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Posted Date : 21-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 21 नवम्बर। नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला मामले के आरोपी डीके शर्मा और केके यदु को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। इस मामले के मुख्य आरोपी एसएस भट्ट को पहले ही  हाईकोर्ट ने दो हफ्ते के पैरोल पर रिहा कर दिया है। 
    जस्टिस आदर्श गोयल और जस्टिस उदय ललित की बैंच में नान घोटाले के दोनों आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। यह कहा गया कि पिछले दो साल से अधिक समय से आरोपी जेल में हैं और इस प्रकरण में निचली अदालत में सुनवाई चल रही है। आरोपियों ने घोटाले में संलिप्तता के आरोपों से इंकार किया है। आरोपी केके यदु, नान के जिला प्रबंधक बिलासपुर में पदस्थ रहे हैं। जबकि डीके शर्मा भंडार गृह निगम बालोद के शाखा प्रबंधक रहे हैं।  
    कोर्ट ने आरोपियों की लंबे समय से जेल में बंद होने के कारण जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। ईओडब्ल्यू-एसीबी ने 12 फरवरी वर्ष-015 में नान अधिकारियों-कर्मचारियों के यहां छापेमारी की थी। इस मामले में 16 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अलावा आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। ये सभी आरोपी जेल में हैं। कुछ दिन पहले एक अन्य आरोपी को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 109, 120 बी, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) डी और धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

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Posted Date : 21-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 21 नवम्बर। अमेरिका के वाणिज्यिक दूतावास के काउंसल जनरल एडगर्ड डी कैगन ने मंगलवार को गुरू घासीदास संग्रहालय देखने पहुंचे और उन्होंने वहां पुरातात्विक प्रतिमाओं का अवलोकन किया। साथ ही विभाग के अफसरों से इसकी जानकारी ली। तस्वीर / छत्तीसगढ़

     अमेरिका के वाणिज्यिक दूतावास के काउंसल जनरल एडगर्ड डी कैगन ने मंगलवार को यहां वन स्टॉप सखी सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने इस योजना की प्रशंसा की और कहा कि अमेरिका में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा को देखते हुए वहां भी इस तरह की पहल की जरूरत है। वे यहां पर इस संस्था की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने आए हैं। 
    काउंसल जनरल एडगर्ड डी कैगन मंगलवार को जिला अस्पताल परिसर स्थित वन स्टॉप सखी सेंटर पहुंचे। उनके साथ महिला बाल विकास के अफसर भी थे। सेंटर का अवलोकन करने के बाद उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को खत्म करने और उनको हिंसा से संरक्षण और सुरक्षा प्रदान करने के लिए महिला बाल विकास मंत्रालय का यह प्रयास सराहनीय है, जिसमें एक ही छत के नीचे महिलाओं को चिकित्सकीय, विधिक सहायता और मनोवैज्ञानिक सलाह व परामर्श की सुविधा और मार्ग दर्शन के साथ-साथ संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। 
    उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए भय मुक्त वातावरण बनाने में और उन्हें न्याय दिलाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री कैगन ने इस बात पर भी खुशी जाहिर की, कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां पर प्रत्येक जिले में इस तरह के वन स्टॉप सेंटर खोले गए हैं। इस मौके पर सहायक अधीक्षिका श्रीमती प्रीति पांडे ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। 
    बताया गया कि 16 जुलाई 2015 को स्थापित सखी वन स्टॉप सेंटर में अब तक दहेज प्रताडऩा, घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताडऩा आदि से जुड़े 1506 प्रकरण दर्ज किये गए हैं 
    जिसमें से 966 का निराकरण किया जा चुका है।
    इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई ने कहा कि प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि महिला सशक्तिकरण और महिलों को अपराधों से संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयत्नों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अशोक पाण्डेय सहित सखी वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे। 

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Posted Date : 20-Nov-2017
  • मुख्यमंत्री से चर्चा विफल, संविलियन पर सहमति नहीं 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 20 नवंबर। मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होने के बाद प्रदेश के हजारों शिक्षाकर्मी सोमवार से बेमुद्दत हड़ताल पर चले गए हैं। आंदोलनकारी शिक्षाकर्मी रायपुर समेत सभी 146 विकासखंड मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन कर शिक्षा विभाग में संविलियन, सातवां वेतनमान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक वे सभी हड़ताल पर जमे रहेंगे। दूसरी ओर हड़ताल से कई स्कूलों में तालाबंदी के साथ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है।
    प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में करीब पौने दो लाख शिक्षाकर्मी कार्यरत हैं और ये सभी शिक्षाकर्मियों के अलग-अलग करीब आधा दर्जन बड़े संगठनों से जुड़े हैं। पिछले दिनों सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर  अपनी करीब दो दर्जन मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाई। 30 अक्टूबर को उन सभी ने विकासखंड स्तर पर सांकेतिक आंदोलन कर शासन-प्रशासन से चर्चा की। मांगें पूरी नहीं होने पर वे सभी सोमवार को बेमुद्दत हड़ताल पर चले गए हैं। 
    पंचायत/नगरीय निकाय मोर्चा के बैनर तले धरना-प्रदर्शन कर रहे शिक्षाकर्मी संघ के विरेंद्र दुबे, संजय शर्मा, केदार जैन, विकास राजपूत, धर्मेश शर्मा व अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि बीती शाम उनकी पंचायत सचिव एमके राउत व शिक्षा सचिव विकास शील के साथ एक बैठक हुई, लेकिन संविलियन समेत कई मांगों पर सहमति नहीं बन पाई। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ चर्चा भी विफल रही। हड़ताल से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ कई स्कूलों में तालाबंदी हो सकती है।
    दूसरी ओर शिक्षाकर्मियों की हड़ताल का असर पहले दिन से ही बच्चों की पढ़ाई पर देखा गया। शहर एवं आसपास गांव के कई स्कूलों में तालाबंदी शुरू हो गई है। वहां कार्यरत एक-दो नियमित शिक्षक कुछ देर पढ़ाई के बाद बच्चों की छुट्टी कर  चले गए और वहां दिनभर ताला बंद रहा। शिक्षकों का कहना है कि हड़ताल का असर बच्चों की पढ़ाई पर होना स्वभाविक है। प्रदेश के अधिकांश सरकारी स्कूल शिक्षाकर्मियों के भरोसे हैं। वहां लाखों बच्चे पढ़ रहे हैं, जिन्हें कुछ शिक्षक नहीं संभाल पाएंगे। 

     

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Posted Date : 19-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर,19 नवंबर। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र के कविता नगर में बीती आधी रात नकाबपोश दो लोगों ने पिस्तौल-चाकू अड़ाकर एक सेवानिवृत्त इंजीनियर के घर लूटपाट की। वे नगदी, सोने-चांदी के जेवर समेत करीब एक लाख का सामान लेकर भाग गए। पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर पूछताछ में लगी है। आरोपियों का फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल पाया है। 
    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक एक विदेशी कंपनी से सेवानिवृत्त इलेक्ट्रिकल इंजीनियर श्यामल परिमल(73) अपनी पत्नी के साथ यहां कविता नगर में रहते हैं। उनके पुत्र की एक दिसंबर को शादी है और उनकी पत्नी  कार्ड बांटने कोलकाता गई है। इंजीनियर परिमल यहां पिछले कुछ दिनों से अकेले हैं। बीती रात करीब 11 बजे वे अपनी कार से पास की किराना दुकान से डेली नीड्स व अन्य कुछ सामान लेकर घर पहुचे। इसके बाद वे अपनी आराम कुर्सी पर बैठकर टीवी देख रहे थे कि ऊपर की सीढिय़ों से 2 अज्ञात लुटेरे नाक-मुंह पर कपड़ा बांधकर उनके सामने पहुंच गए। वे उनकी कनपटी पर पिस्तौल और गले पर धारदार चाकू अड़ाकर उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगे। लुटेरे उनसे आलमारी-लॉकर की चाबी मांगने लगे। 
    पीडि़त ने घटना की जानकारी देते हुए पुलिस को बताया कि नगद-जेवर के बारे में बताते ही एक आरोपी उनके बेडरूम में पहुंचा और वहां आलमारी के पूरे सामान को बिखेरते हुए 35 40 हजार नगद, चांदी की चार गिलास, सोने के कुछ जेवर, एक वीडियो कैमरा समेत और कुछ सामान निकालकर उन्हें फिर से धमकाने लगे। वे दोनों घर में रखे और नगद, जेवर के बारे में पूछने लगे। उनकी ओर से कोई जानकारी नहीं देने पर वे दोनों उन्हें अपने साथ लेकर आए तार से बांधकर भाग गए। कुछ समय बाद वह किसी भी तरह से अपने आप को खोलकर पड़ोसियों के घर पहुंचा। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस में दी गई। उन्होंने बताया कि एक दिसंबर को उसके बेटे की शादी है और घर में उसकी तैयारी चल रही है। 
    घटना के बाद सिटी एसपी, सीएसपी समेत पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में लगी है। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट भी वहां जांच में लगे हैं। सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि उनकी टीम लगातार जांच करते हुए पूछताछ में लगी है। आसपास के वीडियो फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल आरोपियों का कहीं कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दूसरी ओर घटना के बाद से सिविल लाइन क्षेत्र में दहशत का माहौल है। खासकर जिन घरों में एक व्यक्ति रह रहे हैं, वे डरने लगे हैं। 

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Posted Date : 19-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 19 नवंबर। शहर के वल्लभ नगर, टैगोर नगर में किन्नर बनकर पैसा मांगने और नहीं देने पर बददुआ-धमकी देने के मामले में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी इंदौर मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। तीनों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा, पूछताछ जारी है।
    कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इंदौर के लालपुर (नागझीरी) के रहने वाले कुछ लोग नया रायपुर के समीप निमोरा गांव में रहकर मांगने-खाने का काम कर रहे हंै। इन्हीं में से तीन युवक यहां वल्लभ नगर, टैगोर नगर, शैलेंद्र नगर समेत आसपास के क्षेत्र में किन्नर बनकर घर-घर पैसा मांगते रहे। लोगों ने उनके मांगने और दुआ देने के ढंग से तंग आकर बीती शाम इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। इसके बाद तीनों युवक कॉलोनी में घूमते हुए पकड़ लिए गए। 
    पकड़े गए आरोपियों ने विनोद नाथ(27), अनिल नाथ(25), भगवान नाथ(28) शामिल हैं। तीनों ने अपना अस्थायी निवास तूता-माना बताया है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इंदौर मध्यप्रदेश स्थित उनके गांव से काफी लोग यहां आए हैं और वे सभी अलग-अलग जगहों पर पैसे मांगकर अपना परिवार चला रहे हैं। वे तीनों किन्नर बनकर घर-घर पैसा मांगते थे। पुलिस  तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ में लगी है।

     

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Posted Date : 19-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 19 नवंबर। संविलियन, सातवां वेतनमान समेत अपनी अन्य मांगों को लेकर प्रदेश के करीब पौने दो लाख शिक्षाकर्मी 20 नवंबर से बेमुद्दत हड़ताल की तैयारी में जुट गए हैं। इसके  पहले उनकी रविवार शाम-रात सरकार से दूसरे दौर की बातचीत होगी और यह प्रयास किया जाएगा कि उनकी हड़ताल स्थगित हो जाए। 
    प्रदेश के शिक्षाकर्मी अपनी मांगों को लेकर इसके पहले शासन-प्रशासन से कई बार चर्चा कर चुके हैं। मांगे पूरी नहीं होने पर वे सभी एकजुट होकर बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। उनका कहना है कि कोई ठोस घोषणा न होने पर वे सभी स्कूलों में ताला बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे। दूसरी ओर सरकार की ओर से उन्हें खबर दी गई है कि उनकी मांगों पर विचार करते हुए शाम-रात को एक बैठक की जाएगी।  बैठक की अध्यक्षता पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव एमके राउत करेंगे। जिनके साथ शिक्षा सचिव विकासशील, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव व आदिम जाति कल्याण विभाग के भी सचिव रहेंगे। 
    सूत्रों से मिली मिली जानकारी के मुताबिक पहले दौर की बैठक के बाद पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दे दी गयी थी। बाद में लिए गए फैसले की जानकारी आज की बैठक में शिक्षाकर्मियों को दी जाएगी। हालांकि जानकारी यह भी मिल रही है कि 23 नवंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में शिक्षाकर्मियों की मांगों को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। 

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 18 नवंबर। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर राज्य महिला आयोग द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से शनिवार को वीरांगना रैली निकाली गई। लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में घोड़े, बग्घी में सवार सैकड़ों छात्राओं की इस रैली को मरीन ड्राइव से मुख्यमंत्री रमन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि हमारी बेटियां रानी लक्ष्मीबाई का प्रतीक है। जिनके बारे में हमने सुना है कि बुंदेले हरबोलों के मुख हमने सुनी कहानी है, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी है। डॉ. सिंह ने कहा कि शिक्षा और विद्या का शस्त्र लेकर हमारी बेटियां दुनिया जीतने के लिए निकल पड़ी हैं। आज वही आगे बढ़ता है जो शिक्षित होता है। हमारी बेटियों को आगे बढऩे से कोई नहीं रोक सकता।
     इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू, विधायक श्रीचंद सुंदरानी, राष्ट्र्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा , राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पांडेय, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  धरमलाल कौशिक सहित आयोग की अनेक सदस्यों की सहभागिता रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य महिला आयोग द्वारा बेटियों और महिलाओं के अधिकारों पर केंद्रित हल्बी और गोंडी भाषा में पहली बार प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। 
    रानी लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में शामिल सैकड़ों छात्राओं के जयघोष से वातावरण ओजमय बना रहा। बरछी, कटार संग वीरांगना रूप में घोड़े पर सवार इन छात्राओं के संग सैकड़ों छात्राओं के जयघोष से वातावरण देशभक्ति से पूरी तरह से रच बस गया। शहर के विभिन्न स्थलों में देशभक्ति का संचार करते हुए वीरांगना रैली इंडोर स्टेडियम में संपन्न हुई।
    रानी लक्ष्मीबाई जंयति के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा इंडोर स्टेडियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्कृष्ठ कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। 
    छग महिला आयोग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए ग्राम सुकूल से पद्मश्री फूलबासन, पद्मश्री शमशाद बेगम, महिला कमांडो की सक्रिय सदस्य जस्सी फिलिप, राधा देशमुख को सम्मानित किया गया। इनके अलावा लक्ष्मी स्वसहायता समूह, वन स्टाप सेंटर दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, सूरजपुर को सम्मानित किया गया। भारत माता वाहिनी समूह ग्राम पंचायत कठौली कुरूद की तामेश्वरी साहू को सम्मानित किया गया।

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 18 नवंबर। भक्ति मुक्ति प्रचार-प्रसार समिति के बैनर तले प्रदेश के सैकड़ों समर्थकों ने संत रामपाल की रिहाई और सतलोक आश्रम में हुई कार्रवाई की सीबीआई जांच की मांग को लेकर शनिवार को यहां रैली निकाल धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी समर्थकों ने बताया कि दो साल पहले 18 दिसंबर को हरियाणा के हिसार के बरवाला आश्रम में कार्रवाई के विरोध में संत रामपाल समर्थकों द्वारा देशभर में शनिवार को काला दिवस मनाया जा रहा है।    
    इसी कड़ी में समिति द्वारा रायपुर में भी रैली निकाली गई।
    प्रचार समिति से जुड़े विक्रम दास ने बताया कि दो साल पहले हिसार के बरवाला स्थित आश्रम में हुई कार्रवाई के दौरान कई निर्दाेष समर्थकों सहित संत रामपाल को बंदी बनाया गया। कार्रवाई के विरोध में समिति द्वारा रैली निकाल विरोध प्रदर्शन किया गया। समिति संत रामपाल की रिहाई और आश्रम में  कार्रवाई की सीबीआई जांच के लिए शासन को ज्ञापन सौंपेगी। 

     

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Posted Date : 17-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 नवंबर। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए नए सिरे से योजनाएं बनाई जाएगी। उन्होंने प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण में और बेहतर काम करने की जरूरत पर बल दिया। 
    श्री कुमार शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर प्रदेश प्रवास पहुंचे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आने का मकसद नीति आयोग का सारे राज्यों के साथ काम करना है। पहले राज्य सरकारें योजना आयोग के चक्कर लगाया करती थी, लेकिन अब नीति आयोग खुद राज्यों में पहुंच रही है। आयोग का प्रयास है कि उस राज्य के वास्तविकता के आधार पर योजनाएं बनाई जाए न कि दिल्ली में बैठकर योजना तैयार हो।
     उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ रचनात्मक तरीके से तरक्की कर रहा है। रेल के क्षेत्र में यहां अच्छा काम हो रहा है। बस्तर के विकास पर उन्होंने कहा कि यह विशेष क्षेत्र है यहां अधिक ध्यान देने की जरूरत है। जल्द ही उनकी अध्यक्षता में बस्तर को लेकर योजना तैयार की जाएगी। इस क्षेत्र में बेहतरी के लिए गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा। साथ ही देश के सारे अनुसूचित क्षेत्र के लिए अलग से नीति बनाने पर आयोग विचार करेगा। 
    उन्होंने कहा कि राज्यों के विकास सूचनांक पर छत्तीसगढ़ की रैकिंग अच्छी है। कृषि से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जमीन अधिग्रहण नीति पर प्लान बनाए गए हैं। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए पायलेट प्रोजेक्ट बनाए जा रहे है।
    श्री कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की गति अच्छी है पर इसे और तेज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां शिक्षा, स्वास्थ और पोषण में सुधार की जरूरत है।
    उन्होंने शिक्षा पर जोर देने की बात कही। स्वास्थ्य के क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी है, जो कि देश के औसत से काफी कम है। उन्होंने डॉक्टरों को फैलोशिप दिए जाने की सराहना की। श्री कुमार ने प्रदेश में पोषण के साथ-साथ रोड, टेलीफोन कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की बात कहीं। उन्होंने बताया कि बैठक में बस्तर, टेलीकॉम कनेक्टिविटी बढ़ाने और केन्द्र से वितरण में देरी के संबंध में चर्चा हुई है। 
    सार्वजनिक संस्था व क्षेत्रों के बढ़ते निजीकरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य बेहतर काम करना है। सरकार अपना काम अच्छी तरह से कर रही है। हालांकि यह भी भ्रम फैलाया जा रहा है कि मोदी, निजीकरण के पीछे हैं। 

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Posted Date : 17-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 नवम्बर। सरकार के मंत्री की कथित सेक्स-सीडी प्रकरण की सीबीआई जांच अब जल्द शुरू होगी। प्रकरण की जांच अब तक राज्य पुलिस की स्पेशल टीम कर रही थी। चर्चा है कि एसआईटी ने सीडी कांड के सूत्रधारों का पता तो लगा लिया है लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी। वजह यह है कि इस कांड में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनको पूछताछ के लिए बुलाने में ही एसआईटी को पसीना छूट रहा था। हल्ला है कि इस पूरे मामले में उद्योग जगत की एक नामी हस्ती से लेकर दो प्रमुख नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। सीबीआई जांच में इन लोगों पर शिकंजा कस सकता है। 
    केन्द्र सरकार के सेक्स-सीडी कांड की सीबीआई जांच की अनुशंसा  स्वीकारने से राज्य पुलिस ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब तक आधा दर्जन लोगों से पूछताछ कर चुकी है। लेकिन गिरफ्तारी सिर्फ पत्रकार विनोद वर्मा की ही हो पाई है। सीबीआई एक-दो दिनों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर देगी। 
    आईजी प्रदीप गुप्ता ने 'छत्तीसगढ़' से कहा कि केन्द्र सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच की मंजूरी मिल गई है। इस आशय का पत्र भी राज्य शासन को मिला है। इसके बाद केस डायरी को सीबीआई को सौंपना ही होता है। कहा जा रहा है कि सीबीआई की टीम तीन-चार दिनों में यहां पहुंचकर जांच शुरू करेगी। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी को अब तक की जांच में कई अहम जानकारियां हासिल हुई है। इससे जुड़े एक सीसीटीवी फूटेज भी हाथ लगा है जिससे इस कांड के सूत्रधारों का पता चला है। 
    कहा जा रहा है कि सेक्स-सीडी के पीछे तीन तरह के लोग शामिल थे। एक वह, जिसने सीडी तैयार की। यह व्यक्ति गाजियाबाद का रहने वाला है। इससे पूछताछ हो चुकी है और उसने काफी जानकारियां दी है। इसके अलावा फाईनेंसर और तीसरा वितरण करने वाली टीम भी थी। हल्ला है कि जिस व्यक्ति ने सीडी के लिए धन राशि उपलब्ध कराई है, वह उद्योग जगत का चर्चित नाम है। इसके अलावा एक नेता भी शामिल है। सेक्स-सीडी बांटने वालों में एक बड़े नेता के साथ-साथ अन्य लोग शामिल थे। 
    चर्चा यह है कि पुलिस को इस बात की पूरी जानकारी थी कि यहां मंत्री की कथित सेक्स-सीडी किसके पास उपलब्ध है, वहां तक किसने पहुंचाया है। बावजूद इसके विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद उसने रायपुर में सुबह से सीडी बंटने दी और चुपचाप प्रमाण जुटाते रही। जांच में इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि प्रदेश भाजपा के एक बड़े (बाकी पेजï 5 पर)
    पदाधिकारी की भी सीडी तैयार की गई थी। यह भी पता चला है कि जिन लोगों की कथित तौर पर असली-नकली सीडी तैयार की गई थी, उन तक खबर भी पहुंचाई गई। उन्हें  ब्लैकमेल करने की भी कोशिश की गई। कहा तो यह भी जा रहा है कि कांग्रेस के एक महापौर ने सेक्स-सीडी जारी होने के करीब 10 दिन पहले ही संबंधित लोगों को इसकी सूचना देकर अलर्ट कर दिया था। 
    यह भी बताया गया कि कुछ लोगों के पास असली-नकली दोनों तरह की सेक्स-सीडी मौजूद थी। इसलिए इसके खुलासे में ज्यादा कोई दिक्कत नहीं आई। बहरहाल, कांग्रेस और भाजपा, दोनों के ही बड़े नेता सीडी-कांड पर जल्द कार्रवाई होना देखना चाह रहे हैं। उनका मानना है कि इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई से प्रदेश की राजनीति में आई गंदगी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा। 

     

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Posted Date : 17-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 नवम्बर। माना नकटी खार में शुक्रवार की सुबह एक युवक की लाश मिली है। बताया जा रहा है कि उसकी हत्या कर लाश फेंक दी गई है। माना पुलिस घटना की जांच कर रही है। मृतक की पहचान कर ली गई है। वह गुढिय़ारी इलाके रहने वाला था। 
    नकटी खार में आज सुबह लोगों ने एक युवक की लाश देखी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मान पुलिस मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक के हाथ-पैर, पेट और सिर में चोट के निशान हैं। आशंका जताई जा रही है कि उसकी जमकर पिटाई की गई है। मौत होने के बाद उसे खार में फेक दिया गया। 
    माना पुलिस के अनुसार मृतक की शिनाख्त गुढिय़ारी निवासी बलराम यादव के रूप में की गई है। बलराम की मौत की खबर मिलने पर परिवार के लोग भी घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतक की शिनाख्त  कर ली है। परिजनों के अनुसार वह 15 नवम्बर की शाम घर से निकला था। वह गुढिय़ारी इलाके में स्टेशनरी की दूकान चलाता था। 
    बलराम की हत्या किसने की है फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की है लेकिन किसी से कोई रंजिश की बात अभी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। हत्या की गुत्थी सुलझाने क्राईमब्रांच की टीम भी लगाई गई है। 

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Posted Date : 16-Nov-2017
  • 5 जिलों में एक भी अवैध निर्माण नियमित नहीं, सीएस खफा, 3 महीने का अल्टीमेटम

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 16 नवम्बर। सरकार के अवैध निर्माण के नियमितीकरण के अभियान को तगड़ा झटका लगा है। बताया गया कि प्रदेश के शहरी इलाकों में लाखों अवैध निर्माण होने के बावजूद मात्र 40 हजार को ही नियमित करने के लिए आवेदन आए हैं। इनमें से भी समय सीमा खत्म होने के बाद मात्र साढ़े सात हजार अवैध निर्माणों को नियमित किया जा सका है। यानी सवा 18 फीसदी आवेदन ही निराकृत हो पाए हैं। हाल यह है कि 5 जिलों में एक भी अवैध निर्माण को नियमित नहीं किया जा सका है। मुख्य सचिव विवेक ढांड ने इस पर नाराजगी जाहिर की और कलेक्टरों को तीन माह के भीतर नियमितीकरण करने के आदेश दिए हैं। 
    प्रदेश में अवैध निर्माण के नियमितीकरण के लिए कानून बनाया गया। इसकी अवधि 31 अगस्त को खत्म हो गई। यह कानून एक साल के लिए प्रभावशील रहा है। प्रदेश में लाखों की संख्या में अवैध निर्माण हैं। करीब डेढ़ लाख को नोटिस भी जारी की गई थी। अलग-अलग कारणों से अनियमित निर्माण कर चुके लोगों को राहत देने के लिए कानून बनाया गया था। इसमें नियमितीकरण के लिए राशि में भी कमी की गई थी। लेकिन नियमितीकरण योजना अपेक्षाकृत सफल नहीं हो पाई। 
    बताया गया कि समय सीमा खत्म होने तक प्रदेश के 27 जिलों में नियमितीकरण के लिए कुल 40 हजार 851 आवेदन आए थे। इसमें से 7455 आवेदनों का ही निराकरण किया गया। सभी जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। इसमें नगर निगम आयुक्त, एसपी, नगर निवेश अधिकारी और राजस्व अफसरों को रखा गया है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर नियमितीकरण के लिए अभियान तेज करने पर जोर दिया था। बावजूद इसके यह अभियान गति नहीं पकड़ सका। 
    मुख्य सचिव श्री ढांड ने पिछले दिनों नियमितीकरण अभियान की समीक्षा की। यह बात उभरकर सामने आई कि 5 जिले बलरामपुर-रामानुजगंज, बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव में एक भी अवैध निर्माण के नियमितीकरण का आवेदन निराकृत नहीं किया गया है। अलबत्ता, जशपुर में सभी आवेदनों का निराकरण किया गया। मुंगेली जिले में अपेक्षाकृत 87 फीसदी से अधिक आवेदन निराकृत हुए हैं। सबसे ज्यादा आवेदन रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जिले में आए थे। 
    बताया गया कि रायपुर जिले में 18 हजार 889 अनियमित निर्माण को नियमित करने के लिए आवेदन दिए गए थे। इनमें से मात्र 2294 आवेदन ही निराकृत हो पाए हैं। कुल मिलाकर 12.14 फीसदी ही आवेदन निराकृत हुए हैं। लंबित आवेदनों की संख्या 16595 है। इस तरह 87.86 फीसदी आवेदन लंबित हैं। इसी तरह बिलासपुर जिले में 5685 आवेदन आए थे उनमें से 1552 आवेदन ही निराकृत हुए हैं। कुल मिलाकर 27.29 फीसदी आवेदन ही निराकृत किए गए हैं। यहां भी 73 फीसदी प्रकरणों का अब तक निराकरण नहीं हो पाया है। दुर्ग में 6583 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें से 5646 आवेदन अभी भी पड़े हैं। इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। राजनांदगांव जिले में नियमितीकरण के लिए 1516 आवेदन आए थे उनमें से 437 आवेदन ही निराकृत हो पाए हैं। 
    छोटे जिलों में भी यही स्थिति है। गरियाबंद जिले में 8 आवेदन नियमितीकरण के लिए आए थे। इसमें से एक ही प्रकरण का निराकरण किया गया। रायगढ़ में 1215 आवेदन आए थे। उनमें से 181 आवेदन निराकृत हो पाए हैं। धमतरी में 582 आवेदन आए थे। उनमें से 253 प्रकरणों का निराकरण ही किया गया। सरगुजा में 1018 आवेदन आए थे। उनमें से 234 ही निराकृत हो पाए। यानी 77 फीसदी आवेदन लंबित हैं। मुख्य सचिव ने इस बात पर नाराजगी जताई कि आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा तीन बार नियमितीकरण के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन इसको गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने सभी कलेक्टरों को अनाधिकृत विकास के प्राप्त आवेदनों का तीन माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 

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Posted Date : 16-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 16 नवम्बर। केंद्र सरकार ने सेक्स-सीडी कांड की सीबीआई जांच कराने के राज्य के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। केंद्रीय कार्मिक और पेंशन मंत्रालय ने इस सिलसिले में सीबीआई को जांच के लिए पत्र भेज दिया है। 
    राज्य मंत्रिमंडल ने मंत्री की कथित सेक्स-सीडी प्रकरण की सीबीआई जांच की अनुशंसा की थी। यह कहा गया था कि इस प्रकरण के तार अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया गया।  पूरे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। 
    केंद्रीय कार्मिक और पेंशन मंत्रालय ने राज्य के प्रस्ताव को मान्य कर सीबीआई को जांच के लिए प्रकरण भेज दिया है। पंडरी थाने में भाजपा कार्यकर्ता प्रकाश बजाज द्वारा की गई शिकायत पर जुर्म कायम कर जांच की जा रही है। इस प्रकरण की जांच अब सीबीआई करेगी। केंद्र सरकार ने इसकी सूचना मुख्य सचिव को दी है।
    पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। पुलिस की जांच तेजी से चल रही है। पत्रकार विनोद वर्मा को आरोपी बनाया गया है। उन्हें रिमांड में लिया गया था लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। इसके अलावा अन्य कई लोगों से पूछताछ चल रही है। माना जा रहा है कि केन्द्र सरकार के पत्र के बाद सीबीआई प्रकरण दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू करेगी। इस पूरी प्रक्रिया में हफ्ते-दस दिन का समय लग सकता है। 
     

     

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Posted Date : 16-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 16 नवम्बर। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन समिति के पदाधिकारियों ने रायगढ़ जिले के तमनार के तीन गांवों में स्वास्थ्य सर्वे किया। सर्वेक्षण में विशेषज्ञों ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों में मांसपेशियों-जोड़ों का दर्द, सूखी खांसी, खुजली सहित अन्य गंभीर समस्याएं पाई है। उन्होंने कोयला व पर्यावरण मंत्रालय से नयी खदानों पर रोक और पुराने प्लांट में पर्यावरण नियम के पालन  की मांग की है। 
    समिति सदस्य रिंचिन, डॉ. मनन गांगुली व डॉ. समरजीत जाना ने गुरूवार को यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा कि रायगढ़ जिले के तमनार तहसील में स्वास्थ्य व पर्यावरण प्रदूषण की लगातार शिकायत मिल रही थी। आसपास के ग्रामीणों के कहने पर उनकी संस्था द्वारा विशेषज्ञों की टीम से इस क्षेत्र के  कोसमपाली, सारसमल व डोंगामछुआ  गांवों के करीब पांच सौ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। विशेषज्ञों के नेतृत्व में टीम ने घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य सर्वे किया। साथ ही क्षेत्र की हवा, मिट्टी, पानी का भी परीक्षण किया है। 
    डॉ. गांगुली व डॉ. जाना ने बताया कि सर्वे में बच्चों से बुजुर्गों तक काफी स्वास्थ्य संबंधी शिकायत पाई गई। उनमें बाल झडऩा, मांसपेशी-जोड़ों में दर्द, पीठ में दर्द, खुजली, त्वचा का रंग उतरना, पैरों के तलवे फटना, सूखी खांसी जैसी समस्या पाई गई है। उन्होंने हवा, पानी, मिट्टी में पाए जाने वाले जहरीले पदार्थों के कारण निवासियों को इन समस्याओं की आशंका जताई है। उनका कहना है कि इन गांवों में रहने वाले लोगों पर खनन, कोयला, बिजली संयत्र व अन्य उद्योगों के कारण नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और उनमें शारीरिक व मानसिक रोग हो रहे हैं। 
    उन्होंने बताया कि सर्वे में पानी व मिट्टी में एल्यूमीनियम, आर्सेनिक, बोरान, कैडमियम, क्रोमियम, लेड सहित 12 विषैली धातुएं मिली है। इन धातुओं से लोगों में कैंसर, टीबी, किडनी-लीवर सहित अन्य गंभीर बीमारी की आशंका बनी हुई है। समिति के पदाधिकारियों ने कोयला व पर्यावरण मंत्रालय से इन क्षेत्रों में कोयला खनन पर पाबंदी, नए प्रोजेक्ट पर रोक व उद्योगों पर प्रदूषण नियमों के पालन की मांग की है। 

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Posted Date : 16-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ का सेक्स-सीडी कांड, भारत सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए

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Posted Date : 15-Nov-2017

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 15 नवम्बर। कवर्धा में सीएम हाऊस के सामने सफाईकर्मी की खुदकुशी मामले में कांग्रेस ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने समय रहते सफाईकर्मी के आवेदन पर कार्रवाई की होती तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और प्रर्याप्त मुआवजा देने की मांग की गई है।
    पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री चौबे और पूर्व मंत्री श्री अकबर ने पत्रवार्ता में बताया कि आठ नवम्बर को कवर्धा स्थित सीएम निवास में पांडातराई नगर पंचायत में कार्यरत श्रमिक बच्चूलाल ने मिट्टी तेल छिड़कर आग लगा ली थी। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। 
    कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल को जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि बच्चूलाल शहडोल का रहने वाला था। पांडातराई नगर पंचायत अध्यक्ष रामचरण साहू उसे लेकर आया था। वह नगर पंचायत में श्रमिक (सफाई कर्मी)था। मृत्युपूर्व उसने कवर्धा कलेक्टर को आवेदन लिखा था। जिसमें उसने वेतन नहीं मिलने और नगर पंचायत अध्यक्ष के द्वारा मारपीट करने व धमकी देने की शिकायत की थी। 
    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यदि कलेक्टर समय रहते उसके आवेदन पर कार्रवाई करते तो इस घटना से बचा जा सकता था। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर कलेक्टर भी जनदर्शन में शिकायत सुनते हैं। लेकिन गरीबों के आवेदन को रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता है। 
    बताया गया कि बच्चूलाल की मौत के बाद उसका शव आनन-फानन में शहडोल उसके गृहग्राम भेज दिया गया। इसकी भी जांच होनी चाहिए। इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर लीपापोती का आरोप भी लगाया गया है। कांग्रेस ने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की है। 

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Posted Date : 15-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 15 नवम्बर। प्रदेशभर में बुधवार से समर्थन मूल्य पर थान खरीदी शुरू हो गई। धान खरीदी के पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव जिले के ग्राम अंजोरा पहुंचे। यहां उन्होंने धान खरीदी केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। तराजू, बाट देखकर उन्होंने धान की क्वालिटी को भी परखा। इस वर्ष 1992 खरीदी केन्द्रों में लगभग 70 लाख मीट्रिक टन धान और 10 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। 
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किसानों से बातचीत करते हुए उन्हें राज्य शासन द्वारा धान और मक्का खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्रों में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। इस केन्द्र में में ग्राम मगरलोटा की  कमलादेवी भी 123 कट्टा धान लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने उनसे भी उनकी खेती और फसल के बारे में जानकारी ली।  डॉ. सिंह ने किसानों से धान को अच्छी तरह सूखा कर और साफ-सफाई करके बेचने के लिए लाने की अपील की। 
       प्रदेश में चालू खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में किसानों से धान खरीदने की अधिकतम सीमा प्रति एकड़ 15 क्विंटल लिंकिंग समेत निर्धारित की गई है। खाद्य नागरिक आपूति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और अन्य संबंधित अधिकारियों को परिपत्र जारी कर खरीदी कार्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। 
    विभागीय अधिकारियों ने आज बताया कि राज्य में इस साल तीन नये उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इन्हें मिलाकर राज्य की एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के उपार्जन केन्द्रों (खरीदी केन्द्रों) की संख्या 1992 हो गई है। केन्द्र सरकार के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार धान और मक्के का उपार्जन किसानों की ऋण पुस्तिका के आधार पर किया जाएगा। 
    अधिया अथवा रेगहा पद्धति से खेती करने वाले किसानों को भी संबंधित जमीन की ऋण पुस्तिका लानी होगी। उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी प्रत्येक सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक (शासकीय अवकाश दिवसों को छोड़कर) की जाएगी। प्रत्येक शनिवार को उपार्जन केन्द्रों में प्राप्त धान की मात्रा, बारदानों के उपयोग, समितियों को धान खरीदने के लिए दी गई राशि के खर्च आदि का हिसाब किया जाएगा और उसे कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर में अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा। 

     

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Posted Date : 14-Nov-2017
  • इको टूरिज्म के शुभंकर 'श्यामू-राधे' का अनुमोदन 
    तमोर पिंगला में जल्द शुरू होगा हाथियों का पुनर्वास केन्द्र 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 14 नवम्बर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की दसवीं बैठक में भोरमदेव अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित करने के लिए कोर और बफर क्षेत्र निर्धारित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। यह प्रस्ताव अब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी) नई दिल्ली को भेजा जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार भोरमदेव टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल लगभग 624 वर्ग किलोमीटर होगा। इसमें से 318 वर्ग किलोमीटर कोर क्षेत्र और 305 वर्ग किलोमीटर बफर क्षेत्र होगा। कान्हा किसली टाइगर रिजर्व से लगे हुए भोरमदेव अभ्यारण्य का पर्यावरण टाइगर रिजर्व के लिए अनुकूल है। इससे प्रदेश में पर्यावरण आधारित पर्यटन (ईको पर्यटन) को बढ़ावा मिलेगा। भोरमदेव टाइगर रिजर्व देश का 51वां टाइगर रिजर्व होगा। 
    बैठक में कोरिया और रायगढ़ जिले में बंदरों के बंध्याकरण (स्टरलाइजेशन) के लिए एक-एक केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। पिछले दिनों सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा कोरिया और रायगढ़ जिले में बंदरों से होने वाली परेशानी का उल्लेख किया गया था। इस संदर्भ में आज की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश में ईको टूरिज्म के शुभंकर 'श्यामू-राधेÓ के डिजाइन का अनुमोदन किया गया। शुभंकर के डिजाइन में राजकीय पशु वन भैंसा के सिर पर राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना को बैठा दिखाया गया है। इस शुभंकर का उपयोग सोशल मीडिया में ईकोटूरिज्म से संबंधित जानकारियां रोचक ढंग से पहुंचाने के लिए किया जाएगा। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि बर्ड काउंट इंडिया संस्था के सहयोग से छत्तीसगढ़ में पक्षियों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाए। इस सर्वेक्षण के आधार पर स्टेटस आफ वर्डस इन छत्तीसगढ़ रिपोर्ट का प्रकाशन किया जाएगा, जिसके  आधार पर पक्षियों के संरक्षण और पक्षी आधारित ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने की कार्य योजना तैयार की जाएगी।
    अधिकारियों ने बताया कि कांगेर घाटी में अनेक दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों का रहवास है। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि सूरजपुर जिले की प्रतापपुर तहसील में स्थित तैमोर पिंगला अभ्यारण्य में हाथी बचाओ एवं पुनर्वास केन्द्र की स्थापना के प्रस्ताव को केन्द्रीय चिडिय़ा घर प्राधिकरण से अनुमति मिल गई है। यह पुनर्वास केन्द्र इस वर्ष दिसम्बर तक तैयार हो जाएगा। विशेषज्ञों ने बैठक में बताया कि झारखंड और ओडि़शा में हाथियों के प्राकृतिक रहवास का नुकसान होने के कारण हाथी छत्तीसगढ़ का रूख कर रहे हैं। हाथियों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए  इन राज्यों के साथ हाथियों के प्रवास संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान आवश्यक है। विशेषज्ञों ने इसके लिए पड़ोसी राज्यों, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ एम.ओ.यू. करने की आवश्यकता बतायी। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय वन मंत्री को इस संबंध में पत्र लिखने की सहमति प्रदान की। हाथी प्रभावित गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में अचानकमार टाइगर रिजर्व में ग्राम सुरही में टाइगर सफारी का प्रस्ताव तैयार करने की सहमति प्रदान की गई। बैठक में संसदीय सचिव तोखन साहू, विधायक द्वय चिंतामणि महाराज और अशोक साहू, मुख्य सचिव विवेक ढांड, पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय, वन विभाग के प्रमुख सचिव आर.पी. मंडल, मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) आर.के. सिंह और पक्षी विशेषज्ञ ए.एम.के. भरोस सहित अनेक विषय विशेषज्ञ और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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Posted Date : 14-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 14 नवम्बर। जिले के विभिन्न इलाकों में रकम दोगुना करने और फर्जी पुलिस बनकर ठगने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से रकम भी बरामद की गई है। 
    पुलिस के मुताबिक आरोपी हफ्तेभर में रकम दोगुना करने का लालच देकर बुलाते थे। तयशुदा जगह पर रकम अदायगी के दौरान नकली पुलिस बनकर पहुंचते थे और छापामारी का नाटक कर रुपये लेकर फरार हो जाते थे। अपने ग्राहक को 100 रुपये के नोटों के बंडल के नीचे कागज रखते थे और इनके पुलिस बने साथी इन्हीं नोटों को लेकर भाग जाते थे। पीडि़त भी पुलिस के डर से अपनी शिकायत नहीं करता था।
    इसी दौरान चिखली में योगेश्वर कुमार ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने आरोपी विक्की नायडू से की। पुलिस ने आरोपी विक्की नायडू, विशाल भारती एवं जयनारायण राजपूत को गिरफ्तार किया गया। इन्होंने योगेश्वर को 100-100 के बंडल दिखाकर 3 लाख रुपये होना बताया था । घर पहुंचकर जब पीडि़त ने सूटकेस खोलकर देखा तो प्रत्येक बंडल में ऊपर और नीचे 100 के दो-दो नोट थे और बाकी कागज थे। 
    पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जिले के अन्य जगहों पर भी इस तरह की घरना होने की आशंका जताई गई है। 

     

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Posted Date : 13-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 13 नवंबर। उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार यहां आए योगी आदित्यनाथ का सोमवार को जोरदार स्वागत किया गया। माना विमानतल पर उनके स्वागत के लिए सरकार के  मंत्रियों के अलावा हिन्दू संगठनों के लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। 
    योगी आदित्यनाथ के विमानतल से बाहर निकलते ही भाजपा नेताओं ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में बाईक सवार कार्यकर्ताओं के साथ उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री का काफिला निकला। इसमें सरकार के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत भी थे। कार्यक्रम के बाद योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलने उनके निवास पहुंचे। 
    मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक चर्चा हुई। इसके बाद योगी, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ इंडोर स्टेडियम पहुंचे। योगी के कार्यक्रम स्थल पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने स्वागत में नारे लगाए। इस कार्यक्रम में सरकार के मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल, रमशीला साहू, विधायक श्रीचंद सुंदरानी, जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन किया गया। अभिनंदन समारोह में विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। 
    राहुल राजनीति के पिटे मोहरे-योगी
     पत्रकारों से चर्चा में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि राहुल राजनीति के पिटे मोहरे हैं। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में भाजपा की सरकार बनेगी।
    उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के यहां पहुंचने पर सरकार के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत ने आत्मीय स्वागत किया गया। श्री आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में कहा कि हिन्दू धर्म केवल पूजा उपासना की पद्धति नहीं है। यह संपूर्ण रूप में जीवन जीने की कला है। 
    उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री पद के लिए चयन किया गया, तो एक समुदाय प्रफुल्लित हुआ, लेकिन भारतीय संस्कृति और परंपरा के विरोधी लोग इसे कैसे स्वीकार कर सकते थे। सात महीने में चीजें बदली हैं, हिन्दुत्व को विकास का विरोधी मानने वालों को धक्का लगा है। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की तारीफ की और कहा कि डॉ. रमन सिंह ने कई मानक स्थापित किए हैं, राजनीति में स्थिरता जरूरी है और स्थिरता के साथ विकास जो मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में जो छत्तीसगढ़ ने किया है। वह एक उदाहरण है। 

     

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