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आवाज की दुनिया में गुड कॅरियर




इस 21वीं सदी में मनोरंजन से संबंधित अनेक उद्योगों में क्रांति आई है। जैसे रेडियो और टी.वी. के असंख्य चैनल्स आज काम कर रहे हैं और उन सबका वाइस एक्टिंग की आवश्यकता होती ही है। इसलिए इस शताब्दी में वाइस एक्टर का करियर करने के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उदाहरणार्थ एमिनेशन बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को आज कार्टून चैनल्स अतिशय भा रहे हैं और इन्हें वाइस एक्टर की महती आवश्यकता होती है। आजकल भारत में भी अन्य देशों की भांति एमिनेशन इडंस्ट्री बहुत तरक्की कर रही है। इस इंडस्ट्री में यदि हमारे पास आवाज का हुनर है तो यश और पैसा दोनों भरपूर मिलता है।
रेडियो तो शुरू से ही आवाज का माध्यम रहा है। यहां तो अनाऊंसर के बगैर तो काम ही नहीं चलता। जैसी संख्या न आवाज की दुनिया में नई क्रांति ला दी है।
डबिंग- भारत एक बहुभाषिक राष्ट्र होने के नाते यहां डबिंग का व्यवसाय बहुत और हॉलीवुड की कई फिल्में हिन्दी में डब की गई है। इसलिए इस क्षेत्र में आवाज का बड़ा महत्व है। और वाइस एक्टर का अपार संभावनाएं उपलब्ध है।
विडीयो गेम्स- इसमें अनेक सूचनाओं और संवादों का समावेश रहता है जिसे वाइस एक्टर द्वारा कराया जाता है। इसलिए इस क्षेत्र में भी काम और पैसा दोनों ही पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होता है।
पब्लिसिटी- पब्लिसिटी का युग ही है। ऐसा 21वीं शताब्दी को कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इसमें संचालन और जिंगल्स गाने के लिए वाइस एक्टर की काफी डिमांड होती है। इसके साथ-साथ इस क्षेत्र में प्रमोशनल विडियो, सेल्स प्रेजेंटेशन और चुनावी प्रचार का क्षेत्र भी काफी लाभदायक सिद्ध हो रहा है।
मिमिक्री (नकल)- नकल का क्षेत्र तो आजकल बहुत ही सफलता प्राप्त कर रहा है। कोई एंग्री यंग मेन अमिताभ बच्चन की आवाज निकाल कर दर्शकों को खुद अमिताभ बच्चन होने का आभास कराता है तो कोई शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा का। कोई अमरीशपुरी का तो कोई ओमपुरी का। इन सबको देखते हुए ये दावे के साथ कहा जा सकता है कि आज की तरुण पीढ़ी के पास यदि आवाज का टेलेंट है तो वह अपना कैरियर बना सकता है। अच्छी सेलरी, अच्छा यश, अच्छा स्टेट्स भी प्राप्त कर सकता है। युवाओं को बेझिझक इस क्षेत्र में उतरना चाहिए।




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