विशेष रिपोर्ट

पति लापता, समाज ने विधवा बनने का सुनाया फरमान





हुक्का-पानी बंद, कार्रवाई के बजाय राजीनामे का दबाव बना रही पुलिस 

राजेश अग्रवाल
बिलासपुर, 10 अगस्त (छत्तीसगढ़) । एक मजदूर महिला का पति तीन साल से लापता है। पुलिस उसे खोज निकालने में नाकाम रही है। समाज के लोगों ने पांच दिन पहले बैठक लेकर उससे चूड़ी उतारने और सिंदूर पोछने का फरमान दिया। महिला ने थाने में अगले ही दिन इसकी शिकायत की मगर अब तक आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है, बल्कि कुछ रुपये लेकर उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। 

मामला पचपेड़ी थाने ग्राम बिनौरी का है। पांच बच्चों के पिता चंद्रभान कुर्रे (40 साल) मानसिक तनाव के चलते तीन साल पहले गांव छोड़कर कहीं चला गया। आज तक उसका पता नहीं चला है। चंद्रभान की पत्नी गुलाबाबाई ने पुलिस में इसकी शिकायत की और अब तक वह अपने स्तर पर पति की खोजबीन कर रही है। बीते चार अगस्त को गांव के सतनामी समाज की बैठक हुई। इसमें महिला को बुलाकर कहा गया कि तुम्हारा पति इतने दिनों से नहीं लौटा है। यह निश्चित है कि उसकी मौत हो चुकी है। इसलिए अब वह गांव में विधवा की तरह रहे। महिला से उन्होंने अपना सिंदूर पोंछने और चूड़ी उतारने का फरमान दिया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो शिकायत के अनुसार बैठक में पहुंचे संतोष सतनामी, भुवन, मालिकराम आदि ने उसके साथ गाली-गलौच भी किया। बैठक में महिला का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। महिला गुलाबाबाई अगले ही दिन पचपेड़ी थाना पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसके घर के सामने मूत्र त्याग करने का उसने विरोध किया था, जिसके कारण आरोपियों ने उसके साथ झगड़ा किया था और सामाजिक बहिष्कार करने की धमकी देकर गए थे। रोजी-मजदूरी कर बच्चों का पेट पाल रही गुलाबा की आर्थिक स्थिति पहले से खराब है, अब गांव में मजदूरी नहीं मिलने के कारण उसे व उसके बच्चों के भूखों मरने की नौबत आ गई है। 
शिकायत लेकर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे महिला पर वह समझौते के लिए दबाव डाल रही है। महिला ने पुलिस की बात नहीं मानी है। उसने कहा कि समाज की बैठक में भला-बुरा कहा गया, उसके साथ भी गाली गलौच की गई। उसके सम्मान को ठेस पहुंची है, वह समझौता नहीं आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहती है। 
मामले ने कल जब तूल पकड़ा तब भी पुलिस का रवैया ढीला ही रहा। उसने गांव पहुंचकर मामले की जांच करने के बजाय पीडि़त महिला को ही थाने में बुलाया है। महिला ने बताया कि सफर के खर्च की व्यवस्था कर वह आज दोपहर बाद थाने जाएगी। 
इधर थानेदार के डी प्रभाकर इस तरह की कोई शिकायत मिलने से ही इनकार कर रहे हैं। एसडीएम कीर्तिमान राठौर ने माना कि शिकायत की जानकारी मिली है। दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश देने के लिए थानेदार से कहा गया है। एडिशनल एस पी अर्चना झा के मुताबिक शिकायत पर जांच शुरू की गई है। गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया जाएगा। 

 




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