति सहित सभी अध्यापकों, कार्यपरिषद और विद्यापरिषदों के सदस्यों और विद्यार्थियों को भी बधाई दी।
      समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रोफेसर धीरेन्द्र पाल सिंह नेे विश्वविद्यालय को शान्न् और लोक की समन्वय की स्थली बताते हुए कहा कि शान्न्ीय संगीत और कलाओं के अध्ययन के साथ-साथ लोक कलाओं को प्रोत्साहन देना इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय की पहचान है। उन्होनें विद्यार्थियों को सफल जीवन और उावल भविष्य के लिए भी अपनी शुभकामनाएं दी।
      उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डे ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले 13 वर्षों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नया आयाम स्थापित किये है। उन्होनें सहर्ष बताया कि छत्तीसगढ़ में आज कोई भी कॉलेज भवन विहीन नहीं है। यहां के नवजवानों और युवाओं का कौशल और व्यक्तिव निखारने के लिए भी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। महिला शिक्षा को बढ़ाने के लिए ग्रेजुऐशन तक की नि:शुल्क शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। सभी कॉलेजों में आवश्यकतानुसार प्रयोग शालाएं, पुस्तकालय, आवश्यक उपकरण और अन्य संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होनें शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी सरकार द्वारा विशेष प्रयास करने की जानकारी समारोह में दी। प्रेमप्रकाश पाण्डे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिये गर्व की बात है कि एशिया के प्रथम प्रतिष्ठापूर्ण संगीत विश्वविद्यालय में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का नाम दर्ज है। यहां के कलाकारों ने देश में ही नहीं वरन विश्व में कीर्ति का पताका फहराया है। हिन्दुस्तानी संगीत की महक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यात है। हिन्दुस्तानी संगीत को प्रतिष्ठित करने में इस विश्वविद्यालय की भूमिका प्रशंसनीय रही है। हमारे लिए गर्व की बात है कि इस उत्सवधर्मी विश्वविद्यालय में अनेक राष्ट्रीय कलाकार गौरवान्वित होते रहे हैं। देश-विदेशों के अनेकों कलाकार व शोधार्थी छात्र-छात्राओं ने यहां आकर इस विश्वविद्यालय की गुणवश्रा व महश्रा को स्वीकार किया है। जिससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा निरन्तर बढ़ी है।
    इस विश्वविद्यालय ने विदेशों में हिन्दुस्तानी संगीत व भारतीय कला की महत्ता को प्रतिष्ठित किया है।   समारोह को लोक सभा सांसद अभिषेक सिंह ने भी संबोधित किया। उन्होनें कहा कि इस विश्वविद्यालय में भारतीय कला और परम्पराओं की शिक्षा पाने वाले विद्यार्थी नहीं बल्कि कला के साधकों द्वारा कठिन साधना की जा रही है। विभिन्न स्तरों पर विद्यार्थियों की यह साधना कला और संगीत को एक महत्वपूर्ण स्थान दिलायेगी ही परन्तु उनकी इस साधना से विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ की भी देश-विदेश में विशिष्ट पहचान बनेगी।

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  • रायपुर : भौगोलिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ के अत्यधिक दुर्गम इलाके में स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र के 44 स्कूली बच्चों को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के वायदे के अनुरूप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण का सुनहरा मौका मिला है। नारायणपुर जिले में अबूझमाड़ क्षेत्र के विकासखंड मुख्यालय ओरछा के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल के इन बच्चों का अध्ययन दल आज सवेरे रायपुर पहुंचा, जहां वे कालीबाड़ी स्थित आदर्श पोस्ट मेट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास परिसर में कुछ देर के लिए ठहरे थे। पहली दिल्ली यात्रा की खुशी उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी। इनमें कुमारी बबीता नाग, कुमारी फूलमती गोटा, श्री मनोज कुमार पोडियाम, रैनूराम बड्डे, राजकुमार कश्यप, राजूराम उसेंडी ने कहा कि शासन की पहल पर हमें देश की राजधानी जाने का मौका मिला है। यहां अध्ययन भ्रमण से हमें देश के धरोहरों सहित ज्ञान-विज्ञान की जानकारी मिलेगी।

     

    उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि वे 18 नवम्बर तक 10 दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम में पहली बार रेल गाड़ी में बैठेंगे और देश की राजधानी दिल्ली भ्रमण कर देखेंगे। भ्रमण दल में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल ओरछा के कक्षा 11वीं में अध्ययनरत 21 बालकों और 23 बालिकाओं सहित 44 विद्यार्थी, सात शिक्षक, पर्यवेक्षक तथा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल है। यह दल आज दोपहर 12.30 बजे रेलवे स्टेशन रायपुर से सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हो गया है। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री आदि महत्वपूर्ण व्यक्तियों से भेंट के दौरान स्मृति चिन्ह भेंट करने नारायणपुर जिले की कला-संस्कृति को अभिव्यक्त करते कई धातु शिल्प भी साथ ले गए हैं।

        राज्य के अबुझमाड़िया जनजाति के विद्यार्थी इस भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से देश के ऐतिहासिक धरोहर और ज्ञान-विज्ञान सहित विकास गतिविधियों से परिचित हो सकेंगे। इस दौरान भ्रमण दल द्वारा देश की राजधानी दिल्ली में संसद भवन, लालकिला, कुतुम्ब् मीनार, राजघाट, इंडिया गेट, राजपथ, तारामंडल, विज्ञान भवन , लोटस मंदिर, अक्षर धाम, हुमायु का मकबरा, खेलगांव, नार्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, बिरला मयूजियंम, मेट्रो रेल, अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा, थल सेना, वायु सेना, नौसेना मुख्यालय, हैदराबाद हॉउस, अलग-अलग देशों के राजदूत का कार्यालय, मीडिया प्रबंधन संस्थान, उच्चतम न्यायालय तथा राष्ट्रीय बुक ट्रस्ट आदि का भ्रमण कर अवलोकन किया जाएगा। उसके अलावा भ्रमण दल के अबूझमाड़िया विद्यार्थियों द्वारा देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, महानिदेशक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, तीनों सेनाओं के प्रमुख पदाधिकारी, सुप्रीम कोर्ट के पदाधिकारी तथा राजदूत आदि महत्वपूर्ण व्यक्तियों से सौजन्य मुलाकात भी की जाएगी।

    यात्रा के दौरान विभिन्न स्थल, व्यक्ति, संरचना, निर्माण, नीतियां इत्यादि के प्रत्यक्ष अवलोकन करने के उपरांत ये विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण तथा अबूझमाड़ क्षेत्र की सर्वांगीण प्रगति में सहायक होंगे। इस दौरान विद्यार्थीगण इतिहास संविधान, कार्यपालिका, न्यायपालिका, आर्किटेक्चर, वैज्ञानिक प्रगति, परिवहन के सुलभ एवं द्रुतगामी साधन से परिचित होंगे। संचार माध्यमो का जीवन में प्रभाव से अवगत होंगे। राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय सम्बन्ध की समझ तथा ज्ञान-विज्ञान से परिचित होंगे। उल्लेखनीय है कि अबूझमाड़ लगभग 4975 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ 36 ग्राम पंचायतों का 237 ग्राम में छोटे छोटे बसाहटो में विस्तृत क्षेत्र है जंहा लगभग 4000 परिवार विशेष पिछड़ी जनजाति के अबुझमाड़िया पाये जाते है। इसमें से लगभग 200 गांव आबाद है जो ओरछा जनपद के अंतर्गत समाहित है। कुल 199 गांव में पेयजल की सुविधा एवं 47 गांव विधुतिकृत किये जा चुके हैं।

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  • रायपुर : भौगोलिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ के अत्यधिक दुर्गम इलाके में स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र के 44 स्कूली बच्चों को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के वायदे के अनुरूप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण का सुनहरा मौका मिला है। नारायणपुर जिले में अबूझमाड़ क्षेत्र के विकासखंड मुख्यालय ओरछा के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल के इन बच्चों का अध्ययन दल आज सवेरे रायपुर पहुंचा, जहां वे कालीबाड़ी स्थित आदर्श पोस्ट मेट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास परिसर में कुछ देर के लिए ठहरे थे। पहली दिल्ली यात्रा की खुशी उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी। इनमें कुमारी बबीता नाग, कुमारी फूलमती गोटा, श्री मनोज कुमार पोडियाम, रैनूराम बड्डे, राजकुमार कश्यप, राजूराम उसेंडी ने कहा कि शासन की पहल पर हमें देश की राजधानी जाने का मौका मिला है। यहां अध्ययन भ्रमण से हमें देश के धरोहरों सहित ज्ञान-विज्ञान की जानकारी मिलेगी।

     

    उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि वे 18 नवम्बर तक 10 दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम में पहली बार रेल गाड़ी में बैठेंगे और देश की राजधानी दिल्ली भ्रमण कर देखेंगे। भ्रमण दल में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल ओरछा के कक्षा 11वीं में अध्ययनरत 21 बालकों और 23 बालिकाओं सहित 44 विद्यार्थी, सात शिक्षक, पर्यवेक्षक तथा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल है। यह दल आज दोपहर 12.30 बजे रेलवे स्टेशन रायपुर से सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हो गया है। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री आदि महत्वपूर्ण व्यक्तियों से भेंट के दौरान स्मृति चिन्ह भेंट करने नारायणपुर जिले की कला-संस्कृति को अभिव्यक्त करते कई धातु शिल्प भी साथ ले गए हैं।

        राज्य के अबुझमाड़िया जनजाति के विद्यार्थी इस भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से देश के ऐतिहासिक धरोहर और ज्ञान-विज्ञान सहित विकास गतिविधियों से परिचित हो सकेंगे। इस दौरान भ्रमण दल द्वारा देश की राजधानी दिल्ली में संसद भवन, लालकिला, कुतुम्ब् मीनार, राजघाट, इंडिया गेट, राजपथ, तारामंडल, विज्ञान भवन , लोटस मंदिर, अक्षर धाम, हुमायु का मकबरा, खेलगांव, नार्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, बिरला मयूजियंम, मेट्रो रेल, अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा, थल सेना, वायु सेना, नौसेना मुख्यालय, हैदराबाद हॉउस, अलग-अलग देशों के राजदूत का कार्यालय, मीडिया प्रबंधन संस्थान, उच्चतम न्यायालय तथा राष्ट्रीय बुक ट्रस्ट आदि का भ्रमण कर अवलोकन किया जाएगा। उसके अलावा भ्रमण दल के अबूझमाड़िया विद्यार्थियों द्वारा देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, महानिदेशक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, तीनों सेनाओं के प्रमुख पदाधिकारी, सुप्रीम कोर्ट के पदाधिकारी तथा राजदूत आदि महत्वपूर्ण व्यक्तियों से सौजन्य मुलाकात भी की जाएगी।

    यात्रा के दौरान विभिन्न स्थल, व्यक्ति, संरचना, निर्माण, नीतियां इत्यादि के प्रत्यक्ष अवलोकन करने के उपरांत ये विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण तथा अबूझमाड़ क्षेत्र की सर्वांगीण प्रगति में सहायक होंगे। इस दौरान विद्यार्थीगण इतिहास संविधान, कार्यपालिका, न्यायपालिका, आर्किटेक्चर, वैज्ञानिक प्रगति, परिवहन के सुलभ एवं द्रुतगामी साधन से परिचित होंगे। संचार माध्यमो का जीवन में प्रभाव से अवगत होंगे। राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय सम्बन्ध की समझ तथा ज्ञान-विज्ञान से परिचित होंगे। उल्लेखनीय है कि अबूझमाड़ लगभग 4975 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ 36 ग्राम पंचायतों का 237 ग्राम में छोटे छोटे बसाहटो में विस्तृत क्षेत्र है जंहा लगभग 4000 परिवार विशेष पिछड़ी जनजाति के अबुझमाड़िया पाये जाते है। इसमें से लगभग 200 गांव आबाद है जो ओरछा जनपद के अंतर्गत समाहित है। कुल 199 गांव में पेयजल की सुविधा एवं 47 गांव विधुतिकृत किये जा चुके हैं।

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