राष्ट्रीय

  • रिकॉर्ड मतों से जीते
    नई दिल्ली, 20 जुलाई (एजेंसी)। रामनाथ कोविंद देश के अगले राष्ट्रपति होंगे। कोविंद ने जीत के लिए जरूरी बहुमत हासिल कर लिया है। कोविंद को 66 फीसदी वोट हासिल हुए हैं। थोड़ी देर में कोविंद की जीत का औपचारिक एलान किया जाएगा। उन्होंने यूपीए की ओर से चुनाव लड़ रही मीरा कुमार को लाखों वोटों के अंतर से हराया।
    चुनाव के नतीजे आने से पहले ही टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, रामनाथ कोविंद जी को बधाई, वो हमारे अगले राष्ट्रपति होंगे। हालांकि एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का अगला राष्ट्रपति चुना जाना पहले से ही तय माना जा रहा था। वोटिंग की गिनती खत्म होने के साथ ही कोविंद को निर्वाचित राष्ट्रपति का सर्टिफिकेट प्रदान कर दिया जाएगा।
    राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के गांव में जश्न का माहौल है। कोविंद की जीत के लिए लोगों ने हवन पूजन भी किया।
    मौजूदा राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई की मध्यरात्रि को खत्म हो रहा है और कोविंद 25 जुलाई की सुबह नए राष्ट्रपति के पद की कमान संभालेंगे। राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे की घोषणा के बाद जाहिर तौर पर भाजपा-एनडीए खेमे की जीत का जश्न मनाने की पूरी तैयारी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी चुनाव में जीत का प्रमाणपत्र जैसे ही कोविंद को सौंपेगे उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट के सदस्यों के अलावा एनडीए के तमाम नेता कोविंद से मिलने और राष्ट्रपति निर्वाचित होने की बधाई देने जाएंगे।

     

    ...
  •  


  • नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती का राज्यसभा से इस्तीफा मंजूर हो गया है। वह इस सिलसिले में दोबारा उपराष्ट्रपति से मिली थीं। वहां पर उन्होंने एक लाइन का हस्तलिखित इस्तीफा उनको दिया। उसके बाद इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया। इससे पहले मंगलवार को राज्यसभा में बोलने का मौका नहीं दिए जाने से नाराज बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस्तीफा दे दिया था। इस मुद्दे पर सदन में काफी हंगामा मचा। हालांकि मायावती का उस वक्त तकनीकी वजह से इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया। उसके बाद बुधवार को राज्यसभा के सभापति पीजे कुरियन ने मायावती से अपना इस्तीफा वापस लेने की अपील की। सभापति ने कहा कि सदन की इच्छा है कि मायावती अपना इस्तीफा वापस लें। सहारनपुर हिंसा पर सदन में न बोल पाने के कारण मायावती ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। तीन पेज का अपना इस्तीफा उन्होंने सभापति से मिलकर दिया। मायावती इस बात से नाराज थीं कि शून्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में दलितों पर हुए अत्याचारों पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश करने के बाद उन्हें बोलने के लिए सिर्फ तीन मिनट का समय दिया गया। (एनडीटीवी)

    ...
  •  


  • नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार को अलग-अलग राज्यों के हजारों किसान अपनी समस्याओं को लेकर जमा हुए। मध्य प्रदेश के मंदसौर से चली किसान मुक्ति यात्रा देश के छह राज्य होते हुए जंतर-मंतर पहुंची। तेरह दिन चली इस यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो गया है। इसमें 150 से अधिक किसान संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ है। किसान मुक्ति संसद ने सरकार के सामने दो मुख्य मांगे रखी हैं। पहली मांग, फसल का पूरा दाम मिले और किसानों को पूर्ण रूप से कर्ज मुक्त किया जाए। इस बीच तमिलनाडु के किसान एक बार फिर जंतर-मंतर लौट आए हैं। तमिलनाडु के किसान नेता अय्याकन्नू के नेतृत्व में तमिलनाडु के किसानों ने किसान मुक्ति संसद को अपना समर्थन दिया।
    महाराष्ट्र के अलग-अलग राज्यों के आत्महत्या किए किसानों के बच्चे भी जंतर-मंतर पर जमा हुए। नाटक के जरिए इन बच्चों ने अपने जिंदगी के संघर्ष को पेश किया। जंतर मंतर पर उपस्थित इन बच्चों में से एक अशोक पाटिदार ने कहा कि जब वो 5 साल का था तब उसके पिता ने खुदकुशी कर ती थी। इसके बाद गांव वालों ने उसके परिवार को अलग नजरिये से देखने लगे। गांव में उन्हें किसी ने मदद नहीं की। फिर अशोक को आश्रम जाना पड़ा। अशोक अभी आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रहा है। अशोक का कहना है कि किसानों को आत्महत्या नहीं करना चाहिए, किसान आत्महत्या तो कर लेते हैं, लेकिन उनके बच्चे अनाथ हो जाते हैं। उन्हें कोई नहीं पूछता है। अशोक ने कहा कि मुझे दुख है क्योंकि मेरे पिता ने खुदकुशी की है, लेकिन मैं इस देश के सभी किसानों को बताना चाहता हूं कि आत्महत्या के विकल्प को छोड़कर हमें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाना चाहिए।
    इस तरह महाराष्ट्र से आई पल्लवी ने भाषण देते हुए स्टेज पर रो पड़ी। पल्लवी के पिता भी खुदकुशी कर चुके हैं। पल्लवी ने कहा लोग 2-2 रुपये के लिए किसानों से लड़ जाते हैं जो गलत है। पल्लवी ने कहा जैसे आप के बच्चे हैं ऐसे किसानों के भी बच्चे हैं। बच्चे सोचते हैं कि उनके पापा आएंगे उन्हें पेट भर खाना खिलाएंगे। अच्छे कपड़े देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाता है। पल्लवी ने सरकार से बिनती करते हुए कहा कि सरकार को किसान पर ध्यान देना चाहिए (बाकी पेजï 5 पर)
    और जब किसान बचेगा तब ही देश बचेगा। महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले से आई आई आरती भी भावुक होते हुए बोली कि उसके पिता ने कुछ साल पहले खुदकुशी कर ली। इसके बाद रिश्तेदारों ने उसे आश्रम में डाल दिया। आरती ने भी कहा कि किसानों को खुदकुशी नहीं करनी चाहिए। किसान के आत्महत्या करने से उनके बच्चे अनाथ हो जाते हैं।
    सांसद सीताराम येचुरी ने भी किसान मुक्ति संसद में अपनी उपस्थिति दर्ज की। जंतर-मंतर पर येचुरी ने कहा, आप सभी के साथ मैंने भी किसानों अधिकारों के लिए लडऩे का वादा लिया और आपसे यह भी वादा करता हूं कि मैं इस लड़ाई को संसद में ले जाऊंगा। किसान मुक्ति संसद में शामिल हुए शरद यादव ने कहा, यह सिर्फ किसानों की लड़ाई नहीं है, यह पूरे देश की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब आप संसद के बाहर यह लड़ाई लड़ रहे हैं, उसी समय मैं संसद में किसानों की मांगों को समर्थन दूंगा। वहीं, योगेंद्र यादव ने कहा कि किसान का दो तिहाई काम करने वाली महिलाओं ने इस किसान मुक्ति संसद को ऐतिहासिक बना दिया है। वहीं प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार बड़े पूंजीपतियों और कम्पनियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों को कुचलने पर उतारू है। (एनडीटीवी)

    ...
  •  


  • भावुक होकर बोले- पार्टी ने मां की तरह संभाला

    नई दिल्ली, 18 जुलाई। एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार वेंकैया नायडू ने अपना नामांकन भर दिया है। इस दौरान पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी,  सुषमा स्वराज, अरुण जेटली समेत कई एनडीए की कई पार्टियों के नेता मौजूद रहे। नामांकन के वक्त नायडू काफी भावुक नजर आए। नायडू ने इसके बाद मीडिया से बात की और कहा कि 1 साल का था तब मेरी मां का निधन हो गया था। युवा काल में पार्टी से मैं जुड़ा। तब से पार्टी ने मां की तरह मुझे संभाला। नायडू ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए गर्व की बात है।
    नामांकन दाखिल करने के बाद वेंकैया नायडू ने कहा कि मुझे पार्टी के कई पदों पर काम करने का मौका मिला। उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी एक अलग तरह की जिम्मेदारी है। नायडू ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि मैं इस पद की गरिमा रख पाउंगा। इस जिम्मेदारी के लिए मुझे चुना गया इसके लिए मैं पीएम मोदी, अमित शाह समेत एनडीए की सभी पार्टियों का शुक्रिया अदा करता हूं।
    इससे पहले वेंकैया नायडू ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से मुलाकात की। उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन भरने का आज आखिरी दिन है। सोमवार शाम बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में वेंकैया नायडू के नाम पर मुहर लगाई गई।
    दो सेट में भरेंगे नामांकन
    वेंकैया नायडू की तरफ से नामांकन के दो सेट दाखिल किए जाएंगे। पहले सेट में बतौर प्रस्तावक पीएम मोदी और अनुमोदक  वित्तमंत्री अरुण जेटली के हस्ताक्षर हुए। दूसरे सेट में प्रस्तावक वित्त मंत्री अरुण जेटली और अनुमोदक विदेश मंत्री सुषमा स्वराज होंगी।
    मंत्री पद से दिया इस्तीफा
    एम वेंकैया नायडू ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। नायडू के जिम्मे आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय की कमान थी। मंगलवार को पीएमओ की ओर से ट्वीट कर जानकारी दी गई कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को दिया गया है। इसके अलावा शहरी विकास मंत्रालय का अतिरिक्त जिम्मा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर को दिया गया है।
    बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि संसदीय बोर्ड के सभी सदस्यों और सहयोगी दलों से चर्चा करने के बाद वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाने का निर्णय किया गया। पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर नायडू को उपराष्ट्रपति पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार बताया।
    वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित होते ही तमाम नेताओं और राजनीतिक दलों ने उन्हें बधाई दी। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने नायडू को समर्थन देने की बात कही, तो वहीं टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) की के कविता ने साफ किया कि उनकी पार्टी नायडू की उम्मीदवारी का समर्थन देगी।
    महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडनवीस ने बताया कि वे नायडू के लिए खुश हैं और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए उनसे बेहतर और कोई नहीं हो सकता था। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बधाई देते हुए कहा कि वेंकैया सिर्फ राजनीतिज्ञ ही नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। राजस्थान से बीजेपी सांसदों ने वेंकैया नायडू से मुलाकात कर उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने पर बधाई दी। (आज तक)

    ...
  •  


  • नई दिल्ली, 18 जुलाई। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बीते बुधवार (12 जुलाई) को मिला सफेद पाउडर पीईटीएन (पेंटारिथ्रिटॉल टेट्रानाइट्रेट) विस्फोटक नहीं था। आगरा की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (एफएसएल) पाउडर की जांच के बाद इस नतीजे पर पहुंची है।
    सूत्रों के हवाले से आगरा की प्रयोगशाला को विस्फोटकों की जांच में विशेषज्ञता हासिल है। इस मामले की जांच कर रही एनआईए  ने भी उससे परीक्षण के निष्कर्ष की पुष्टि की है। एनआईए को भी यही बताया गया है कि वह पाउडर पीईटीएन नहीं है। प्रयोगशाला की ओर से कहा गया है कि विस्फोटकों के परीक्षण में विशेषज्ञता रखने वाली अन्य एफएसएल से जांच कराने पर भी यही निष्कर्ष मिलेगा।
    14 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद विधानसभा में शुरुआती परीक्षणों का हवाल देते हुए बताया था कि सदन में मिला पदार्थ घातक किस्म का विस्फोटक पीईटीएन है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले की जांच का जिम्मा एनआई को भी सौंप दिया था। सदन में समाजवादी पार्टी के नेता मनोज पाण्डेय की कुर्सी के नीचे करीब 150 ग्राम सफेद रंग का पाउडर का एक पॉलीपैक में लिपटा मिला था। (टाईम्स ऑफ इंडिया)

    ...
  •  


  • नई दिल्ली: विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी ने आज अपना नामांकन भरा. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा इस मौके पर कुछ अन्य कांग्रेसी नेता भी मौजूद थे. हाल ही में उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष ने एक बैठक के बाद गोपाल कृष्ण गांधी सहमति जताई थी. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में हुई इस बैठक में जेडीयू, आरजेडी, टीएमसी, सपा, बसपा समेत 18 दलों के नुमाइंदे शामिल हुए थे. राष्ट्रपति चुनाव में अलग राह अपनाने वाली जेडीयू भी विपक्ष के साझा उम्मीदवार के साथ खड़ी दिख रही है. शरद यादव नामांकन के दौरान मौजूद थे. इनके अलावा लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी और डेरेक ओब्रायन भी साथ में थे.
    नामांकन भरने के बाद मीडिया से बात करते हुए गांधी ने कहा, मैं निर्दलीय हूं. मैं किसी दल से नहीं जुड़ा हूं. 18 दलों ने मुझे समर्थन दिया है. उन  सभी के समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता हूं. विपक्ष के उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी ने कहा कि जनता का राजनीति में विश्वास कम हुआ है. मैं उसका पुनरुद्धार होते देखना चाहूंगा.
    उन्होंने कहा कि हम विभाजन के दौर में रह रहे हैं. एक पूरा बल हमारे देश को बांटने के काम में सक्रिय है और यह खतरे का संकेत है. आज ही सत्ता पक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी वेंकैया नायडू ने भी पर्चा भरा.
    इससे पहले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष की तरफ से गोपाल कृष्ण गांधी को उतारने की बातें सामने आ रही थीं, लेकिन बाद में मीरा कुमार के नाम पर मुहर लगी.
    गोपालकृष्ण गांधी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं. वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते हैं. विपक्ष की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, सपा की ओर से नरेश अग्रवाल, बसपा की ओर से सतीश मिश्रा, नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, जदयू की ओर से शरद यादव मौजूद थे. 
    दरअसल इसके पीछे भी सियासी वजहें हैं. महात्‍मा गांधी के सबसे छोटे पौत्र गोपाल गांधी की पारिवारिक जड़ें गुजरात में हैं. इस लिहाज से विपक्ष का मानना है कि उनके उम्‍मीदवार बनने से पीएम मोदी के लिए भी राजनीतिक स्थिति सहज नहीं होगी. संभवत: इन्‍हीं वजहों से नीतीश-लालू से लेकर सपा और बसपा को उनकी उम्‍मीदवारी सूट करती है. कांग्रेस से भी गोपाल गांधी के अच्‍छे रिश्‍ते हैं. उसकी बानगी इस बात से समझी जा सकती है कि कांग्रेस ने ही 2004 में उनको पश्चिम बंगाल का राज्‍यपाल नियुक्‍त किया था. उस दौरान पश्चिम बंगाल में वामपंथी सरकार के समय गांधी की राज्‍यपाल के रूप में सक्रियता की तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी भी प्रशंसक रहीं. इस लिहाज से माना जा रहा है कि तृणमूल भी उनके नाम पर मुहर लगाने में गुरेज नहीं करेगी. उल्‍लेखनीय है कि नौकरशाह से लेकर राजनयिक राजदूत के लंबे अनुभव के धनी गांधी लेखन और बौद्धिक जगत में अपनी खास पहचान रखते हैं. (ndtv)

    ...
  •  


  • नई दिल्ली, 18 जुलाई । संसद के मानसून सत्र के दौरान बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती काफी नाराज हो गईं। वह यूपी के सहारनपुर में हुई हिंसा का मुद्दा उठाना चाहती थीं। राज्यसभा में मायावती ने केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। मायावती ने राज्यसभा में सहारनपुर मामले का मुद्दा उठाया। मायावती ने कहा कि पूरे देश में जहां पर भी बीजेपी की सरकार है वहां पर दलितों पर अत्याचार हो रहा है। सहारनपुर की हिंसा साजिश की तहत की गई।
    मायावती इस दौरान राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन पर भड़क गईं। यह मुद्दा उठाने की इजाजत नहीं दिए जाने से वह इतनी नाराज हो गईं कि उन्होंने सदन में ही इस्तीफा देने की धमकी तक दे डाली। बाद में उन्होंने सदन से बाहर आकर इस्तीफा देने की बात कही। वैसे अभी तक उन्होंने लिखित में राज्यसभा के उपसभापति को इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन नाराज मायावती जैसे ही सदन से बाहर गईं कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने भी सदन से वॉक आउट कर दिया। 
    मायावती के समर्थन में कांग्रेस पार्टी के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि देश में दलितों, किसानों  और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है। उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है और न ही विपक्षी दलों को बोलने दिया जा रहा है। 
    इस मौके के बाद मायावती पर हमला करते हुए बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मायावती ने उपसभापति का अपमान किया है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। इस पूरे मामले पर कांग्रेस के अलावा लेफ्ट के नेताओं ने भी मायावती का साथ दिया। (एनडीटीवी)

     

    ...
  •  


  • जवाबी कार्रवाई में 4 पाक सैनिक ढेर
    नई दिल्ली। पाकिस्तान की ओर से जारी गोलीबारी में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया है। राजौरी सेक्टर पर सुबह करीब 7.30 बजे से पाकिस्तान लगातार सीजफायर कर रहा है। पाकिस्तानी गोलीबारी में नायक मुदसीर अहमद शहीद हो गए हैं, अहमद जिस बंकर में मौजूद थे उसी बंकर में पाकिस्तानी सेना की ओर से मोर्टार दागे गए। नायक मुदसीर अहमद 37 साल के थे जो कि पुलवामा के त्राल से ही थे।
    पाकिस्तान सेना ने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पुंछ के बालाकोट और राजौरी के मंजाकोट में युद्ध विराम का फिर उल्लंघन किया। इस सीजफायर में 8 वर्षीय लड़की सजीदा काफील ने अपनी जान गंवा दी है। साथ ही इस  सीजफायर में एक महिला घायल भी हुई है। इससे पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर हुई संघर्ष विराम उल्लंघन की घटना में भारतीय सैनिकों ने करारा जवाब दिया। भारतीय सेना ने उनके वाहन पर गोलीबारी की। इसके कारण उनके चार जवान नदी में डूब गए।
    पाकिस्तानी सेना एलओसी पर बीजी सेक्टर में 0730 घंटों से छोटे हथियार, आटोमैटिक्स और मोर्टारर्स की अकारण और अंधाधुंध फायरिंग कर रही है। भारतीय सेना भी इसका जोरदार और प्रभावी ढंग से जवाब दे रही है। सूत्रों का कहना है कि भारी मोर्टार गोलाबारी जम्मू में पूंछ के बिम्बर गली क्षेत्र में चल रहा है।
    प्रधानमंत्री मुहम्मद नवाज शरीफ ने रविवार को आरोप लगाया है कि नीलम घाटी में पाकिस्तान की सेना की जीप पर भारत की गोलीबारी ने 4 सैनिक कर्मियों को डूबने और हत्या कर दी थी।
    पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पीओके में मुजफ्फराबाद से 73 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आठमुकाम में नीलम नदी के पास चल रहे वाहन को निशाना बनाया गया।
    पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मुजफ्फराबाद से 73 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आठमुकाम में नीलम नदी के पास चल रहे वाहन को निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया, गोलीबारी से वाहन नदी में गिर गया। उन्होंने बताया कि एक सैनिक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि चार में से तीन की खोज जारी है। 
    नियंत्रण रेखा संघर्ष विराम उल्लंघन की घटना में चार सैनिक मारे गए। हाल ही में राजौरी के मंजाकोट इलाके में पाकिस्तान की बिना किसी उकसावे के की गई इस गोलीबारी में भारतीय सेना के जवान नांसलायक मोहम्मद नसीर शहीद हो गए। पाकिस्तानी सेना ने छोटे एटोमेटिक हथियारों और मोर्टार से हमले किए। भारत की ओर से भी दोनों जगहों पर प्रभावी और मुंहतोड़ जवाब दिया गया।
    (आज तक)

    ...
  •  


  • नई दिल्ली। पीएम मोदी कई मौकों पर अपनी सक्रियता और कुछ अलग हटकर काम से अक्सर लोगों को चौंका देते हैं। सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी वोटिंग शुरू होने से 10 मिनट पहले की मतदान केंद्र पर पीएम मोदी के पहुंचने पर अधिकारी हौरान रह गए। पीएम मोदी वोटिंग टाइम शुरू होने का इंतजार करते दिखे। हैरान अधिकारियों से मोदी ने कहा कि वे स्कूल भी टाइम से पहुंचते थे।
    सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ। सत्र शुरू होने से पहले 10 बजे राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शुरू होने वाला था। पीएम मोदी 10 बजने में 10 मिनट बाकी था तभी संसद भवन में बने मतदान केंद्र पर पहुंच गए। पीएम मोदी को जल्दी पहुंचे देखकर अधिकारी भी असमंजस में पड़ गए। हालांकि, पीएम मोदी ने इंतजार किया और तय समय पर मतदान किया। उनके साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे।
    देश के 14वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए एनडीए ने रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाया है जबकि विपक्ष ने मीरा कुमार पर दांव खेला है। रामनाथ कोविंद की जीत पक्की मानी जा रही है। विपक्षी खेमे में फूट के कारण कोविंद की जीत का अंतर भी बढ़ता दिख रहा है। जेडीयू, बीजेडी समेत कई विपक्षी दलों ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का ऐलान किया है।
    सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ। सत्र शुरू होते ही अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं पूर्व लोकसभा सांसद विनोद खन्ना, अनिल माधव दवे को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। इससे पहले संसद सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मानसून सत्र का प्रारंभ हो रहा है। गर्मी के बाद, पहली वर्षा एक नई सुगंध मिट्टी में भर देती है, वैसे यह मानसून सत्र जीएसटी की सफल वर्षा के कारण, पूरा सत्र नई सुगंध और नई उमंग से भरा हुआ होगा। उन्होंने जीएसटी का नया नाम देते हुए कहा- 'ग्रोविंग स्ट्रांगर टूगेदर'। यह जीएसटी की स्पिरिट का दूसरा नाम है। यह सत्र भी उस जीएसटी स्पिरिट के साथ आगे बढ़े।
    संसद के इस सत्र में सरकार 16 नए विधेयकों को संसद में पारित कराने की कोशिश करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि ये सत्र काफी महत्वपूर्ण है। पंद्रह अगस्त को आजादी के सात दशक पूरे हो रहे हैं। नौ अगस्त को सत्र के दरम्यान ही अगस्त क्रांति के 75 साल हो रहे हैं। 'क्वाइट इंडिया' मूवमेंट के 75 साल का यह अवसर है। यही सत्र है जब देश को नए राष्ट्रपति और नए उपराष्ट्रपति चुनने का अवसर मिला है। 
    एक प्रकार से राष्ट्र जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाओं से भरा हुआ यह कालखंड है और इसलिए स्वाभाविक है कि देशवासियों का ध्यान हमेशा की तरह इस मानसून सत्र पर विशेष रहेगा। (आज तक)

    ...
  •  


  • नई दिल्ली। दुनिया भर में आतंकी संगठन आईएस का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसी सिलसिले में भारत ने आतंकी सगठन के खिलाफ ठोस कदम उठाते हुए पहली बार फिलीपींस को 5 लाख डॉलर यानी तकरीबन 3.2 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी है। फिलीपींस के दक्षिण मनीला से लगभग 800 किसी दूर मारावी शहर में सेना और आईएस के आतंकियों के बीच संघर्ष चल रहा है।

    आतंकी समूह आईएस से लड़ने के लिए भारत ने पहली बार किसी अन्य देश की सहायता की है ताकि वह खुद को घातक आतंकी समूहों से बचा सके।

    इस संकट से निपटने के लिए आर्थिक मदद करने वालों में भारत अब सबसे बड़ा देश है। फिलीपींस के नए दोस्त चीन ने भी इस संकट की स्थिति में उन्हें 2 करोड़ रुपये  के आसपास की आर्थिक मदद दी है।

    भारत की तरफ से यह सहायता विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और फिलीपींस के विदेश मंत्री अलन पीटर काएटानो के बीच 6 जुलाई को हुई बातचीत के बाद दी गई है। मनीला में भारतीय दूतावास की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'मारावी सिटी में लोगों के मारे जाने पर सुषमा स्वराज ने शोक व्यक्त किया है।'

    अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, फिलीपींस की सेना और आईएस के आतंकियों के बीच चल रहा संघर्ष 26/11 की तरह है, जो पिछले सात हफ्तों से जारी है। इस संघर्ष में अब तक सेना के 90 जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि दो दर्जन से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हुई है। वहीं सेना द्वराा 380 आतंकियों को इस मुठभेड़ में ढेर किया गया है। पुलिस के अधिकारी ने बताया कि शहर में अभी भी 100 से ज्यादा आतंकियों के छुपे होने की खबर है। आतंकियों के साथ संघर्ष फिलहाल जारी है।

    ...
  •