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रामदेव चाहते हैं कि उन पर लिखी किताब कोई न पढ़े, लेकिन अब इसी वजह से सब उसे पढऩा चाहते हैं!


दिल्ली की एक जिला अदालत ने बाबा रामदेव के ऊपर लिखी किताब गॉडमैन टू टायकून- द अनटोल्ट स्टोरी ऑफ बाबा रामदेव की बिक्री पर पाबंदी लगा दी है। अदालत में दाखिल याचिका में रामदेव की तरफ से कहा गया था कि इस किताब के कई हिस्से मनगढ़ंत हैं और इसके बाजार में आने से उनकी छवि खराब होगी। इस खबर के चलते यह किताब और रामदेव आज सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग टॉपिक्स में शामिल रहे हैं।
पेशे से पत्रकार प्रियंका पाठक नारायण की लिखी यह किताब जगरनॉट बुक्स से प्रकाशित हुई है। अपनी वेबसाइट पर जारी एक स्टेटमेंट में जगरनॉट बुक्स ने कहा है कि इस मामले में लेखिका और प्रकाशन कंपनी का पक्ष सुने बिना ही कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। सोशल मीडिया में इस आदेश और रामदेव के रवैए पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं। प्रसिद्ध इतिहासकार रामचंद्र गुहा का ट्वीट है, श्री अरुण जेटली ने एक बार बाबा रामदेव की तुलना महात्मा गांधी से की थी। लेकिन क्या गांधी कभी-भी सच्चाई उजागर करने वाले लेखकों या प्रकाशकों से भयभीत हुए थे?
अपने अटपटे फैसलों से कई फिल्मकारों की आंखों की किरकिरी बन चुके पहलाज निहलानी को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह जाने-माने गीतकार प्रसून जोशी को नया अध्यक्ष बनाया गया है। सोशल मीडिया में केंद्र सरकार के इस फैसले का भरपूर स्वागत हुआ और पहलाज निहलानी को लेकर यहां एक से बढ़कर एक मजेदार टिप्पणियां आई हैं। ट्विटर पर अमन ने लिखा है, कॉर्पोरेट की दुनिया में उन लोगों को नौकरी से निकाला जाता है जिनका प्रदर्शन कमतर रहता है... लेकिन वे (पहलाज निहलानी) ज्यादा प्रदर्शन के चलते पद से हटाए गए हैं... वहीं रंजन नायक की चुटकी है, मैं पहलाज निहलानी को मिस करूंगा क्योंकि उनकी वजह से ही पता चलता था कि कौन सी फिल्म में कौन सा सीन है।
इन दोनों मामलों पर सोशल मीडिया में आई कुछ और टिप्पणियां-
रमेश श्रीवत्स- अदालतें किताबों पर भी प्रतिबंध लगा सकती हैं? क्या ऐसा कुछ बचता है जो जज न कर सकते हों? ऐसा लग रहा है कि उनके पास खूब ताकत है और वह भी बिना किसी चुनावी मुश्किल के।
आदर्श निगम- यह (गॉडमैन टू टायकून- द अनटोल्ट स्टोरी ऑफ बाबा रामदेव) साल की सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब होने जा रही है। लेखिका और प्रकाशक को बाबा रामदेव का आभारी होना चाहिए।
शकुनि मामा- रामदेव चाहते हैं कि उन पर लिखी किताब कोई न पढ़े, लेकिन अब इसी वजह से सब उसे पढऩा चाहेंगे...
रुचि कोकचा- प्रिय बाबा रामदेव, अगर आपको किताब से कोई दिक्कत है तो उसे मत पढि़ए। लेकिन एक स्वतंत्र देश में किताब पर पाबंदी शर्मनाक है....
डेनियल फर्नांडिज- जिस दिन 'टॉयलेट- एक प्रेम कथाÓ रिलीज हुई, पहलाज निहलानी को उसी दिन पद से हटाया गया। मुझे इस बात की खुशी है कि भारत आखिरकार साफ-सफाई को गंभीरता से ले रहा है।
ट्रेंडुलकर- पहलाज निहलानी को पद से हटा दिया गया है। अब फिल्मों का मार्केटिंग बजट बढऩे वाला है। (सत्याग्रह)


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