सोशल मीडिया

सोशल मीडिया पर भाजपा की असली परीक्षा बेटी बचाओ और पार्टी बचाओ में से क्या!


हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला द्वारा एक आईएएस अधिकारी की बेटी से छेडख़ानी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले पर आज पहली बार सुभाष बराला का बयान आया है।
 उन्होंने कहा है, वर्णिका (पीडि़ता) मेरी बेटी की तरह है। उसे न्याय जरूर मिलेगा। विकास के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। मेरा और बीजेपी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं। सोशल मीडिया पर इस बयान के जिक्र के साथ लोगों ने हरियाणा भाजपा अध्यक्ष की जमकर आलोचना की है। ट्विटर पर समर की टिप्पणी है, सुभाष बराला का कहना है कि वर्णिका मेरी बेटी की तरह है... लेकिन अपनी बहन का पीछा करना भी तो अपराध है... यह कोई घर-परिवार का मामला नहीं है।
गुजरात से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए आज मतदान हुआ है। भाजपा की तरफ से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह मैदान में हैं। जबकि कांग्रेस की तरफ से करीब 20 साल राज्यसभा सदस्य रह चुके अहमद पटेल की दावेदारी है। पटेल और शाह की राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते यह यह चुनाव लंबे अरसे से सुर्खियों में है। सोशल मीडिया में आज इस चुनाव से जुड़ी हर अपडेट पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
इन दोनों मामलों पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
योगेंद्र यादव- 'बेटी बचाओÓ का नारा देना सबसे आसान है। असली परीक्षा तब है जब बेटी बचाओ और पार्टी बचाओ में से चुनना पड़े। भारतीय जनता पार्टी की असली परीक्षा अब है।
गुज्जू राष्ट्रवादी- बराला साहब कह रहे हैं कि वर्णिका मेरी बेटी जैसी है, इसलिए भक्तों का कहना है कि छोटा बराला राखी बंधवाने के लिए पीछा कर रहा था।
दिनेश त्रिपाठी- विकास बराला 'बेटी बचाओÓ के नारे के तहत उस बेटी को घर तक सुरक्षित छोडऩे के मकसद से पीछा कर रहे थे, हरियाणा सरकार इस पुनीत कार्य के लिए विकास बराला को सम्मानित कर सकती है....
हर्ष वेगदा- अमित शाह - अगर चित आया तो मैं जीता और पट आया तो तुम हारे।
शरद शर्मा- अहमद पटेल जिस खेल के पुराने खिलाड़ी हैं, उस खेल में आजकल अमित शाह छाए हुए हैं। वैसे नया जीते या पुराना, आम आदमी को प्याज-टमाटर उसी रेट पर मिलेंगे। (सत्याग्रह)

 


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