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  • मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पदयात्रियों का रेला शुरू
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 22 सितंबर। क्वांर नवरात्र में दो दिन के भीतर डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी के दरबार में 40 हजार भक्तों ने माथा टेका है। प्रशासन के हेड काऊंटिग मशीन में भक्तों की तकनीकी रूप से स्पष्ट गिनती हो रही है।
     गुरूवार-शुक्रवार सुबह तक अलग-अलग क्षेत्रो से आए श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिया है। बताया जाता है कि पिछले साल की तुलना में यह संख्या कम है लेकिन मौसम के खुलते ही भक्तो का रेला चारो दिशाओं से आ सकता है। पिछले दो साल से प्रशासन ने सुरक्षागत कारणो से मशीन के जरिए भक्तो की गिनती करने की व्यवस्था शुरू की है। इससे पुलिस को भी मेला व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में आसानी होती है। बताया जाता है कि मेले स्थल के इर्द-गिर्द ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। वही संदिग्ध लोगों को सीसीटीवी में कैद भी किया जा रहा है। नवरात्र के पहले दो दिन भक्तों की भीड़ अपेक्षानुरूप ही रही। प्रशासन का मानना है कि दो दिन मामूली बरसात के बाद भी भक्तो ने दर्शन के लिए खासी रूचि ली। इस बीच डोंगरगढ़ में कल और आज सुबह भी श्रद्धालुओं का सुबह से ही मजमा दिखाई दिया। महाराष्ट्र के अलावा बालाघाट, सिवनी तथा छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के भक्त मनोकामना पूरा करने के लिए दर्शन करने पहुंच रहे है।
    दिखने लगा पदयात्रियों का रेला
    क्वांर नवरात्र के दूसरे दिन से शहर के पदयात्री मार्ग में धर्मनगरी डोंगरगढ़ स्थित पहाड़ी पर मां बम्लेश्वरी का दर्शन करने वाले पदयात्रियों का रेला दिखने लगा। दर्शनार्थियों की उमड़ी भीड़ से शहर में  चहल-कदमी भी बढ़ गई है। शहर समेत अन्य शहरों से पहुंचने वाले पदयात्री ग्रुप बनाकर सड़क के रास्ते अपनी मनोकामनाएं लिए पैदल माता के जयकारे लगाते आगे बढ़ रहे हैं। 
    वहीं समाजसेवी संस्थाओं ने भी पदयात्री मार्ग में सेवा पंडाल लगाए हुए हैं, जहां  पदयात्रियों के आराम करने, पेयजल समेत चिकित्सा  सुविधा दी जा रही है। क्वांर नवरात्र के दूसरे दिन मौसम के मेहरबान होने से पदयात्री मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आ रही है। आगामी दिनों पदयात्रियों की संख्या में इजाफा होने का अनुमान बना हुआ है।

    कार की ठोकर, डोंगरगढ़ जाते भिलाई के पदयात्री युवक की मौत 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 22 सितंबर।  डोंगरगढ़ जाने निकले पदयात्री एक युवक की आज तड़के एक कार की चपेट में आने से  मौत हो गई। मृतक अपने छह दोस्तों के साथ बीती रात  भिलाई से  रवाना हुआ था।  
     एएसपी राजेश अग्रवाल ने 'छत्तीसगढ़' को बताया कि भिलाई का विनय कुमार नामक युवक अपने साथियों के साथ डोंगरगढ़ जाने के लिए पैदल यात्रा कर रहा था। रात लगभग 3 बजे सोमनी-टेडेसरा के बीच एक कार ने विनय को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। कार चालक ने उसे अस्पताल में  भर्ती कराया जहां  चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि कार चालक हरप्रीत सिंह  एक निजी स्कूल में कार्यरत है।  घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है। हादसे के वक्त मृतक के छह दोस्त तीन-तीन की टोली बनाकर आगे-पीछे चल रहे थे। मृतक के परिवार को पुलिस ने सूचना दे दी है। 

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  • पुलिस मोर्चाबंदी से नहीं कूच कर पाए रायपुर
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 19 सितंबर। अधूरे बोनस, समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी समेत अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को राजधानी रायपुर कूच करने की कोशिश में जुटे किसानों को प्रशासन की तगड़ी मोर्चाबंदी से आगे बढऩे का मौका नहीं मिल पाया।  जिला मुख्यालय राजनांदगांव में भी पुलिस की तगड़ी मुस्तैदी रही। जिला प्रशासन ने पहले से ही  अलग-अलग क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दिया था।  इसके कारण जिला मुख्यालय समेत अलग-अलग क्षेत्रों में सुरक्षागत कारणों का हवाला देकर किसानों को रोक दिया गया।
     किसान महासंघ ने रायपुर पैदल जाकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था।  बताया गया है कि जिलेभर के अलग-अलग इलाकों से आने वाले किसानों को आगे बढऩे नहीं दिया गया। जिससे किसान राजधानी कूच नहीं कर पाए। इस बीच जिला मुख्यालय में पुलिस की तगड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था रही।  बालोद, दुर्ग एवं कबीरधाम से भी पुलिस बल  बुलाया गया था। साथ ही सुरक्षा सामग्रियों की भी खेप दूसरे जिलों से मंगाई गई थी। प्रशासन ने  प्रतिबंधात्मक धारा लागू कर किसानों के आंदोलन को एक तरह से गैर कानूनी करार दे दिया। 
    इस संबंध में कलेक्टर भीम सिंह ने 'छत्तीसगढ़' से कहा कि आंदोलन को प्रशासनिक  स्तर पर दबाने जैसा कहीं सवाल नहीं है। धारा 144 होने की वजह से सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई थी। इस बीच किसान आंदोलन से जुड़े कई नेताओं को नजर बंद करने की भी जानकारी मिली है। वहीं सुदेश टीकम, चंदू साहू व संजीत ठाकुर समेत अन्य नेताओं के मोबाइल भी बंद थे। 
    इस बीच कांग्रेस ने किसान आंदोलन को जबरिया दबाने का आरोप लगाते प्रदर्शन किया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुरेन्द्रदास वैष्णव, छन्नी साहू, कांति बंजारे समेत अन्य जिला पंचायत सदस्यों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाना पड़ा। महिला जिला पंचायत सदस्य छन्नी साहू के साथ धक्कामुक्की भी हुई। बताया गया है कि आंदोलन को दबाने की कोशिश से किसान काफी नाराज हैं। यह अब किसान की लड़ाई का बड़ा कारण बन सकता है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 14 सितंबर। चार गांवों के दौरे पर अपने विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गुरूवार को बुजुर्ग ग्रामीणों का स्वागत कर दौरे का आगाज किया। मुख्यमंत्री ने पहले चरण के दौरे में सिंघोला पहुंचकर लोगों से मुलाकात की। इस मौके पर सरस्वती सायकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिल वितरण करने के अलावा पंचायत की अन्य योजनाओं का भी लोकार्पण किया।
    मुख्यमंत्री ने एक बार फिर उन्हें विधायक बनाने के सफरनामे को याद करते राजनांदगांव विधानसभा के हर गांव के मतदाता के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने गांव के पंचायत भवन में उम्रदराज ग्रामीणों का  फूलमाला और शाल भेंटकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री का आज सिंघोला से गांव में जाने की शुरूआत हुई। मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते कहा कि मुख्यमंत्री बनने से पहले सिंघोला के ग्रामीणों ने विधायक चुना। पिछले 15 साल से वह राजनांदगांव विधायक की हैसियत से चुनकर सदन में जा रहे है इसके बाद मुझे मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ। उन्होंने उज्ज्वला गैस योजना के तहत गांव के 270 हितग्राहियों के लाभान्वित होने पर योजना का भरपूर लाभ लेने की अपील की। 
    उन्होंने कहा कि प्रदेश में 35 लाख उपभोक्ताओं को इसका लाभ दिया जाएगा जिसमें 14 लाख को गैस दिए गए हंै। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंघोला 3 साल की तुलना में बदल गया है। गांवों में चौतरफा विकास की धारा बह रही है। मुख्यमंत्री ने गांव के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की। 
    इससे पहले सांसद अभिषेक सिंह ने भी सभा को संबोधित करते कहा कि राज्य सरकार ने किसान वर्ग की सुध ली है। सरकार ने बोनस देकर किसानों के लिए दीवाली की खुशी को दुगुना कर दिया। श्री सिंह ने राजनांदगांव जिले की सभी 9 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इधर मुख्यमंत्री पीटीएस के बजाए मोहारा स्थित हैलीपेड़ में तय समय से लगभग 40 मिनट की देरी से पहुंचे। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर विधायक प्रतिनिधि व पूर्व मंत्री लीलाराम भोजवानी, महापौर मधुसूदन यादव, जिलाध्यक्ष संतोष अग्रवाल, राज्य भंडार गृह निगम अध्यक्ष नीलू शर्मा, सहकारी बैंक अध्यक्ष सचिन बघेल, वर्मा, अशोक चौधरी, राज्य अंत्याव्यवसायी वित्त विकास निगम सदस्य पवन मेश्राम, कलेक्टर भीम सिंह और एसपी प्रशांत अग्रवाल ने स्वागत किया।  

     

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 12 सितंबर। स्थानीय नवीन कृषि उपज मंडी में वर्षों से दिहाड़ी मजदूर बनकर काम कर रहे 4 सौ मंडी कामगारों ने मंगलवार को शहर के मुख्य रास्तों में रैली निकालकर प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कराया। कामगारों में महिलाएं भी शामिल हैं। 
    अपनी रोजी-रोटी पर उत्पन्न संकट के संबंध में प्रशासन से विभिन्न मांगें  रखीं।  ऑनलाइन खरीदी को तत्काल बंद करने की मांग रखी। साथ ही सौदा पत्रक से सीधी खरीदी को भी समाप्त करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। मजदूरों का कहना है कि उक्त मांगों के पूर्ण होने से मंडी में अनाज खरीदी व्यवस्था दोबारा शुरू होगी। अनाज की आवक-जावक बंद होने के कारण हमाल, रेजा एवं अन्य मंडी कामगारों के सामने जीवनयापन को लेकर संकट गहरा गया है।
    अपनी समस्या को लेकर कामगारों ने कहा कि राजनांदगांव कृषि उपज मंडी के समस्त रेजा, हमाल एवं तौल करने वाले मजदूरों की संख्या लगभग 400 है अर्थात चार सौ परिवारों का गुजर-बसर मंडी में काम करने वाले मजदूरों की आमदनी पर निर्भर है। 
    मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने मजदूरों ने मंडी प्रांगण से रैली निकालकर शहर के इंदिरा नगर, दुर्गा चौक, मानव मंदिर चौक होते हुए इमाम चौक से जिला कार्यालय तक पहुंची। 

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  • किसान आंदोलन के केंद्र रहे नांदगांव में ऐतिहासिक भीड़ से सीएम गदगद
    प्रदीप मेश्राम
    राजनांदगांव, 11 सितंबर(छत्तीसगढ़)। किसान आंदोलन के केंद्र रहे राजनांदगांव में बोनस ऐलान के बाद तेजी से राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। लंबे समय से अपनी मांग के लिए आंदोलनरत किसान के साथ सरकार के तीसरी कार्यकाल में रिश्ते कटुवाहट भरे रहे हैं। बोनस ऐलान के बाद से किसान और सरकार के तल्ख रिश्तों में मिठास भर आई है। बोनस देने के निर्णय के बाद अपने विधानसभा राजनांदगांव में किसानों के अभिनंदन कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और भाजपा की खुशी ठिकाना नहीं रहा। मुख्यमंत्री कल किसानों की भारी-भरकम मौजूदगी को लेकर गद्गद नजर आए। राज्य सरकार की तीसरी पारी में किसान के साथ संबंध तनावपूर्ण भरे रहे हैं। तीसरे कार्यकाल में राजनांदगांव किसान आंदोलन के लिए सुर्खियों में रहा। 
    बोनस देने के निर्णय के बाद किसानों का रूख सरकार के प्रति नरम होता दिख रहा है। राजनीतिक रूप से किसानों को मनाने के लिए सरकार की कोशिशें कई बार हुई लेकिन मांगों के एवज में ही चर्चा करने किसान अडिग रहे। बताया जाता है कि बोनस देने के निर्णय को सरकार ने सोच-समझकर लिया है। बताया जाता है कि किसानों से सरकार बैर लेने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे समय में जब सरकार की पूरी टीम कुछ महीनों बाद चुनावी वर्ष में जाने की तैयारी में है तब तो किसानों को मनाने  पर प्रशासनिक मशीनरी का पूरा ध्यान है। सरकार चुनाव से पहले बोनस समेत अन्य मांगों के जरिए किसानों को अपने पाले में करने के लिए अब देरी करना नही चाह रही है। बताया जाता है कि किसानों को सरकार के साथ रखने के लिए संगठन स्तर पर  भी चर्चा हुई है। पार्टी नेतृत्व भी सरकार से बोनस देने पर जोर दे रही थी। 
    राजनांदगांव में मुख्यमंत्री को किसान अभिनंदन कार्यक्रम में लाकर पार्टी ने प्रत्यक्ष तौर यह जाहिर कर दिया कि किसानहित में सरकार संवेदनशील है। कल हुए कार्यक्रम में  भीड़ ने सरकार के कदम को लेकर एक तरह से अपनी सहमति दी है। बताया जाता है कि संगठन स्तर पर किसानों की अपेक्षा से अधिक मौजूदगी को सरकार के पक्ष में होने का दावा किया जा रहा है। किसान वर्ग में नए सिरे से पैठ बनाने के लिए बोनस को सरकार एक शस्त्र भी मान रही है। हालांकि सरकार के पास चुनाव के लिए अभी एक साल का वक्त है। ऐसे में रिश्तों को सुधारने की कोशिश में सरकार को अभी लंबा सफर तय करना पड़ेगा।
    जज्बा रहा देखने लायक- संतोष अग्रवाल
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने एक बार फिर किसानों के प्रति अपनी संवेदनशीलता को लेकर उदारता दिखाई है। कल हुए कार्यक्रम में किसान और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं का जज्बा देखने लायक रहा। जिला स्तर पर मुख्यमंत्री के लिए पहली बार इतना व्यापक कार्यक्रम नही हुआ। सरकार के बोनस देने के निर्णय को लेकर उत्साह का माहौल है। आगे भी सरकार किसानो के उन्नति के लिए कदम उठाएगीं।
    वक्त आने पर किसान सिखाएगें सबक-जितेन्द्र मुदलियार
    कल हुआ कार्यक्रम खुलेआम किसानों को ठगने के उद्वेश्य को लेकर किया गया था। किसान अपने साथ हुए धोखे को लेकर सही वक्त का इंतजार कर रहे हंै। सरकार को सबक सिखाने किसान तैयार बैठे हुए हंै। इस सरकार ने तीसरी बार सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि शासन में आने के दूसरे दिन से ही बोनस और 21 सौ रूपये समर्थन मूल्य पर भुगतान होगा। सरकार के पास किसानों के लिए स्पष्ट नीति भी नहीं है। कल के कार्यक्रम को लेकर किसान पूरी तरह से नाराज भी हंै।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    राजनांदगांव, 10 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भाजपा हमेशा किसानों की चिंता करती हैं। जब-जब किसान परेशान हुआ है, पार्टी साथ खड़ी रही है। सूखे की स्थिति आई तो करोड़ों का पैकेज दिया। उन्होंने कहा कि इस बार दीपावली के पहले हर किसान के चेहरे में खुशी आएगी और उनके खाते में बोनस राशि जमा किए जाएंगे। 
    मुख्यमंत्री ने किसान मेला सह-प्रदर्शनी के मौके पर आयोजित सम्मेलन में उन्होंने भारी संख्या में किसानों की मौजूदगी पर कहा कि इतना उत्साह पहले कभी नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि वे किसानों के अभिनंदन को प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पूछते है कि भाजपा सरकार ने किसानों के लिए क्या किया? उन्होंने कहा कि वर्ष-13-14 में किसानों को 2374 करोड़ रूपए के बोनस दिए गए थे। 
    वर्ष-15 में सूखे की स्थिति आई तो बिल माफ करने के अलावा सैकड़ों करोड़ के पैकेज दिए गए।  सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों ने देश में अपनी ताकत दिखाई है और सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है। 
    किसानों के बहुप्रतीक्षित बोनस की मांग को पूरा करने के बाद  सूबे के मुखिया डॉ. रमन सिंह की राजनांदगांव स्थित नवीन कृषि उपज मंडी में आज अभिनंदन समारोह में किसानों की उमड़ी भीड़ देखने लायक रही।  सरकार ने किसानों को दो साल का बोनस देने का ऐलान कर एक बड़ा निर्णय लिया है। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

     राजनांदगांव, 10 सितंबर। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शराब तस्कर करने और अवैध शराब बिक्री करने के मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की है। वहीं एक अन्य आरोपी फरार है।
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अनुविभागीय अधिकारी खैरागढ़ पुष्पेन्द्र नायक के नेतृत्व में क्राईम ब्रांच, थाना खैरागढ़ एवं घुमका की संयुक्त टीम को 9 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली कि शराब तस्कर प्रवीण राजपूत द्वारा सिंगारपुर में एक गंग बनाकर अवैध शराब मध्यप्रदेश के धार जिले से लेकर जिले में बिक्री कर रहा है। इस सूचना पर संयुक्त टीम द्वारा थाना खैरागढ़ के ग्राम सिंगारपुर, तुलसीपुर एवं घुमका के ग्राम पटेवा, कजरी में नाकाबंदी प्वाईट लगाकर वाहनों की चेकिंग की गई। इसी दौरान एक काले रंग की कार क्रमांक सीजी-07-एम-3980 को ठेलकाडीह में महरूम रोड़ पर रोका गया। उक्त वाहन चालक प्रवीण राजपूत पिता पुरूषोत्तम राजपूत 26 साल निवासी सिंगारपुर द्वारा वाहन को न रोककर अस्थाई रूप से रखे बेरियर को तोड़कर भागने लगा। नाकेबंदी में लगी टीम द्वारा सूचना देकर घेराबंदी कर रोका और वाहन चालक प्रवीण गाड़ी को रोकते ही कूदकर भाग गया।
    पुलिस ने बताया कि वाहन में बैठे आरोपी की पत्नी खुशी लहरे 23 साल निवासी सिंगारपुर एवं मामा संतोष सिंह 36 वर्ष निवासी सिंगारपुर को पकड़ा गया। वाहन की चेकिंग के दौरान सीट के पीछे अंग्रेजी शराब गोवा 8 पेटी रखा मिला। आरोपी प्रवीण द्वारा  पुलिस को शंका न हो इसलिए अपनी पत्नी खुशी एवं मामा संतोष को बिठाकर शराब की तस्करी कर रहा था। पूछताछ में आरोपियों द्वारा उक्त शराब को मध्यप्रदेश के धार से लाना बताया। इसी कड़ी में थाना घुमका में ढ़ाबा संचालक आरोपी प्रवीण पाल 21 साल निवासी सहसपुर दल्ली के ढ़ाबे में रेड़ कार्रवाई किया गया। आरोपी से 2 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त कर गिरफ्तार किया गया। इसी तरह ठेलकाडीह सिंगारपुर में एक अन्य मुख्य तस्कर का साथी रघुवीर पिता घसिया 45 साल निवासी शिकारीटज्ञेला को पकडा गया। उसके पास से भी शराब की 02 पेटी जब्त की गई। (बाकी पेज 8 पर)
    पुलिस ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में कुल 4 आरोपी खुशी लहरे 23 साल निवासी सिंगारपुर, संतोष सिंह 36 साल निवासी सिंगारपुर, प्रवीण पाल 21 साल निवासी सहसपुर दल्ली एवं रघुवीर 45 साल निवासी शिकारीटोला को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से कुल 12 पेटी शराब कीमती 40 हजार रुपए व शराब बिक्री की राशि 7200 रुपए एवं शराब तस्करी में प्रयुक्त कार जब्त की गई। आरोपियों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत थाना खैरागढ़ एवं घुमका में कार्रवाई की गई। तस्करी में प्रयक्त कार की राजसात करने हेतु प्रकिया प्रारंभ की जाएगी। आरोपियों से जो शराब जब्त की गई, वह केवल मध्यप्रदेश में ही बिक्री किया जाना था, किन्तु मप्र की शराब को छग में लाकर बिक्री करने पर पृथक से आबकारी एक्ट की विभिन्न धाराएं जोड़ी गई।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 8 सितंबर। शहर से सटे ग्राम पंचायत कांकेतरा के एक पंच ने पत्नी समेत अपने घर पर शुक्रवार तड़के फांसी लगा ली। बताया जाता है कि पति-पत्नी के बीच दो दिन पहले घरेलू विवाद भी हुआ था। 
    लालबाग पुलिस ने बताया कि अजय वैष्णव (45 साल) और कुमारी वैष्णव (40 वर्ष) का शव आज घर में फांसी पर लटका  पाया गया। मृतक अजय ग्राम पंचायत का पंच भी है। पुलिस ने मृतक के बेटे के हवाले से बताया कि दो दिन पहले किसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद भी हुआ था। पत्नी के साथ हुए झगड़े के बाद 'हमर छत्तीसगढ़Ó योजना के तहत सरपंच के साथ  बीती रात  राजधानी का भ्रमण कर देर रात लौटा था।  पुलिस को आशंका है कि दोनों के बीच कल रात दोबारा कहासुनी हुई। इसके बाद दोनों ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।  

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 7 सितंबर। नई दिल्ली में गत् दिनों देश के केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुए 10वें विश्व ग्लोबल कृषि लीडरशिप अवार्ड 2017 में छत्तीसगढ़ राज्य व देश के अग्रणी कृषि आधारित उद्योग समूह के प्रबंध संचालक बहादुर अली को एग्री बिजीनेस लीडरशिप अवार्ड हेतु नामीनेशन मिला है, जो देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य व राजनांदगांव जिले के लिए अत्यंत गौरव की बात है। 
    श्री अली को इस अवसर पर आईसीएफए में 20 वर्षों के लिए विशेष रूप से लाईफ  टाईम मेम्बरशिप भी प्रदान कर सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर यूएसएए नाईजीरिया, पर्थ, वाशिंगटन डीसी, बास्टन, कैलीफोनिया आदि देशों व भारत के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि मंडल प्रमुख कार्पोरेट जगत के सीईओ व सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हुए।
    बहादुर अली ने उद्योग के क्षेत्र में कदम रखते कृषि आधारित उद्योग की सोच रखते हुए उद्योगों के साथ-साथ किसानों को भी जोड़कर अपने प्रदेश के किसानों को हमेशा बढ़ाने का प्रयास किया है। आज इनका ही परिणाम है कि हजारों किसान व फार्मर को जोड़कर इन्होंने आज विशाल प्रोटीनयुक्त फूड इंडस्ट्रीज संचालित करते लगभग दस हजार से ऊपर लोगों को सीधे तौर पर रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। इनकी इसी गांव-ग्रामीण व किसानों के प्रति लगाव के साथ इनके विकास के लिए प्रतिबद्ध समर्पण भावना को समझते हुए इन्हें सम्मानित करते हुए प्रोत्साहित करते हुए डॉ. स्वामीनाथन ट्रस्ट द्वारा एग्री बिजीनेस लीडरशिप अवार्ड 2017 प्रदत्त कर सम्मानित किया जा रहा है, जो हमारे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

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  • अंबागढ़ चौकी इलाके में चला रहे थे...
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 3 सितंबर। जिले के अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 50 हजार के नकली नोट के साथ आधा दर्जन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लंबे समय से सभी आरोपी अंबागढ़ चौकी, चिल्हाटी एवं चिचोला इलाके में नकली नोटों से  कारोबार कर रहे थे। कुछ दिन पहले आरोपियों में से एक ने देना बैंक में अपने बेटे के खाते में जाली नोट जमा करने की कोशिश भी की। इसके बाद मामले का  खुलासा हुआ। 
    आज  एसपी प्रशांत अग्रवाल ने पत्रकारवार्ता में  बताया कि अं. चौकी के देना बैंक में अनार सिन्हा नामक व्यक्ति सौ-सौ रुपये के करीब 11 हजार 300 रुपये के जाली नोट जमा करने पहुंचा। कैशियर को नकली नोट होने की शंका हुई। तत्काल उसने बैंक मैनेजर को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस तक मामला पहुंचा। 
    शुरूआती छानबीन में पुलिस ने जाली  नोट के प्रकरण में अनार सिन्हा को हिरासत में लिया। उसके पास से सौ-सौ रुपये के 10 हजार जाली नोट भी जब्त किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पेंदलकोही गांव के धर्मेन्द्र और उसके पिता नोहर से उसे नकली नोट मिला है। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर धर्मेन्द्र और नोहर की खोजबीन की। जिसमें नोहर घर में ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया। धर्मेन्द्र मौका पाकर फरार हो गया। 
    नोहर के बताए आधार पर पुलिस का कहना है कि बाजार में बाप-बेटे ने 65 हजार रुपये के नकली नोट को खपाया है। कुछ दिन पहले उसे विक्रम नामक व्यक्ति से 40 हजार रुपये के जाली नोट मिले थे। जिसमें अनार सिन्हा को  35 हजार रुपये के जाली नोट दिए गए। जबकि 5 हजार के नकली नोट को घर में नोहर ने छिपाकर रखा था। जिसे पुलिस ने बरामद किया है। 
    नोहर ने पुलिस को बताया कि विक्रम नकली नोट का मुख्य सप्लायर है। जिसके आधार पर पुलिस ने विक्रम को सोते हालत में घर से हिरासत में लिया। विक्रम ने बताया कि उसके साढू अगमदास चतुर्वेदी ने नकली नोट मुहैया कराया था। पुलिस ने अगम के पास से भी 1700 के नकली नोट जब्त किए हैं। अगम ने जानकारी में बताया कि उसके जीजा गणेश द्वारा नकली नोट उस तक पहुंची। बाद में गणेश ने भी पुलिस को  मुख्य आरोपी राजेन्द्र टंडन के नाम का खुलासा किया। जिसमें पता चला कि टेकाहरदी निवासी राजेन्द्र टंडन घर में नकली नोट छापने का काम करता था। 
    पुलिस ने छापामार कर टंडन के यहां से एचपी कलर प्रिंटर, कैंची, रबर पैकेट, सौ-सौ के नकली नोट के कुल 11 हजार रुपये बरामद किए। कुल मिलाकर पुलिस ने मामले में 6 लोगों को हिरासत में लेते 50 हजार के नकली नोट जब्त किए हैं।

     

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  • मुखबिरी का शक 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 2 सितंबर। मानपुर क्षेत्र में लंबी चुप्पी तोडऩे नक्सलियों ने एक बार फिर मुखबिरी के शक में एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मारे गए युवक का पुलिस से कभी भी संबंध नहीं रहा। जबकि नक्सलियों ने हत्या के पीछे पुलिस को सूचना देने को आधार बताया है। खबर है कि युवक नक्सलियों की हिटलिस्ट में था। 
    नक्सलियों ने कल दोपहर बाद पवनदिहारी नामक एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जाता है कि नक्सलियों ने घात लगाकर युवक को मौत के घाट उतारा। वह अस्थाई रूप से राजकट्टा गांव में रहता था। उसका मूल निवास बाघडोंगरी था। नक्सलियों ने पवन को बाघडोंगरी से लौटने के दौरान ही अपनी गोली का शिकार बनाया। बताया जाता है कि मृतक जब अपने घर बाघडोंगरी गया तो परिवार के सारे सदस्य खेत गए थे। इसके बाद वह भी खेत में पहुंच गया। पवन के आने की भनक नक्सलियों लग गई। थोड़ी ही देर में पवन को नक्सली खेत से अपने साथ उठाकर ले गए। 
      गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण दहल गए। मौके पर जाकर देखा तो पवन की लाश पड़ी थी। बताया जाता है कि पवन की आवाजाही पर नक्सली निगाह रखे हुए थे। पुलिस को आशंका है कि मृतक के गांव में आने की खबर को किसी ग्रामीण ने नक्सलियों तक पहुुंचाया है। इस बीच मानपुर क्षेत्र में इस वारदात के जरिए नक्सलियों ने अपनी लंबी चुप्पी को तोड़ा है। इस घटना से वनांचल में दहशत की स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस के सामने एक बार फिर ग्रामीणों की सुरक्षा को पुख्ता बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 28 अगस्त। जिलेभर के हजारों किसानों ने सोमवार को एक बार फिर  अपनी मांगों को संवैधानिक हक बताते हुए बोनस, बीमा व जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग की। सरकार के खिलाफ किसानों का आक्रोश देखते हुए पुलिस की तगड़ी सुरक्षा थी। वहीं कलेक्टर भीम सिंह किसानों के आंदोलन को लेकर लगातार नजर रखे हुए हैं। राजनांदगांव में सूखे की मौजूदा हालत को देखते हुए  किसानों ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों की भी आलोचना की। 
    जिला किसान संघ के नेतृत्व में हुए इस धरना में जिलेभर के हजारों किसान अलग-अलग क्षेत्र से पहुंचे। सरकार के विरोध में जुटे किसानों ने अपनी मौजूदा हालत को लेकर काफी चिंता जताई। वहीं राजनीतिक दलों से भी किसानों ने मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन भाजपा-कांग्रेस के प्रमुख नेता धरना से दूर रहे। कलेक्टोरेट परिसर के ठीक सामने हुए धरना में किसान नेताओं ने सरकार से 300 रुपये बोनस, बीमा राशि का भुगतान तथा जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की आवाज उठाई। 
      किसान  लगातार अपनी हालत को लेकर सरकार से लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार का ध्यान इस वर्ग के लिए नहीं है। वहीं जो नीतियां बनाई गई है वह पूरी तरह से असफल साबित हुई है। पिछले कुछ दिनों से किसानों का आंदोलन लगातार चरणबद्ध तरीके से होता रहा है।  कल भी खैरागढ़ इलाके में किसानों ने सरकार को घेरने के लिए  प्रदर्शन किया था। 
    स्थानीय कलेक्टोरेट के परिसर के सामने जुटे किसानों  में महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल थे। साथ ही उम्रदराज किसान भी धरने में शामिल होने के लिए पहुंचे। बताया गया है कि आज हुए प्रदर्शन में जुटे किसानों की खासी तादाद को लेकर राज्य सरकार को प्रशासन के जरिए रिपोर्ट भी गई है। वहीं मांग पूरा नहीं होने पर किसानों का आंदोलन और भी तेज हो सकता है। फिलहाल प्रशासन के अधिकारी धरने को लेकर रिपोर्ट जुटा रहे हैं और मिनट-टू-मिनट सरकार को जानकारी दे रहे हैं। बैठक में पुलिस जवानों की मोर्चाबंदी के साथ-साथ तहसीलदार स्तर के अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
    दोपहर तक जिलेभर से पहुंचते रहे किसान
    अपराहन्ह 12 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जिलेभर के अलग-अलग ब्लॉक के किसान निजी वाहनों के अलावा अपने साधनों से पहुंचते रहे। कलेक्टोरेट परिसर को धरने की वजह से छावनी में बदल दिया गया। शीर्ष पुलिस अधिकारियों को किसानों के आंदोलन में महती जवाबदारी दी गई। वहीं एसडीएम, तहसीलदार समेत अन्य दंडाधिकारी को भी आंदोलन पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 26 अगस्त। कार और मोटरसाइकिल के बीच जबर्दस्त दुर्घटना होने से दो लोगों को गंभीर चोट आई है, जिसे हाईवे पेट्रोलिंग द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय राजनांदगांव भिजवाया गया। वहीं ग्राम कोहका के पास एक अन्य वाहन खराब होने से हाईवे पेट्रोलिंग द्वारा मदद कर उसे गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
     तुमड़ीबोड के पास गुरूद्वारा के सामने 25 अगस्त को कार एवं मोटरसाइकिल के बीच जबर्दस्त दुर्घटना होने से मोटर साइकिल में सवार दो व्यक्ति लोकेश एवं पारस निवासी ग्राम तिलईरवार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसे हाईवे पेट्रोलिंग क्र. दो की मदद से प्राथमिक उपचार किया गया। तत्पश्चात परिजनों को सूचित कर उचित इलाज के लिए जिला चिकित्सालय राजनांदगांव ले जाया गया।
    इसी क्रम में विशाल कटरे अपनी टाटा इंडिगो कार एमपी-50-सी-1210 में रायपुर से बालाघाट जा रहे थे। ग्राम कोहका के पास कार खराब हो जाने से परेशान हालत में खड़े थे। हाईवे पेट्रोलिंग क्र. 2 की मदद से तुरंत मैकेनिक बुलाकर कार की मरम्मत कराया गया। तत्पश्चात कार को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इसी तरह हाईवे पेट्रोलिंग क्र. एक बागनदी से चिचोला एवं हाईवे पेट्रोलिंग क्र. तीन भानपुरी से अंजोरा बायपास द्वारा अपने-अपने हाईवे खंड क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग किए।

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 25 अगस्त। शहर के नामी चिकित्सक डॉ. विमल खूंटे से  सीबीआई अफसर बनकर आए चार युवकों ने झांसा देकर साढ़े तीन लाख रुपये ऐंठ लिए। चार आरोपियों से खुद को सीबीआई अफसर बताकर डॉ. खूंटे से विभागीय शिकायत होने पर कार्रवाई करने की धमकी दी। बाद में चारो ने मामले को रफा-दफा करने के लिए  रुपये मांगे। पहली किस्त के रूप में आरोपियों ने एक लाख रूपए लिए। इसके बाद भी  रुपये लेने का सिलसिला चलता रहा। ठगी का अहसास होने के बाद चिकित्सक ने मामले की बसंतपुर पुलिस में लिखित में शिकायत दर्ज की। 
    बताया जाता है कि हुलिए के आधार पर सभी शीर्ष अफसरों जैसा व्यवहार कर रहे थे। घटना 17 जुलाई की है। उक्त तारीख को चार युवक सीबीआई अफसर बनकर डॉ. खूंटे के पास पहुंचे। सभी ने विभागीय शिकायत का भय दिखाते मामले को दबाने के लिए  रुपये मांगे। इसके बाद उसी दिन एक लाख रूपए लेकर चले गए। आरोपी दोबारा जुलाई के आखिरी महीने में पहुंचे और डेढ़ लाख  रुपये लिए। इस महीने 5 अगस्त को फिर एक लाख  रुपये लेकर फरार हो गए। बताया जाता है कि आरोपियों के बार-बार आकर  रुपये लेने के बाद डाक्टर को शक हुआ। इस तरह तथाकथित  सीबीआई अफसरों ने चिकित्सक से कुल साढ़े तीन लाख  रुपये लिए। अपने साथ हुए धोखाधड़ी की शिकायत करते चिकित्सक ने पुलिस ने न्याय की गुहार लगाई है। 
    इधर चिकित्सा जगत में नामी डाक्टर होने की वजह से सरकारी और गैर सरकारी चिकित्सकों में घटना से सनसनी फैल गई है।
    इस संबंध में चिकित्सक डॉ. खूंटे ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि पुलिस शिकायत के बाद जांच कर रही है। इधर सीबीआई अफसर बनकर आए युवकों के संबंध में चिकित्सक ने पुलिस को पूरी जानकारी देने के अलावा हुलिया भी बताया है। चिकित्सक के बयान के आधार पर पुलिस आरोपियों की खोजबीन कर रही है। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 20 अगस्त। रविवार सुबह नेशनल हाईवे सोमनी थानांतर्गत टेडेसरा के समीप एक ढाबा के पास दुर्ग से राजनांदगांव की ओर आ रही एक यात्री बस आगे चल रही ट्रक में जा घुसी। जिससे बस ड्राईवर समेत दर्जनभर यात्रियों को चोटें आई हंै। घायल यात्रियों को तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया, वहीं ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। 
    सोमनी थाना के प्रधान आरक्षक देवकुमार रावटे के अनुसार रविवार सुबह लगभग 10 से 10.30 बजे के आसपास दुर्ग से राजनांदगांव की ओर आ रही यात्री बस सामने चल रही ट्रक से जा टकरा गई। तेज रफ्तार से चल रही यात्री बस के सामने हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे बस ड्राईवर के सिर व पैर में गंभीर चोट आई है। इसके अलावा लगभग 10 से 12 यात्रियों को भी अस्पताल भिजवाया गया है। सोमनी पुलिस ने मामले को जांच में लेकर कार्रवाई में जुटी हुई है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 18 अगस्त। वनांचल पैलीमेटा में शुक्रवार को विद्युत विभाग के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़क पर चक्काजाम के रूप में सामने आया।  क्षेत्र के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण आज सुबह प्रदर्शन करने पहुंचे। वे पहले कई बार  लो-वोल्टेज और बेसमय विद्युत कटौती को लेकर प्रशासन से शिकायत भी कर चुके हैं। 
    विद्युत विभाग तकनीकी कारणों का हवाला देकर विद्युत सप्लाई बेहतर बनाने में नाकाम रहा। बारिश के मौसम में विद्युत सेवा चरमराने से नाराज होकर आज हजारो ग्रामीण पैलीमेेटा में आंदोलन के लिए जुटे। प्रदर्शन की वजह से नर्मदा-साल्हेवारा मार्ग में यातायात सेवा बिगड़ गई। बस सवार लोगों को  सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।  प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिजली की कमी से लोगो की दिनचर्या बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
     इस संबंध में मुख्य अभियंता संजय पटेल ने कहा कि पैलीमेटा में एक सब विद्युत केंद्र की स्थापना का काम अंतिम दौर में है। फिलहाल गंडई से विद्युत सप्लाई होने के कारण लो-वोल्टेज की समस्या आ रही है। इधर आंदोलन की वजह से राजनांदगांव से अतिरिक्त फोर्स को सुरक्षा में तैनात किया गया। बताया जाता है कि डोंगरगढ़, खैरागढ़, छुईखदान समेत करीब आधा दर्जन थानों के प्रभारियों को जहां शांति-व्यवस्था के लिए भेजा गया था वही जवानों को भी आसपास मुस्तैद किया गया था।

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  • कलेक्टर को नजरी रिपोर्ट पेश
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 12 अगस्त। जिले के 9 में से सात ब्लॉक में सूखे को लेकर आई प्रशासन की रिपोर्ट से लोगों की नींद उड़ गई है। अल्प वर्षा की वजह से बने हालात की जानकारी लेने कलेक्टर के आदेश के बाद शुरू हुए नजरी आंकलन रिपोर्ट में 5 को सर्वाधिक और दो ब्लॉक को आंशिक रूप से सूखाग्रस्त माना गया है। जबकि मानपुर एवं अंबागढ़ चौकी अच्छी बरसात की वजह से सूखे की मार से बच गए। बताया जाता है कि राजनांदगांव, मोहला, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ व छुरिया के ज्यादातर गांव में धान की फसल चौपट हो गई है। जबकि खैरागढ़ और छुईखदान ब्लॉक में सूखे का आंशिक असर  है।
     बताया जाता है कि सावन के बाद अब भादो का पहला सप्ताह भी सूखा बीत गया है। आमतौर पर बरसात के लिए सावन मास में सर्वाधिक अनुकूल स्थिति होती है वही भादो भी बरसात के लिहाज से बेहतर होता है। जबकि सावन का पूरा महीना गर्मी और उमस से बीत गया। आषाढ़ के शुरूआत में हुई अच्छी बरसात पर भरोसा कर किसानो से धान की फसल बोया। इसके बाद मानसून के दगा देने से फसलें चौपट होने लगी हंै। आलम यह है कि ज्यादातर खेतों के फसल पीले होकर सूखने लगे है। 
     राजस्व अमले ने जमीनी स्तर पर सूखे को लेकर रिपोर्ट तैयार की। जिसमें पाया गया है कि छुरिया के 222, मोहला के 170, राजनांदगांव के 170, डोंगरगढ़ के 86 तथा डोंगरगांव के 98 गांव में फसल सूख चुकी है। इस खबर के बाद प्रशासन ने जिले को सूखाग्रस्त करने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जाता है कि धान के फसल के नष्ट होने की वजह से किसानों में मायूसी छा गई है। प्रशासन की नजरी आंकलन के पहले रिपोर्ट में 25 पैसे कम की स्थिति में 382 गांव है। वहीं 26 से 37 पैसे में 320 गांव, 38 से 50 पैसे से कम के आंकलन में 326 और 50 पैसे से अधिक  के आनावरी रिपोर्ट में 326 गांव शामिल है। इस तरह जिले के कुल 750 गांव में सूख से प्रभावित होने के हालात बन रहे है। 
    बताया जाता है कि प्रशासन के सामने अब रोजाना चौपट होती फसल को बचाने के लिए किसान शासकीय दफ्तरों तक दौड़ लगा रहे है। जबकि किसानो को कम बारिश की वजह से अब रबी की फसलों से भी लाभ मिलने की उम्मीद नही है। रबी की फसल से पहले खरीफ फसल को बचाने के लिए खाली पड़े बांध-जलाशय भी मदद करने की स्थिति में नही है। बात साफ है कि अल्पवर्षा की वजह से पेयजल और निस्तारी संकट भी अगले कुछ दिनो में लोगो पर भारी पड़ेगा।

     खेत चराने पर नहीं मिलेगी क्षतिपूर्ति
    जिले के जिन किसानों ने अपनी फसलों का चालू खरीफ मौसम में बीमा कराया है, कृषि विभाग ने उन्हें कम वर्षा अन्य कारणों से फसल प्रभावित होने के बावजूद भी फसल की जानवरों से चराई नहीं कराने की सलाह दी है। बीमित फसल को खराब होने पर जानवरों को खिला देने से ऐसे किसान फसल बीमा के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि से वंचित हो सकते हैं।
     कृषि विभाग ने पिछले दिनों कुछ अखबारों में प्रकाशित ऐसे चित्रों और खबरों को गंभीरता से लेते किसानों को सलाह दी है कि फसल बीमा का लाभ लेने के लिए किसान अपनी फसलों को किसी भी स्थिति में जानवरों से ना चराए। कलेक्टर ने भी किसानों को अल्प वर्षा के कारण खराब हो रही फसलों से किसानों को होने वाले नुकसान से चिंतित होकर यह अपील जारी की गई है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित फसलों के लिए किसानों को पर्याप्त क्षतिपूर्ति राशि मिलेगी। किसान केवल अपनी फसलों को जानवरों से चराकर या अन्य किसी तरीके से खेतों से खत्म न करें।

     

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  • एसआई वर्मा व सिपाही कृष को अंतिम सलामी देते नहीं थमे आंसू

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 7 अगस्त। नक्सल मोर्चे में शहीद एसआई युगल किशोर वर्मा और सिपाही कृष साहू को अंतिम सलामी देने पहुंचे लोगों की आंखों के आंसू  थम नहीं रहे थे।  सोमवार को स्थानीय पुलिस लाईन में आखिरी बिदाई देने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। 
    कल गातापार के भावे जंगल में नक्सल कैंप चलाने की सूचना की खबर के बाद एसआई वर्मा अन्य जवानों के साथ घटनास्थल में पहुंचे थे। बताया जाता है कि गश्तीदल को आते देख नक्सलियों ने   फायरिंग शुरू कर दी जिससे वर्मा और कृष को गोली लगी।  देर शाम  दोनों का शव राजनांदगांव लाया गया।  घटना की खबर सुनकर अफसर और परिवार के लोग सदमे में डूब गए।
     इधर आज सुबह  दोनों के शव  अंतिम दर्शन के लिए पुलिस लाईन में रखा गया। शहीद होने की सूचना मिलने के बाद एसआई और जवान के परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एसआई की पत्नी और मां की हालत सबसे खराब थी। 
    वहीं आरक्षक कृष की पत्नी व बच्चे भी सदमे में थे। महकमें की ओर से दोनो परिवार को ढांढस बंधाया गया। इसके बाद श्रद्धांजलि देने आईजी दीपांशु काबरा, कलेक्टर भीमसिंह, एसपी प्रशांत अग्रवाल, अपर कलेक्टर केके धु्रव, एएसपी राजेश अग्रवाल, एएसपी प्रफुल्ल ठाकुर, एएसपी नक्सल ऑपरेशन वाईपी सिंह, एएसपी मानपुर कीर्तन राठौर, एएसपी प्रज्ञा मेश्राम, सीएसपी सचिनदेव शुक्ला, डीएसपी यातायात एसएस चंद्रा समेत अन्य पुलिस कर्मी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    गिनती के ही नेता पहुंचे श्रद्धांजलि देने
     आज जवानो को अंतिम विदाई देने जहां आम लोग स्वस्फूर्त पहुंचे वहीं कांग्रेस-भाजपा समेत अन्य पार्टियों  के नेता नाममात्र के थे।  इसे  लेकर आम लोगों में काफी नाराजगी दिखी। हालांकि भाजपा की ओर से गिनती के नेताओं ने ही अपनी उपस्थित दर्ज कराई जिसमें पूर्व मंत्री लीलाराम भोजवानी, जिलाध्यक्ष संतोष अग्रवाल, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी और छत्तीसगढ़ राज्य अंत्याव्यासायी निगम के सदस्य पवन मेश्राम शामिल थे। पुलिस महकमें में भी नेताओं की बेरूखी को लेकर चर्चा व्याप्त रही।

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  •  तीन टाटानगर तो एक आरोपी डोंगरगढ़ में पकड़ाया
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 05 अगस्त। बीते 30 जुलाई को सोमनी के नवागांव स्थित एक ज्वेलर्स से दिनदहाड़े आभूषणों की उठाईगिरी करने वाले आरोपियों का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। घटना को चार युवको ने अंजाम दिया था जिसमें तीन को टाटानगर और एक आरोपी को डोंगरगढ़ से हिरासत में लिया है। सप्ताहभर पूर्व हुए इस घटना के खुलासे में सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। कल पत्रकारवार्ता में एसपी प्रशांत अग्रवाल और एएसपी राजेश अग्रवाल ने घटना के संबंध में बताया कि नवागांव स्थित राजेश्वरी ज्लेवर्स में दो युवको ने मोटरसाईकिल में पहुंचकर उठाईगिरी की।
     घटना से पूर्व आरोपियों ने दुकान की रैकी भी की थी। इसके बाद 30 जुलाई को आरोपियों ने आसानी से उठाईगिरी को अंजाम दिया। जांच करते क्राईम ब्रांच ने टेड़ेसरा के रास्ते केे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान की। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस ने वाट्सअप और फेसबुक में भी संदिग्ध युवको की तस्वीर को अपलोड़ किया। जांच में पुलिस को पता चला कि फुटेज में दिखे युवक तरूण उर्फ पन्नू तथा सुनील साहू है। इसके बाद एक आरोपी सुनील साहू को डोंगरगढ़ से हिरासत में लिया। सुनील के हवाले से मिली जानकारी के जरिए पुलिस ने टाटानगर में छिपे तरूण सहित लक्ष्मण साहू एवं प्रीतम ठाकुर को पकड़ा। आरोपियों ने पूर्व में 7 जगह किए लूट एवं उठाईगिरी की घटना में शामिल होने की बात भी स्वीकार की है। पत्रकारवार्ता में अंबागढ़ चौकी एसडीओपी अभिषेक माहेश्वरी, क्राईम ब्रांच प्रभारी केएमएस खान और सोमनी थाना प्रभारी संजय पुंढीर भी मौजूद थे।

     

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  • 36 मोटर साइकिल बरामद, 14 खरीददार भी हिरासत में
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव,  3 अगस्त। बालाघाट पुलिस ने अंतर्राज्यीय मोटर साइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश करते गिरफ्तार किया है। साथ ही चोरी के मोटर साइकिल खरीदी करने वालों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने चोरी की हुई 36 मोटर साइकिल जिसकी कीमत 21 लाख रुपए को बरामद किया है।
    बालाघाट पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बालाघाट पुलिस ने महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के कई जिलों में गत् दो वर्षों से सक्रिय मोटर साइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। मोटर साइकिल चोरी की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम के लिए जी. जनार्दन अति. पुलिस महानिदेशक एवं नवागत उप निरीक्षक श्री इरशादवली के मार्गदर्शन में एवं पुलिस अधीक्षक बालाघाट अमित सांघी, अति. पुलिस अधीक्षक बालाघाट आकाश भूरिया के निर्देशन में चोरी संबंधी प्रकरणों में आरोपी की तलाश पतासाजी के लिए जिले के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया था।
    पुलिस ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी पुलिस लांजी प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में थाना प्रभारी किरनापुर एवं टीम द्वारा उक्त संबंध में अंतर्राज्यीय मोटर साइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश करते महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश राज्य से कुल 36 मोटर साइकिल जुमला कीमती 21 लाख रुपए बरामद करने में सफलता प्राप्त की। प्रकरण से संबंधित अब तक मुख्य आरोपियान देवेन्द्र खजरे, युवराज खजरे, जितेन्द्र लिल्हारे, शुभम बागे सभी निवासी ग्राम धड़ी थाना किरनापुर, कृष्णा उर्फ नानू एवं चंद्रकिशोर पांचे दोनों निवासी जिला गोंदिया को गिरफ्तार किया गया है। 
    पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों द्वारा संगठित रूप से फिराक लगाकर मोटर साइकिलें चोरी की जाती थी एवं फिर इन्हें बाजार में बेच दिया जाता था। जब्तशुद्धा मोटर साइकिलों से कई जिलों की चोरियां खुलने का अंदाजा लगाया जा रहा है। मुख्य आरोपियों का माननीय न्यायालय से पुलिस रिमांड प्राप्त की जा रही है। जिससे अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा सके। थाना किरनापुर में उक्त चोरी की मोटर साइकिलें बरामद करने   प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में 14 खरीददारों से भी मोटर साइकिल बरामद कर हिरासत में लिया गया है। 

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