खेल

  • जीती तो दूसरी बार फाइनल में पहुंचेगी
    डर्बी: आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम आईसीसी महिला वर्ल्‍डकप के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उतरेगी तो उसके इरादे छह बार की चैंपियन को हराकर खिताब की ओर अगला कदम रखने के होंगे. भारत का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब रिकॉर्ड रहा है और 42 में से 34 मैचों में उसे पराजय झेलनी पड़ी है. मिताली राज की अगुवाई वाली टीम हालांकि कल उस हार का बदला चुकता करने उतरेगी. भारत अगर कल जीतता है तो टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरी बार फाइनल में पहुंच जाएगा. भारत 2005 में दक्षिण अफ्रीका में हुए टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा था जिसमें उसे ऑस्ट्रेलिया ने हराया था. दक्षिण अफ्रीका राउंड रॉबिन चरण में पांच जीत और दो हार के साथ तीसरे और आस्ट्रेलिया सात मैचों छह जीतकर दूसरे स्थान पर रहा.
    यह मैच काउंटी ग्राउंड पर खेला जाएगा जहां भारत ने अपने चार ग्रुप मैच खेले हैं जिसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ 'करो या मरो' का आखिरी मैच शामिल था. दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर एक भी मैच नहीं खेला है लेकिन उसका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है. भारतीय कप्तान मिताली ने कहा,‘मुझे लगता है कि यह हमारा घरेलू मैदान है चूंकि हमने यहां चार मैच खेले हैं.’भारत को इस मैच के जरिये राउंड राबिन चरण में आस्ट्रेलिया से मिली आठ विकेट से हार का बदला चुकता करने का भी मौका मिलेगा. यह करना हालांकि आसान नहीं होगा. ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए भारत को खेल के हर विभाग में उम्दा प्रदर्शन करना होगा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ राउंड रॉबिन चरण में धीमी पारी खेलनी वाली मिताली अपनी गलती सुधारना चाहेगी जबकि पूनम राउत अपना शतकीय प्रदर्शन दोहराने के इरादे से उतरेगी. न्यूजीलैंड के खिलाफ दबाव वाले मैच में मिताली ने शतक बनाया जबकि वेदा कृष्णामूर्ति ने 40 गेंद में 70 रन जोड़े । इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को सिर्फ 79 रन पर समेटकर 186 रन से जीत दर्ज की.
    मिताली और कृष्णामूर्ति के अलावा हरमनप्रीत कौर ने भी अर्धशतक जमाया. सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का खराब फॉर्म हालांकि चिंता का सबब है. गेंदबाजी में स्पिनरों ने प्रभावित किया है लेकिन झूलन गोस्वामी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप में पदार्पण करने वाली स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने 15 रन देकर पांच विकेट लिए थे. न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली बड़ी जीत से भारत के हौसले बुलंद होंगे. मिताली ने कहा ,‘ऑस्ट्रेलिया बेहतरीन टीम है. उसकी बल्लेबाजी में गहराई है और गेंदबाज बहुत उम्दा है. हमें मैच के दिन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा ताकि उसे हरा सके.’
    दोनों टीमें इस प्रकार हैं
    भारत : मिताली राज (कप्तान ) , एकता बिष्ट, राजेश्वरी गायकवाड़, झूलन गोस्वामी, मानसी जोशी, हरमनप्रीत कौर, वेदा कृष्णमूर्ति , स्मृति मंधाना, मोना मेशराम, शिखा पांडे, पूनम यादव, नुजहत परवीन, पूनम राउत, दीप्ति शर्मा, सुषमा वर्मा, स्मृति मंधाना.
    ऑस्ट्रेलिया : मेग लेनिंग ( कप्तान ), सारा एले, क्रिस्टीन बीम्स, एलेक्स ब्लैकवेल, निकोल बोल्टन, एशले गार्डनर, रशेल हेंस, एलिसा हीली, जेस जोनासेन, बेथ मूनी, एलिसे पेरी, मेगान शट, बेलिंडा वेकारेवा, एलिसे विलानी, अमांडा जेड वेलिंगटन.
    मैच का समय : तीन बजे से.
    (भाषा)

    ...
  •  


  • क्रिकेट के मैदान पर भारतीय टीम के कप्‍तान विराट कोहली और पाकिस्‍तान के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्‍मद आमिर भले ही जबर्दस्‍त प्रतिद्वंद्विता के लिए जाने जाते हो, लेकिन मैदान के बाहर इन दोनों के बीच बेहद दोस्‍ताना संबंध हैं. वैसे भी भारत और पाकिस्‍तान के क्रिकेटरों के मैदान के बाहर के रिश्‍ते, मैदान पर दिखने वाली प्रतिद्वंद्विता से एकदम उलट ही होते हैं. चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली को पाकिस्‍तान के शोएब मलिक और अन्‍य खिलाड़ि‍यों के साथ हंसी-मजाक करते देखा गया था. स्‍पॉट फिक्सिंग के कारण लगे प्रतिबंध के कारण आमिर ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी तो विराट ने उनकी हौसला अफज़ाई की थी. यही नहीं विराट ने वर्ष 2016 के वर्ल्‍ड टी20 के पहले आमिर को एक बल्‍ला भी गिफ्ट किया था. वैसे, विराट और आमिर के बीच की मैदान की 'जंग' में ज्‍यादातर बार टीम इंडिया के कप्‍तान भारी पड़े हैं, लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में आमिर ने कोहली को आउट करके अपनी टीम के चैंपियन बनने की राह आसान की थी.
     
    पाकिस्‍तान के गेंदबाज आमिर, बल्‍लेबाज के रूप में विराट को बेहद ऊपर रेट करते हैं. हाल ही में ट्विटर पर फैंस से बातचीत करते हुए उन्‍होंने विराट कोहली का इस समय दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाज बताया. मोहम्‍मद हमजा सईद नाम के एक प्रशंसक ने आमिर से पूछा कि आपके अनुसार इस समय दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाज कौन है? आमिर का सीधा जवाब था-विराट कोहली.
    एक अन्‍य प्रशंसक का सवाल था-जो रूट, केन विलियम्‍सन, स्‍टीव स्मिथ और विराट कोहली में सर्वश्रेष्‍ठ कौन है? इस सवाल का जवाब आमिर ने यह कहकर दिया कि 'ये सभी अच्‍छे हैं लेकिन मेरी निजी राय में विराट कोहली.'  भारतीय प्रशंसकों ने आमिर के इस जवाब को भरपूर सराहा. एक फैन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा-आमिर भाई, विराट इस समय का सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाज है और आप सर्वश्रेष्‍ठ गेंदबाज.एक क्रिकेटप्रेमी ने पूछा चैंपियंस ट्रॉफी में विराट कोहली का विकेट और आपकी पहली चैंपियंस ट्रॉफी में सचिन तेंदुलकर का विकेट, आपने किस विकेट का ज्‍यादा आनंद लिया? आमिर ने कहा-दोनों का.

    गौरतलब है कि चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में मो. आमिर ने घातक स्‍पैल फेंकते हुए रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली के विकेट झटके थे. उन्‍होंने इस स्‍पैल में छह ओवर में 16 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे. आमिर के इन झटकों के टीम इंडिया उबर नहीं पाई थी और फाइनल में पाकिस्‍तान की टीम से मुकाबला हार गई थी. (एनडीटीवी)

    ...
  •  


  • नई दिल्ली। टीम इंडिया के स्टाइलिश हरफनमौला सितारे हार्दिक पांड्या इस वक्त सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं, वजह हैं उनका नया लुक। दरअसल हार्दिक ने श्रीलंका दौरे से पहले अपनी हेयर स्टाइल चेंज की है।

    ...
  •  


  • नई दिल्ली: श्रीलंका दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम को सलामी बल्‍लेबाज मुरली विजय की सेवाएं नहीं मिल सकेंगी. ओपनर विजय कलाई की चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज नहीं खेल सकेंगे. 26 जुलाई से प्रारंभ होने जा रही तीन मैचों की सीरीज के लिए विजय की जगह शिखर धवन को टीम में स्‍थान दिया गया है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है. बीसीसीआई कीसचिव अमिताभ चौधरी ने एक विज्ञप्ति में कहा,‘अखिल भारतीय चयन समिति ने सोमवार को शिखर धवन को घायल मुरली विजय की जगह टीम में चुना है जो श्रीलंका में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी.’ उन्होंने कहा,‘विजय को ऑस्ट्रेलिया टीम के दौरे के दौरान कलाई में चोट लगी थी. उसकी दाहिनी कलाई में अभी भी दर्द है. बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने सलाह दी है कि विजय को रिहैबिलिटैशन जारी रखना चाहिए.’
    भारतीय वनडे टीम के नियमित सदस्य धवन ने 23 टेस्ट में 38 . 52 की औसत से रन बनाए हैं जिसमें चार शतक शामिल हैं. उन्होंने आखिरी बार 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए टेस्ट खेला था. इस टेस्‍ट में शिखर ने पहली पारी में 1 और दूसरी पारी में 17 रन बनाए थे.
    बाएं हाथ के बल्‍लेबाज शिखर ने अपने टेस्‍ट करियर का धमाकेदार अंदाज में आगाज किया था.  वर्ष 2012-13 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में अपने पहले टेस्‍ट में उन्‍होंने 187 रन की पारी खेली थी जिसमें 19 चौके और तीन छक्‍के शामिल थे. शिखर धवन इस समय शानदार फॉर्म में हैं. इंग्‍लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में उन्‍होंने सर्वाधिक रन बनाए थे. उन्‍हें गोल्‍डन बैट अवार्ड मिला था.
    भारतीय टीम : विराट कोहली (कप्तान) , शिखर धवन, लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, ऋद्धिमान साहा, ईशांत शर्मा, उमेश यादव, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव और अभिनव मुकुंद. (एनडीटीवी)

    ...
  •  


  • महिला विश्व कप 2017

    अभय शर्मा
    करो या मरो वाले किसी मैच की सबसे खास बात यह मानी जाती है कि इसमें किसी कप्तान और कोच के लिए अपनी टीम का उत्साह बढ़ाना सबसे आसान होता है. लेकिन, भारत और न्यूजीलैंड के मैच का परिणाम देखने के बाद पता चलता है कि इस काम को भी भारतीय कप्तान मिताली राज ने काफी गंभीरता से लिया.

    आज हुए इस अहम मैच में टीम के खेल को देख कर साफ़ लग रहा था कि उसने अपनी कमियों पर बारीकी से काम किया है और इन्हें दूर करने में काफी हद तक सफलता भी पाई है. यही वजह थी कि पिछले दो मैच हारने के बाद काफी कमतर नजर आने लगी भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम को 186 रन के बड़े अंतर से हरा दिया.

    इस मैच में किवी कप्तान सूजी बेट्स ने टॉस जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया. हालांकि, पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही. उसकी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना 13 और पूनम राउत मात्र 4 रन ही बना सकीं. हालांकि, इन दोनों के जाने के बाद अनुभवी कप्तान मिताली राज और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 132 रन की साझेदारी की.

    विश्वकप में काफी अच्छी फॉर्म में नजर आ रही मिताली राज ने इस मैच में 109 रन की शानदार शतकीय पारी खेली. जबकि, इससे पहले के हुए छह मैचों कुछ विशेष न कर सकी हरमनप्रीत कौर ने 60 रन बनाए. हालांकि, इन दोनों की बेहतरीन पारियों के दौरान भारतीय टीम की रन गति इतनी धीमी थी कि लगा टीम फिर से वही गलती तो नहीं दोहरा रही जिसकी वजह से वह पिछले दो मैच हारी थी. इन दोनों के खेलने दौरान भारतीय टीम 37 ओवर में महज 155 रन ही बना सकी थी. लेकिन, इसके बाद बल्लेबाजी करने आई वेदा कृष्णामूर्ति ने मैच का रुख ही बदल दिया. उन्होंने 45 गेंदों पर 70 रन की तेजतर्रार पारी खेल कर टीम के स्कोर को 265 तक पहुंचा दिया.

    इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड टीम की शुरुआत काफी खराब रही. टीम की सबसे बेहतर बल्लेबाज कप्तान सूजी बेट्स मात्र पांच रन बनाकर तेज गेंदबाज शिखा पांडे का शिकार बनीं. अगले ही ओवर में झूलन गोस्वामी ने आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज रिचेल प्रीस्ट को चलता कर दिया. पांडे और गोस्वामी द्वारा शुरुआत में विकेट लेकर बनाए गए दवाब का भारतीय स्पिनरों को बड़ा लाभ मिला. भारतीय स्पिन तिकड़ी पूनम यादव, दीप्ति शर्मा और राजेश्वरी गायकवाड़ की फिरकी के सामने कोई भी किवी बल्लेबाज नहीं टिक सका.

    हालांकि, वनडाउन में बल्लेबाजी करने आई एमी सैटरथवेट ने जरूर कुछ देर संघर्ष किया और अपनी टीम की ओर से सर्वाधिक 26 रन बनाए. लेकिन, उनके आउट होने के बाद पूरी कीवी टीम मात्र 79 रन ही बना सकी. भारत की ओर से स्पिन गेंदबाजों ने आठ विकेट झटके जिसमें राजेश्वरी गायकवाड़ ने 15 रन देकर सबसे ज्यादा पांच विकेट लिए. इस मैच में शानदार शतकीय पारी खेलने वाले भारतीय कप्तान मिताली राज को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया.

    न्यूजीलैंड पर मिली इस जीत के साथ ही भारतीय टीम विश्वकप के सेमी फाइनल में पहुंच गई है जहां 20 जुलाई को उसका मुकाबला दुनिया की सबसे मजबूत और विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा. भारत ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया के साथ 42 वनडे मैच खेले हैं जिसमें से उसे केवल 8 में ही जीत मिली है. इन आंकड़ों को देखने के बाद भारतीय टीम की आगे की राह काफी कांटों भरी नजर आ रही है. यही कारण है कि क्रिकेट विश्लेषक भारतीय टीम को न्यूजीलैंड पर मिली बड़ी जीत का जश्न मनाने के बजाय आगे की रणनीति पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दे रहे हैं. (सत्याग्रह)

    ...
  •  


  • नई दिल्‍ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्‍तान मिताली राज ने बुधवार को इतिहास रच दिया. महिला वर्ल्‍डकप के अंतर्गत आज ब्रिस्‍टल में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में 34 रन बनाते ही मिताली वनडे में सर्वाधिक रन बनाने वाली महिला बल्‍लेबाज बन गई हैं. इस मैच के पहले मिताली को इंग्‍लैंड की क्रिकेटर शारलेट एडवर्ड्स के 5992 रन के रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए महज 33 रन की जरूरत थी. एडवर्ड्स ने 191 मैचों में यह रन बनाए थे. मिताली ने आज की पारी के दौरान न केवल इंग्‍लैंड की बल्‍लेबाज एडवर्ड्स का रिकॉर्ड को पछाड़ा बल्कि महिला वनडे क्रिकेट में 6000 रन के आंकड़े तक पहुंचने वाली वे पहली महिला बैट्समैन बन गई हैं.
    इससे पहले मिताली ने टूर्नामेंट के दौरान लगातार सात वनडे में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. महिला क्रिकेट में सबसे अधिक वनडे अर्धशतक का रिकॉर्ड भारत की 34 वर्षीय कप्‍तान के नाम पर ही है. मिताली ने 16 वर्ष की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्‍यू किया था. बल्‍लेबाजी में कौशल के कारण कई बार उन्‍हें 'महिला क्रिकेट का सचिन तेंदुलकर' कहकर भी पुकारा जाता है.
    मिताली राज ने अब कुल 183 वन-डे इंटरनेशनल मैचों की 164 पारियों में 6,010 रन बनाए हैं, जबकि अब तक शीर्ष पर मौजूद रहीं इंग्लैंड की शारलेट एडवर्ड्स ने 191 मैचों की 180 पारियों में 5,992 रन बनाए हैं. मिताली कुल 48 बार नॉट आउट रही हैं, और उनका औसत 51.81 रहा है, जबकि शारलेट ने 23 बार नॉट आउट रहकर 38.16 की औसत से ये रन बनाए हैं. हालांकि शारलेट शतकों के मामले में मिताली से आगे हैं, क्योंकि उन्होंने कुल नौ बार शतकीय पारियां खेली हैं, जबकि मिताली केवल पांच बार 100 का आंकड़ा छू पाई हैं. अर्द्धशतकों के मामले में मिताली आगे हैं, और उन्होंने शारलेट के 46 अर्द्धशतकों की तुलना में 49 बार पचासा ठोका है. नाबाद 173 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी खेल चुकीं शारलेट अपने वन-डे करियर के दौरान कुल 16 बार शून्य पर पैवेलियन लौटी हैं, जबकि मिताली ने नाबाद 114 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली है, और वह कुल पांच बार बिना खाता खोले आउट हुई हैं.

    ...
  •  


  • सफलता का पहला मंत्र है प्रयत्न करना। यदि आप प्रयत्न करने को तत्पर हो जाते हैं, तो आधी सफलता तो आपको मिल गई समझो। कहा भी तो है कि अच्छी शुरुआत यानी आधी सफलता। सफलता का दूसरा मंत्र है कि अपने मन में हीन भावना न आने दें।
    सफलता मिलने की आशा नहीं है, तो इस का मतलब यह नहीं कि कोशिश ही न करें। असफलता मिलने की उम्मीद के कारण कोई कार्य ही न करें। कार्य करें और अपनी ओर से पूर्ण मेहनत के साथ कार्य करें। पर अगर मन में  जरा-सी भी शंका हो तब उस शंका का निवारण जरूरी है। दरअसल प्रयत्न और भीतर की आवाज सुनने में एक तरह से संतुलन बैठाना होता है और जिसने सही तरीके से संतुलन बिठा लिया, उसकी सफलता की दर बढऩे  की संभावना रहती है, क्योंकि वह अपनी गलतियों को स्वयं के सामने रखने का माद्दा रखता है। कई बार ऐसा होता है कि स्टूडेंट्स  दूसरों के ओपिनियन के आधार पर अपने बारे में गलत राय बना लेते हैं।  याद  रखिए  जो कामयाब हैं वे इसलिए  कि वे अपने को किसी से कम नहीं आंकते। वे हमेशा अपनी बेहतर  चीजों पर फोकस करते हुए अपना सेल्फ  कान्फिडेंस बढ़ाते रहते हैं और अपनी  पर्सनेलिटी को चमकाते रहते हैं। इसलिए अपने  भीतर झांकिए और दूसरों से अपने को बिलकुल कम मत आंकिए कई स्टूडेंट्स इस प्रॉब्लम से जूझते दिखाई देते हैं। न तो उनका फिजिकल अपीरियंस अच्छा है न उनकी चाल न उनकी आवाज अच्छी है और न एटीच्यूड। वे दूसरों की धारणा पर अपने बारे में राय बना लेते हैं और परेशान रहते हैं। वे अपनी स्टडी, कैरियर और लाइफ से नाखुश रहते हैं। इसलिए  वे कोशिश करते  हैं कि वे कुछ और हो  जाएं। कामयाब होने की पहली सीढ़ी है अपने को स्वीकार करना, अपने को  प्यार  करना और अपनी गलतियों को भुला देना। इसकी आज से ही शुरुआत कर दीजिए। यहां दी जा रही कुछ  टिप्स को अपनाएं और आगे बढ़ जाएं। गौरतलब है कि सबसे पहली बात  तो यह है कि अपने बारे में तमाम नापसंद बातों को भूल जाएं। आपको लगता है कि न तो आप स्मार्ट  हैं  और न ही हंबल, यह सब निगेटिव थिंकिंग का रिजल्ट है। इसलिए अपने बारे में अच्छी बातें सोचिए। अपने बारे में दूसरों की राय को ज्यादा महत्त्व मत दीजिए और अपने को सफल होते देखने की आदत डालिए। आत्मविश्वास बड़ाने का एक आसान और सहज तरीका है अपने को आईने में देखना। आईने के समाने खड़े होकर अपने से लगातार कहते रहिए कि आप यूनिक हैं, हैंडसम हैं या ब्यूटीफुल हैं। सेल्फ कान्फिडेंस हासिल करने के बाद उस  तरफ  बढऩे की कोशिश करिए, जो आप हासिल करना चाहते हैं। अपने  बारे में तमाम अच्छी बातें या अपनी क्वालिटीज को लिख लें और कमजोरियों को भी लिख लें । यदि आपको लगता है कि आप जल्द ही  इमोशनल हो जाते हैं या हर्ट हो जाते हैं तो उसकी जड़ों को समझने की कोशिश करिए। इससे आप अपने  ही बारे में बेहतर अंडरस्टैंडिंग बना पाएंगे। दुनिया में तमाम ऐेसे उदाहरण हैं कि जिनके पास खूब पैसा और शोहरत थी, लेकिन वे कभी अपनी जिंदगी में खुश नहीं रह पाए। जाहिर है खुशी बाहर नहीं, भौतिक सुख-सुविधाओं में नहीं। यह पूरी तरह आप पर निर्भर है कि आप खुश रहना चाहते हैं कि दुखी। इसलिए अपने भीतर सदा ग्रीनर साइड ही देखें। अपने बारे में हमेशा सकारात्मक सोचें। क्योंकि आपकी सोच ही आपकी जिंदगी का आईना होती है। मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। तो क्यों न ऐसा सोचा जाए कि आप अच्छे बन जाएं। नकारात्मक सोच आपको असफलता के धुंधलके में ले जाती है। कोई आपको लाख सलाह दे, पर जब तक आप स्वयं अपने मन को नकारात्मक सोचने से मना नहीं करेंगे, तब तक कुछ नहीं होगा।  सफलता का सफर सकारात्मकता से शुरू हो कर उपलब्धियों पर आकर खत्म होता है और असफलता का तो कोई सफर ही नहीं होता। असफलता खुद-ब खुद आपके द्वार आ जाती है। और यदि आप कुछ करें तो यही असफलता सफलता में तबदील हो सकती है। सफलता का पहला मंत्र है प्रयत्न करना। यदि आप प्रयत्न करने को तत्पर हो जाते हैं, तो आधी सफलता तो आपको मिल गई समझो। कहा भी तो है कि अच्छी शुरुआत यानी आधी सफलता। सफलता का दूसरा मंत्र है कि अपने मन में हीन भावना न आने दें। अपने को दूसरों से हमेशा बेहतर समझें। आप यह मानकर चलें कि जो काम आप कर सकते हैं, वह कोई दूसरा नहीं कर सकता। आप अपने आप को इस विश्व का अद्वितीय इनसान समझें। यह धारणा आप में आत्मविश्वास पैदा करेगी। ध्यान रहे कि इस दरमियान अपने ऊपर अभिमान को हावी न होने दें। क्योंकि यदि आप के मन में अहंकार घर कर गया तो आप सब कुछ गंवा बैठेंगे।

    ...
  •  


  • इस 21वीं सदी में मनोरंजन से संबंधित अनेक उद्योगों में क्रांति आई है। जैसे रेडियो और टी.वी. के असंख्य चैनल्स आज काम कर रहे हैं और उन सबका वाइस एक्टिंग की आवश्यकता होती ही है। इसलिए इस शताब्दी में वाइस एक्टर का करियर करने के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उदाहरणार्थ एमिनेशन बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को आज कार्टून चैनल्स अतिशय भा रहे हैं और इन्हें वाइस एक्टर की महती आवश्यकता होती है। आजकल भारत में भी अन्य देशों की भांति एमिनेशन इडंस्ट्री बहुत तरक्की कर रही है। इस इंडस्ट्री में यदि हमारे पास आवाज का हुनर है तो यश और पैसा दोनों भरपूर मिलता है।
    रेडियो तो शुरू से ही आवाज का माध्यम रहा है। यहां तो अनाऊंसर के बगैर तो काम ही नहीं चलता। जैसी संख्या न आवाज की दुनिया में नई क्रांति ला दी है।
    डबिंग- भारत एक बहुभाषिक राष्ट्र होने के नाते यहां डबिंग का व्यवसाय बहुत और हॉलीवुड की कई फिल्में हिन्दी में डब की गई है। इसलिए इस क्षेत्र में आवाज का बड़ा महत्व है। और वाइस एक्टर का अपार संभावनाएं उपलब्ध है।
    विडीयो गेम्स- इसमें अनेक सूचनाओं और संवादों का समावेश रहता है जिसे वाइस एक्टर द्वारा कराया जाता है। इसलिए इस क्षेत्र में भी काम और पैसा दोनों ही पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होता है।
    पब्लिसिटी- पब्लिसिटी का युग ही है। ऐसा 21वीं शताब्दी को कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इसमें संचालन और जिंगल्स गाने के लिए वाइस एक्टर की काफी डिमांड होती है। इसके साथ-साथ इस क्षेत्र में प्रमोशनल विडियो, सेल्स प्रेजेंटेशन और चुनावी प्रचार का क्षेत्र भी काफी लाभदायक सिद्ध हो रहा है।
    मिमिक्री (नकल)- नकल का क्षेत्र तो आजकल बहुत ही सफलता प्राप्त कर रहा है। कोई एंग्री यंग मेन अमिताभ बच्चन की आवाज निकाल कर दर्शकों को खुद अमिताभ बच्चन होने का आभास कराता है तो कोई शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा का। कोई अमरीशपुरी का तो कोई ओमपुरी का। इन सबको देखते हुए ये दावे के साथ कहा जा सकता है कि आज की तरुण पीढ़ी के पास यदि आवाज का टेलेंट है तो वह अपना कैरियर बना सकता है। अच्छी सेलरी, अच्छा यश, अच्छा स्टेट्स भी प्राप्त कर सकता है। युवाओं को बेझिझक इस क्षेत्र में उतरना चाहिए।

    ...
  •  


  • आज के दौर में आनलाइन लर्निंग का क्रेज बढ़ता जा रहा है। आप भी अपने पीसी या लैपटॉप के सामने बैठकर और इंटरनेट से जुडक़र पढऩा चाहते हैं, तो आनलाइन-लर्निंग एक बेस्ट आप्शन हो सकता है। कुछ बातों को ध्यान में रखकर ऑनलाइन पढाई कर सकते हैं। इससे आप कॉलेज में अटेंडेंस के चक्कर से भी बच जाएंगे। बस आपको ध्यान रखनी होगी डेट लाइन की। खास बात यह कि ऑनलाइन कोर्स के जरिए सर्टिफिकेट कोर्स का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। लगभग हर प्रोफेशनल कोर्स के तहत ऑनलाइन कोर्स का आप्शन है। फैशन एवं लग्जरी में भी अगर अपना करयिर तलाश रहे हैं तो एक महीने का सर्टिफिकेट कोर्स कर आप इंडस्ट्री  में नौकरी तलाश सकते हैं। 
    क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स : एलसीबीएस के फाउंडर एंव सीईओर अभय गुप्ता बताते हैं किसी भी विषय के कोर्स कितने महंगे होते जा रहे हैं। लेकिन ऑनलाइन कोर्स के शुरू होने से आज आप घर बैठे ही अपने मोबाईल या कंप्यूटर पर इंटरनेट के माध्यम से बड़े बड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी में होने वाले कोर्स कर सकते हैं। हाल ही में लग्जरी कनेक्ट बि•ानेस स्कूल ने अपने 2 नए कोर्सेज ऑनलाइन लग्जरी ब्रांड मैनेजमेंट और एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा इन लक्जऱी मैनेजमेंट कोर्स की शुरुआत की है। 
    कोर्स का विवरण : एक महीने की अवधि वाले इस नए कोर्स ऑनलाइन लग्जरी मैनेजमेंट को शुरू करने का मुख्य कारण स्टूडेंट को लग्जरी मैट्रिक्स की जटिलताओं को आसानी से समझाना और लग्जरी के उद्योग में मंदी के दौर में भी स्टूडेंट्स के करियर को एक अच्छा ट्रैक देना है। वहीं दूसरे कोर्स एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा इन लग्जरी मैनेजमेंट जिसकी अवधि 6 महीने है, जिससे स्टूडेंट भारतीय लग्जरी उद्योग के अनुभवी विशेषज्ञों और यूरोप के लग्जरी एक्सपर्ट्स और प्रोफेसर द्वारा दुनिया भर में लग्जरी व्यापार के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण मिल रहा है। यह कोर्सेज युवाओं के लिए एक अच्छे करियर के रूप में बन सकते हैं। इस कोर्स में स्टूडेंट 6 महीने के अंतराल में 22 सप्ताह भारत में और 2 सप्ताह यूरोप के लग्जरी हब मोनाको में बिताएंगे। कोर्स के चलते स्टूडेंट्स को लग्जरी सेमिनार और कांफ्रेंस में भाग लेने का मौका मिलेगा, और साथ ही स्टूडेंट्स को लग्जरी उद्योग के बड़े-बड़े लोगों से भी मिलने का मौका मिलेगा। 
    कुछ हटकर :  रिटेल में लग्जरी सेक्टेर 20 फीसदी सालाना की दर से आगे बढ़ रही है। यह तेजी पिछले कई सालों से जारी है। 2020 तक इस क्षेत्र में लगभग 28 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल्स , ज्वैलर्स, घडिय़ां, रियल एस्टेट, वाइन, ट्रैवल एंड टूरिज्म में नए अवसर रोजगार के लिए वरदान साबित होगा। अभी इसमें सबसे बड़ी समस्या कुशल लोगों की है क्योंकि लग्जरी ब्रांड की सर्विस का अंदाज अलग होता है।
    योग्यता :  इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्र-छात्राओं का ग्रेजुएट होना जरुरी है। साथ ही स्टूडेंट की लग्जरी और मैनेजमेंट में दिलचस्पी भी होनी बेहद जरुरी होती है। इसके अलावा वो छात्र-छात्राएं जिनकी पर्सनालिटी और कम्यूनिकेशन स्किल्स अच्छी है और अंग्रेजी में अच्छी पकड़ है, वो इस क्षेत्र में एक सफल तौर पर अपना करियर बना सकते हैं। कोई एक विदेशी भाषा की जानकारी लाभदायक साबित हो सकती है पर यह अनिवार्य नहीं है।
    अवसर : ऑनलाइन कोर्स इन लग्जरी ब्रांड मैनेजमेंट और एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा इन लग्जरी मैनेजमेंट कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स लग्जरी सेल्स एडवाइजर, मार्केटिंग मैनेजर, ब्रांड कंट्री हेड,  विजुअल मर्चेडाइजर, लग्जरी इवेंट प्लानर, ब्रांड मैनेजर बन सकते हैं। फैशन और लग्जरी कंसल्टेंट या वार्डरोब मैनेजर के तौर पर भी काम पा सकते हैं। 
    वेतन : इस कोर्स के पूरा होने के बाद स्टूडेंट्स लग्जरी की इंडस्ट्री में अलग-अलग कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें बतौर स्टा-इपेंड 10 से 12 हजार रुपए मिलते। अगर आप जॉब के लिए जाते हैं तो शुरूआती सैलरी प्रति माह 20,000 रु. से 30,000 रु. के बीच हो सकती है। तजुर्बे के साथ-साथ सैलरी में इजाफा होता रहता है। इन नौकरियों में वेतन के अलावा कई तरह के इन्सेंटिव और अन्य सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं।

    ...
  •